Rajasthan

खेती में आया नया गेमचेंजर! मशरूम से युवाओं को रोजगार, किसानों की आय होगी दोगुनी

Last Updated:December 16, 2025, 12:48 IST

Mushroom farming : कम जमीन, कम पानी और कम लागत में ज्यादा मुनाफे का रास्ता अब किसानों के सामने खुल रहा है. जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित मशरूम खेती प्रशिक्षण ने युवाओं और किसानों को नई उम्मीद दी है. वैज्ञानिक तकनीक और मार्केटिंग के सही ज्ञान से मशरूम खेती अब रोजगार और आय बढ़ाने का मजबूत विकल्प बनती जा रही है.

जोधपुर : पौष्टिक गुणवत्ता एवं औषधीय महत्व की वजह से मशरूम की खेती में युवाओं व किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है. मशरूम उत्पादन आज के समय में रोजगार का एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है. साथ ही कम जगह, कम पानी और कम पूंजी में ये काम शुरू किया जा सकता है और सही तरीके से करने पर अच्छा मुनाफा भी मिलता है. यह विचार कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो डॉ वीएस जैतावत ने व्यक्त किए.

कुल गुरु प्रो जैतावत विश्वविद्यालय की किसान कौशल विकास केंद्र की ओर से 15 से 21 दिसंबर तक आयोजित ” मशरूम की खेती” प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती सीख कर एंटरप्रेन्योरशिप की दिशा में आगे बढ़े साथ ही दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करवाकर आर्थिक रूप से सक्षम बनायें.

प्रगतिशील किसानों से प्रतिभागियों का संवादकार्यक्रम के दौरान किसान कौशल विकास केंद्र के प्रभारी डॉ प्रदीप पगारिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए युवाओं व किसानों में कौशल संवर्धन के लिए केन्द्र की ओर से आयोजित किए जा रहे विभिन्न प्रशिक्षणों की जानकारी दी. कार्यक्रम के समन्वयक डॉ अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को बटन, ओयस्टर, मिल्की मशरूम उत्पादन की तकनीकी व प्रायोगिक जानकारी दी जाएगी. प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय में मौजूद मशरूम इकाई पर भ्रमण भी करवाया जाएगा. इस दौरान मार्केटिंग, सही कम्पोस्ट की पहचान, मशरूम के प्रसंस्कृत उत्पादों आदि की जानकारी प्रदान की जाएगी. डॉ मीणा ने बताया कि मशरूम उत्पादन करने वाले प्रगतिशील किसानों से भी प्रतिभागियों का संवाद करवाया जाएगा.

मशरूम खेती से किसानों की आय में हो सकता है दोगुना इजाफामशरूम की खेती किसानों के लिए पारंपरिक फसलों के साथ एक अतिरिक्त आय का मजबूत साधन बन सकती है. सीमित भूमि, कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को सालभर उत्पादन का अवसर देती है. विशेष बात यह है कि मशरूम की खेती को किसान अपने घर के एक कमरे, शेड या खाली गोदाम में भी शुरू कर सकते हैं. इससे खेती पर निर्भर परिवारों को निरंतर आय मिल सकती है और मौसम की अनिश्चितता का जोखिम भी कम होता है. प्रशिक्षण के माध्यम से वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन कर बाजार में अच्छे दाम प्राप्त कर सकते हैं.

मशरूम बना बेहतर विकल्पकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद एमपी सिंह भाटी पूर्व डीआईजी, बीएसएफ व अध्यक्ष, सीमा जन कल्याण समिति ने कहा कि युवा किसानो का रुझान परम्परागत खेती से आधुनिक खेती की तरफ बढ़ रहा है, जिसमें मशरूम की खेती बेहतरीन विकल्प है. उन्होंने मूल्य संवर्धन की महत्ता बताते हुए ड्राई मशरूम पाउडर बनाने , मार्केट की पहचान सहित मार्केटिंग पर भी फोकस की बात कही.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

Location :

Jodhpur,Rajasthan

First Published :

December 16, 2025, 12:46 IST

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कम जमीन-कम पानी में बड़ी कमाई, जोधपुर में मशरूम खेती बनी ताकत

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