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Last Updated:December 11, 2025, 18:23 IST

Jhunjhunu News : चिड़ावा में सामने आए इस चौंकाने वाले मामले ने भरोसे, मासूमियत और रिश्तों पर गहरी चोट की है. पड़ोस में रहने वाले युवकों ने बच्चों से दोस्ती कर 30 लाख रुपये के सोने के गहने साफ कर दिए. आरोपियों ने 13 वर्षीय बच्चे को डरा-धमकाकर आलमारी की चाबी तक हासिल की और बहन ने महिला सदस्य को बहाने से बाहर ले जाकर घर खाली करवाया. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य भूमिका निभाने वाली महिला अभी फरार है.

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भरोसे का ऐसा खतरनाक खेल! पड़ोसियों ने बच्चे को धमकाया, चाभी ली,खंगाल दी आलमारी

कृष्ण सिंह शेखावत/झुंझुनूं. चिड़ावा कस्बे में एक ऐसी चोरी का खुलासा हुआ है, जिसने परिवार, विश्वास और मासूमियत- तीनों को गहरे झटके में डाल दिया. घर के पास रहने वाले युवक पहले बच्चों से दोस्ती करते हैं, फिर धीरे-धीरे परिवार का भरोसा जीतते हैं और अंततः उसी भरोसे का फायदा उठाते हुए करीब 30 लाख रुपये के सोने के जेवरात साफ कर देते हैं. हैरानी की बात यह है कि साजिश इतनी सोची-समझी थी कि इसमें बच्चों को डरा-धमकाकर आलमारी की चाबी तक निकलवाई गई और वारदात के दिन आरोपी की बहन ने घर की महिला सदस्य को योजना के तहत बाहर ले जाकर घर को बिल्कुल खाली कर दिया. चिड़ावा पुलिस ने इस बड़े ब्रेकेथ्रू में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया है.

इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत तब हुई जब चिड़ावा कस्बे के रहने वाले आरिफ ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके पड़ोसी विशाल भालोठिया और उसके साथियों ने उसके दो बेटों से दोस्ती कर पहले घर में आने-जाने का मौका बनाया और फिर उसके छोटे 13 वर्षीय बेटे को डरा-धमकाकर घर की आलमारी की चाबी हासिल कर ली. आरिफ के अनुसार आलमारी में रखे करीब 30 लाख रुपये के सोने के जेवरात कुछ ही दिनों में गायब हो गए. यह बात परिवार को तब पता चली जब वे दूसरी शादी में जाने के लिए गहने निकालने लगे.

कैसे रची गई चोरी की पूरी साजिश?मामले की जांच एसआई कैलाशचंद्र को सौंपी गई. जांच में जो कहानी सामने आई, उसने पुलिस को भी चकित कर दिया. आरोपी विशाल भालोठिया ने अपने साथियों विक्रांत और अतुल शर्मा के साथ मिलकर पहले आरिफ के दोनों बेटों से दोस्ती बढ़ाई. धीरे-धीरे तीनों का घर में आना-जाना बढ़ता गया और यहीं से साजिश का पहला कदम रखा गया.

डरा-धमकाकर मांगी अलमारी की चाभीइसके बाद आरोपियों ने 13 साल के छोटे बेटे को मानसिक रूप से डरा-धमकाकर आलमारी की चाबी मंगवाई. योजना के तहत वह दिन चुना गया, जब आरिफ का अधिकांश परिवार एक शादी में शामिल होने गया हुआ था. इसी बीच एक और चौंकाने वाली बात सामने आई- आरोपी की बहन ने उसी समय आरिफ की पत्नी को घर से बाहर ले जाने की भूमिका निभाई, ताकि घर बिल्कुल खाली रह जाए. जैसे ही मौका मिला, आरोपियों ने आलमारी खोलकर सारे सोने के गहने लेकर फरार हो गए.

सोना गलाने वाला कारीगर भी गिरफ्तारपुलिस ने मामले में स्यालू खुर्द, हाल पारस अस्पताल के पास रहने वाले विशाल भालोठिया, विक्रांत और अतुल शर्मा को गिरफ्तार किया है. चोरी किए गए सोने के गहनों को गलाने वाला कारीगर बरकत अली खान भी पुलिस की गिरफ्त में है, जो पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर जिले के गढ़बेता थाना क्षेत्र के बालाराम गांव का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने चोरी किए गए अधिकांश गहनों को गलाने की तैयारी कर ली थी, ताकि उन्हें आगे बेचकर रकम हासिल की जा सके.

आरोपी की बहन फरारइस पूरे गिरोह में शामिल आरोपी की बहन- जिसने वारदात वाले दिन आरिफ की पत्नी को बहाने से घर से बाहर ले जाकर चोरी के लिए रास्ता साफ किया- अभी फरार है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है. इसके अलावा घटना में शामिल अन्य संभावित लोगों की भी पहचान की जा रही है. झुंझुनूं पुलिस की यह कार्रवाई न केवल बेहतरीन जांच का उदाहरण है बल्कि यह भी याद दिलाती है कि विश्वास का दायरा गलत हाथों में पड़ जाए तो उसका दुरुपयोग किस हद तक हो सकता है. मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस ऐसे सभी पहलुओं को खंगाल रही है, जिससे चोरी की यह जटिल साजिश पूरी तरह उजागर हो सके.

About the AuthorAnand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

Location :

Jhunjhunu,Rajasthan

First Published :

December 11, 2025, 18:20 IST

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