New Traffic Rules Training for Students.

Last Updated:December 21, 2025, 07:16 IST
Road Safety Education: बीकानेर शिक्षा विभाग अब सरकारी स्कूलों में ‘सड़क सुरक्षा क्लब’ गठित करने जा रहा है ताकि नाबालिग छात्रों में बढ़ते सड़क हादसों को रोका जा सके. नए शिक्षा सत्र से ये क्लब रैली और वर्कशॉप के जरिए ट्रैफिक नियमों की ट्रेनिंग देंगे. नियमों के तहत बाल वाहिनी की फिटनेस, हेलमेट की अनिवार्यता और नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्त पाबंदी लगाई जाएगी. साथ ही अभिभावकों को भी इस मुहिम से जोड़कर सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाया जाएगा.
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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ेंगे छात्र
बीकानेर. इन दिनों स्कूली बच्चों द्वारा तेज गति से बाइक और अन्य वाहन चलाने के कारण सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है. इन हादसों में न केवल बच्चे गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं, बल्कि कई बार उन्हें अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है. अक्सर देखा गया है कि अभिभावक भी बच्चों के वयस्क होने से पहले ही उन्हें वाहन उपलब्ध करा देते हैं, जबकि उनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस होता है और न ही ट्रैफिक नियमों की बुनियादी जानकारी. इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब स्कूलों और कॉलेजों में ‘सड़क सुरक्षा क्लब’ बनाने का निर्णय लिया है.
नए सत्र से ‘सड़क सुरक्षा क्लब’ की शुरुआतशिक्षा निदेशक की ओर से जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, आगामी नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही सभी सरकारी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लब गठित किए जाएंगे. ये क्लब न केवल छात्रों को बल्कि आम नागरिकों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेंगे. इन क्लबों के माध्यम से स्कूलों में रैली, वर्कशॉप और विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और सड़क हादसों में कमी लाना है.
बाल वाहिनी और सुरक्षा मानकों पर सख्तीविभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में संचालित ‘बाल वाहिनी’ (स्कूल वाहन) के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए. वाहनों की फिटनेस, निर्धारित गति सीमा और सुरक्षा मानकों की नियमित अंतराल पर निगरानी की जाएगी. इसके अलावा, शिक्षकों के लिए भी सड़क सुरक्षा क्षमता निर्माण कार्यशालाएं (Workshops) आयोजित की जाएंगी, ताकि वे विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन दे सकें.
नाबालिगों के वाहन चलाने पर रोक और जागरूकतासड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ के लिए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है. नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा वाहन चलाने पर सख्त रोक लागू की जाएगी और इस संबंध में अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा. विभाग ‘नो बैग डे’ और विद्यालय के अन्य प्रमुख कार्यक्रमों में भी ट्रैफिक जागरूकता को प्राथमिकता देगा, जिसमें ट्रैफिक सिग्नल और सुरक्षा उपकरणों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया जाएगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Bikaner,Bikaner,Rajasthan
First Published :
December 21, 2025, 07:16 IST
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नाबालिगों की ‘रफ़्तार’ पर लगेगी लगाम; सरकारी स्कूलों में बनेंगे ‘सड़क सुरक्षा..



