उदयपुर हेलिकॉप्टर बारात. Udaipur Helicopter Wedding Gujarat 2025

उदयपुर: उदयपुर जिले के खेरवाड़ा उपखंड के बावलवाड़ा गांव में बुधवार को ऐसी शादी देखने को मिली, जिसे ग्रामीण आने वाले कई सालों तक याद रखेंगे. यहाँ दूल्हा प्रग्नेश पंचाल अपनी बारात किसी साधारण गाड़ी या बैंड-बाजे के साथ नहीं ले गया, बल्कि एक हेलिकॉप्टर में सवार होकर गुजरात के साबरकांठा जिले के चिठोड़ा गांव में अपनी दुल्हन लेने पहुंचा. इस अनोखी पहल ने पूरे क्षेत्र में सुर्खियाँ बटोरी हैं.
बारात की उड़ान के लिए बावलवाड़ा स्थित डाक बंगला सीनियर स्कूल के खेल मैदान में अस्थायी हेलिपैड तैयार किया गया था. सुरक्षा के मद्देनज़र यहाँ एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड भी तैनात थे. जैसे ही हेलिकॉप्टर आसमान में दिखा, पूरा गांव देखने दौड़ पड़ा. कई लोग पहाड़ियों पर चढ़ गए, तो कई मैदान में पहुंचकर वीडियो बनाने लगे. ग्रामीण इस ‘हवाई बारात’ के दीवाने हो गए.
गुजरात में भी हेलिकॉप्टर देखकर उमड़ी भीड़
चिठोड़ा गांव में भी दूल्हे का यह अंदाज़ लोगों को आकर्षित कर गया. जैसे ही हेलिकॉप्टर गांव के ऊपर मंडराया और खेत के पास बने हेलिपैड पर उतरा, हजारों ग्रामीण इसे देखने के लिए उमड़ पड़े. दूल्हे का स्वागत ‘हीरो एंट्री’ की तरह किया गया. यह शादी दोनों राज्यों के सीमाई गांवों के लिए चर्चा का केंद्र बन गई.
शादी और विदाई का नज़ारा
शादी की रस्मों के बाद दूल्हा प्रग्नेश ने अपनी दुल्हन करीना को उसी हेलिकॉप्टर में बैठाया और वापस बावलवाड़ा के लिए उड़ान भरी. विदाई का यह नज़ारा किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था.
विदाई के समय हेलिकॉप्टर मात्र दो मिनट रुका, जिसके बाद उड़ान भरते ही आसमान तालियों और खुशी के नारों से गूंज उठा. दुल्हन को ‘हवाई जहाज़’ में विदा करवाकर लाने का दूल्हे का यह निर्णय परिवार और गांव के लिए एक यादगार पल बन गया.
क्षेत्र की पहली ‘हवाई बारात’ ने बटोरी सुर्खियाँ
बावलवाड़ा और आसपास के गांवों में यह पहली बार हुआ है कि कोई दूल्हा हेलिकॉप्टर से बारात लेकर गया और दुल्हन को हवाई जहाज़ की तरह विदा करवाकर लाया. गांव के बुजुर्गों ने कहा — “ऐसी बारात हमने जिंदगी में पहली बार देखी.”
युवाओं ने इसे “ड्रीम वेडिंग”, “फिल्मी शादी” और “लाइफटाइम मोमेंट” बताया. पूरे कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर छा गए हैं और यह शादी उदयपुर-गुजरात क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है. ग्रामीणों के अनुसार यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि गांव के इतिहास में दर्ज होने वाला पल था.



