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गार्डनिंग टिप्स: बैंगन की फसल हो रही है कमजोर? ये 7 देसी गार्डनिंग टिप्स बदल देंगी पूरा खेल

Last Updated:December 20, 2025, 23:32 IST

Baingan Ki Kheti Tips: घर के गार्डन में बैंगन उगाना आसान है, बस सही देखभाल जरूरी है. अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप, समय पर सिंचाई और जैविक खाद बैंगन की पैदावार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. कीटों से बचाव के लिए नीम आधारित उपाय कारगर होते हैं. सही दूरी पर पौधारोपण और समय-समय पर कटाई से फल ज्यादा और स्वस्थ मिलते हैं. इन आसान गार्डनिंग टिप्स को अपनाकर आप घर पर ताजा और स्वादिष्ट बैंगन उगा सकते हैं.बैंगन की गार्डनिंग

गार्डन में बैंगन की गार्डनिंग करते समय कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी होता है. सिरोही के मोहनसिंह अपने गार्डन में पिछले 3 सालों से बैंगन की गार्डनिंग कर रहे हैं. मोहनसिंह ने बताया कि बैंगन की गार्डन में अच्छी पैदावार के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. कीचन गार्डन में बैंगन उगाना टमाटर के मुकाबले काफी आसान है.

बैंगन की गार्डनिंग

बैंगन गर्मी में अच्छी पैदावार देने वाली सब्जी है. घर के बगीचे में इसे उगाते समय भरपूर धूप देना जरूरी है. बैंगन की रोपाई बड़े गमलों, कंटेनरों और सब्जी की क्यारियों में करनी चाहिए. इसे गर्मी के समय उगाने से काफी फायदा होता है. बैंगन के पौधे पाले के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं.

बैंगन की गार्डनिंग

अपने बगीचे में बैंगन की खेती के लिए ऐसी जगह का चयन करना चाहिए, जहां पौधों को पर्याप्त धूप मिल सके और तेज़ हवाओं से बचाव हो. बैंगन के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सही मानी जाती है. गर्मी के मौसम में उन्हें नियमित रूप से पानी देना चाहिए. बैंगन की तुड़ाई करते समय, इस बात का ध्यान रखें कि बैंगन की त्वचा चमकदार और भरी हुई हो. मुरझाई हुई त्वचा वाले फीके बैंगन सख्त होते है.

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बैंगन की गार्डनिंग

बैंगन के पौधे पर फल लगने के बाद फल ऊपर से भारी हो जाते हैं, तो पौधे को सहारे के लिए बांस या लकड़ी के सहारे रख दें. इससे फल खराब नहीं होते और पौधे को पर्याप्त धूप मिलती है. किस्म के मुताबिक बैंगन रोपण के करीब 60-70 दिनों में पककर तैयार हो जाते हैं. पकने के बाद बैंगन की त्वचा चमकदार और सख्त हो जाती है.

बैंगन की गार्डनिंग

अगर बैंगन को पौधे पर ज्यादा देर तक छोड़ने से बैंगन फीके पड़ जाएंगे और उनकी त्वचा सिकुड़ने लगेगी. इससे उनका गूदा सख्त हो जाता है. बैंगन को मुख्य पौधे से काटने के लिए धारदार कैंची या प्रूनिंग कटर का उपयोग करना चाहिए. बैंगन का कीट से बचाव भी जरूरी है.

बैंगन की गार्डनिंग

बैंगन के छोटे पौधे को स्लग और घोंघे काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इनसे बचाव के लिए पौधे के बीच बीयर से भरे बर्तन रख देने चाहिए. अगर बैंगन पर एफिड्स या कैटरपिलर का हमला होता है, तो उन्हें नियंत्रित करने के लिए इंसेक्ट स्प्रे का उपयोग किया जा सकता है.

First Published :

December 20, 2025, 23:32 IST

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