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एथेनॉल फैक्ट्री विवाद में बड़ा मोड़, हाईकोर्ट से मुख्य आंदोलनकारी को राहत, अब FIR और धारा 163 पर घमासान

Last Updated:December 18, 2025, 21:09 IST

Hanumangarh News : राठीखेड़ा एथेनॉल फैक्ट्री विवाद में एथेनॉल फैक्ट्री विरोध आंदोलन से जुड़े मुख्य आंदोलनकारी महंगा सिद्धू को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण विवाद से जुड़े एक अन्य मुकदमे ने भी तूल पकड़ लिया है.. बलकौर ढिल्लों ने एफआईआर पर सवाल उठाए, धारा 163 टिब्बी में लागू, प्रशासनिक फैसलों पर नजरें टिकी हैं.

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एथेनॉल फैक्ट्री विवाद: HC से महंगा सिद्धू को राहत, FIR और धारा 163 पर घमासान

राजू रामगढ़िया/हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र के राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है. आंदोलन, गिरफ्तारियों, मुकदमों और प्रशासनिक आदेशों के बीच यह मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है. ताजा घटनाक्रम में जहां मुख्य आंदोलनकारी को हाईकोर्ट से राहत मिली है, वहीं दर्ज मुकदमों की वैधता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं. साथ ही जिले में लागूधारा 163 को लेकर भी प्रशासन ने अहम फैसला लिया है.

एथेनॉल फैक्ट्री विरोध आंदोलन से जुड़े मुख्य आंदोलनकारी महंगा सिद्धू को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. महंगा सिद्धू को हनुमानगढ़ सदर पुलिस ने 19 नवंबर को गिरफ्तार किया था. उन पर नाकाबंदी तोड़ने, राजकार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था. गिरफ्तारी से पहले 19 नवंबर की अल सुबह टिब्बी क्षेत्र में पुलिस ने दबिश दी थी, जिसमें महंगा सिद्धू समेत कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया था. इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी, जबकि महंगा सिद्धू की गिरफ्तारी को आंदोलन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था. अब हाईकोर्ट से मिली जमानत को आंदोलनकारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.

एफआईआर की निष्पक्षता पर उठे सवाल
एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण विवाद से जुड़े एक अन्य मुकदमे ने भी तूल पकड़ लिया है. 10 दिसंबर को दर्ज एफआईआर को लेकर किसान नेता बलकौर ढिल्लों ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गंभीर सवाल उठाए हैं. बलकौर ढिल्लों का आरोप है कि उन्हें और कई अन्य लोगों को फर्जी तरीके से नामजद किया गया है. ढिल्लों के अनुसार 10 दिसंबर को दिन में वह पंजाब में मौजूद थे और शाम को पंजाब से सीधे अपने खेत पहुंचे थे. उनका दावा है कि उस दिन वे न तो टिब्बी में थे और न ही राठीखेड़ा में मौजूद थे. उन्होंने अपने पक्ष में साक्ष्यों के साथ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है और आरोप लगाया है कि एफआईआर में कई लोगों को जानबूझकर गलत तरीके से फंसाया गया है. इस याचिका पर जनवरी में सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.

धारा 163 को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसलाप्रशासनिक स्तर पर भी इस पूरे घटनाक्रम के बीच बड़ा फैसला लिया गया है. जिले में किसान महापंचायत को देखते हुए 17 दिसंबर को लागू की गई धारा 163 को जिला कलेक्टर खुशाल यादव ने वापस लेने के आदेश जारी कर दिए हैं. हालांकि टिब्बी क्षेत्र में फिलहाल धारा 163 लागू रहेगी. जानकारी के अनुसार टिब्बी में यह धारा एसडीएम द्वारा 18 नवंबर को लागू की गई थी. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि स्थिति की समीक्षा के बाद आने वाले दिनों में टिब्बी से भी धारा 163 हटाई जा सकती है.

कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई में उलझा आंदोलनकुल मिलाकर राठीखेड़ा एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब कानूनी लड़ाई, प्रशासनिक फैसलों और हाईकोर्ट की दखल के साथ और जटिल होता जा रहा है. एक तरफ आंदोलनकारियों को जमानत के रूप में राहत मिल रही है, तो दूसरी ओर दर्ज एफआईआर की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. आने वाले दिनों में हाईकोर्ट की सुनवाई और प्रशासन के अगले कदम इस पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

About the AuthorAnand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

Location :

Hanumangarh,Rajasthan

First Published :

December 18, 2025, 21:09 IST

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