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Ethiopia 1941 War History | PM Modi Shareed Ethiopia 1941 War History- इथोपिया में PM मोदी ने याद दिलाई 1941 की वो जंग, जब भारतीयों ने बदला था इतिहास, रोंगटे खड़े कर देगी ये कहानी

Last Updated:December 17, 2025, 19:29 IST

PM Modi Ethiopia Visit: पीएम मोदी ने इथियोपिया में 1941 की उस ऐतिहासिक जंग को याद किया, जब भारतीय सैनिकों ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इथियोपिया की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी. केरेन से अदिस अबाबा तक भारतीयों की वीरता ने इतिहास की दिशा बदल दी थी. फरवरी-मार्च 1941 में हुई केरेन की लड़ाई इस अभियान का टर्निंग पॉइंट थी. आइए पढ़ते हैं इसकी पूरी कहानी.जब भारतीयों ने बदला था इतिहास: इथोपिया में PM मोदी का 1941 जंग का जिक्र1941 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने इथियोपिया की आज़ादी के लिए ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी.

PM Modi Ethiopia Visit News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया की संसद में 1941 की एक जंग का जिक्र किया. यह महज एक ऐतिहासिक संदर्भ नहीं था बल्कि भारत और अफ्रीका के साझा संघर्ष और बलिदान की याद थी. अदिस अबाबा में दिए गए अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारतीय सैनिकों ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इथियोपिया की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी. यह जिक्र सुनते ही सदन तालियों से गूंज उठा और इतिहास का एक लगभग भुला दिया गया अध्याय फिर से जीवित हो उठा.

इससे पहले पीएम मोदी ने अदवा विजय स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी, जो 1896 में इटली के खिलाफ इथियोपिया की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है. उसी भूमि पर खड़े होकर 1941 की लड़ाई का जिक्र करना यह बताता है कि भारत और इथियोपिया के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं, बल्कि खून, पसीने और साझा संघर्ष से जुड़े हैं.

क्या थी 1941 की जंग?

1941 का साल पूरी दुनिया के लिए उथल-पुथल का दौर था. द्वितीय विश्व युद्ध अपने चरम पर था और इटली ने पहले ही 1935-36 में इथियोपिया पर कब्जा कर उसे अपनी कॉलोनी बना लिया था. इटली ने इथियोपिया, इरीट्रिया और सोमालिलैंड को मिलाकर ‘इतालवी पूर्वी अफ्रीका’ का गठन किया. जब 1940 में इटली युद्ध में उतरा तो ब्रिटिश साम्राज्य ने इस क्षेत्र को मुक्त कराने की रणनीति बनाई.

Credit: ibiblio.org

भारतीय सैनिक क्यों और कैसे पहुंचे इथियोपिया?

ब्रिटिश सेना के हिस्से के रूप में हजारों भारतीय सैनिकों को पूर्वी अफ्रीका अभियान (East African Campaign) में भेजा गया. जनवरी 1941 से ब्रिटिश जनरल विलियम प्लैट की कमान में 4th और 5th भारतीय इन्फैंट्री डिवीजनों ने सूडान के रास्ते इरीट्रिया पर हमला किया. दक्षिण से केन्या के रास्ते दक्षिण अफ्रीकी और अन्य मित्र सेनाएं आगे बढ़ीं. उत्तर की इस कठिन पहाड़ी लड़ाई में भारतीय सैनिकों की भूमिका निर्णायक साबित हुई.

केरेन की लड़ाई: जहां भारतीयों ने इतिहास रचा

फरवरी-मार्च 1941 में हुई केरेन की लड़ाई इस अभियान का टर्निंग पॉइंट थी. इरीट्रिया के दुर्गम पहाड़ी दर्रों में इतालवी सेना ने मजबूत मोर्चाबंदी कर रखी थी. राजपूताना राइफल्स, सिख रेजिमेंट और अन्य भारतीय टुकड़ियों ने भारी नुकसान उठाते हुए भी पीछे हटने से इनकार कर दिया. यह जीत इतालवी प्रतिरोध की रीढ़ तोड़ने वाली साबित हुई.

इथियोपिया की आजादी कैसे बहाल हुई?

केरेन के बाद भारतीय और मित्र सेनाएं इथियोपिया के भीतर तेजी से आगे बढ़ीं. अंबा अलागी की लड़ाई में इतालवी कमांडर ड्यूक ऑफ आओस्ता ने आत्मसमर्पण कर दिया. 5 मई 1941 को सम्राट हैले सेलासी की राजधानी अदिस अबाबा में वापसी हुई और इथियोपिया की स्वतंत्रता बहाल हो गई. भारतीय सैनिकों ने इथियोपियाई गुरिल्ला लड़ाकों ‘Arbegnoch’ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी.

Credit: Wikiwand

एक नजर में 1941 की ऐतिहासिक जंग

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पूर्वी अफ्रीका अभियान.
हजारों भारतीय सैनिक ब्रिटिश सेना का हिस्सा बने.
केरेन की लड़ाई में भारतीय रेजिमेंट्स की निर्णायक भूमिका.
अंबा अलागी में इतालवी कमांडर का आत्मसमर्पण.
5 मई 1941 को इथियोपिया की आजादी बहाल.
करीब 70,000 मित्र सेनाओं ने 3 लाख से अधिक इतालवी सैनिकों को हराया.

क्यों आज भी अहम है PM मोदी का यह जिक्र?

पीएम मोदी द्वारा 1941 की इस जंग को याद करना सिर्फ इतिहास को सलाम नहीं था, बल्कि भारत-अफ्रीका संबंधों की गहराई को रेखांकित करना भी था. यह कहानी बताती है कि भारतीय सैनिक केवल अपने देश के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया में आजादी और न्याय के लिए भी लड़े. यही कारण है कि इथियोपिया में आज भी भारतीय सैनिकों की वीरता को सम्मान के साथ याद किया जाता है.

About the AuthorSumit Kumar

सुमित कुमार हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

First Published :

December 17, 2025, 19:27 IST

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जब भारतीयों ने बदला था इतिहास: इथोपिया में PM मोदी का 1941 जंग का जिक्र

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