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Last Updated:December 22, 2025, 12:37 IST
Beti Born Celebration: बेटी के जन्म को लक्ष्मी का आगमन मानते हुए परिवार ने अनूठे अंदाज में खुशियां मनाईं. 35 साल बाद घर में बेटी के जन्म पर ढोल-नगाड़ों के साथ मिठाइयां बांटी गईं और पूरे इलाके में जश्न का माहौल रहा. यह आयोजन समाज में बदलती सोच और बेटी के सम्मान का संदेश देता है. लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से जोड़कर देखा.
बाड़मेर. कभी बाड़मेर में बेटी के जन्म की खबर घरों में खामोशी बनकर उतरती थी,आंखें झुक जाती थीं और खुशियां दम तोड़ देती थीं लेकिन आज वही बाड़मेर है जहाँ बेटी के आने की खबर पर ढोल बजते हैं, मिठाइयाँ बंटती हैं और जमकर नाच रहे है. तिलक नगर में एक डॉक्टर दम्पति के घर 35 साल बाद लक्ष्मी आई तो घर मे त्यौहार सा जश्न मनाया गया है.
एक दौर था जब बाड़मेर को “बेटियों की कब्रगाह” कहा जाता था लेकिन बदलती सोच और शिक्षा की अलख की वजह से आज उसी बाड़मेर में बेटी के जन्म पर ढोल बज रहे हैं और मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं. बाड़मेर शहर के तिलक नगर निवासी डॉक्टर दंपती ने अपनी पहली बेटी के जन्म पर अनूठे अंदाज़ में खुशियाँ मनाकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया है. घर मे 35 साल बाद आई लक्ष्मी के स्वागत में न सिर्फ ढोल-नगाड़े बजे बल्कि मोहल्ले में मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाई गई है.
बाड़मेर को कहते थे बेटियों की कब्रगाहबाड़मेर शहर के तिलक नगर निवासी डॉक्टर मंजू बामनिया स्त्री रोग विशेषज्ञ है वही ड़ॉ ललित सेजू शिशु रोग विशेषज्ञ है. डॉक्टर दम्पती का कहना है कि एक समय था जब बाड़मेर में बेटियों के जन्म को अभिशाप माना जाता था लेकिन आज बेटियों का इस तरह सम्मान और स्वागत होना वास्तव में सुखद और गर्व की बात है.
पहले बेटी के जन्म पर कहते थे “घर मे आया पत्थर”यह बदलाव समाज में बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है. वही ड़ॉ मंजू बामणिया के सास कमला देवी के मुताबिक उनकी पोती का स्वागत पीढ़ियों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है. जहाँ बेटी अब बोझ नहीं बल्कि गर्व बन चुकी है. उन्होंने पहले बेटी के जन्म पर कहते थे कि घर मे पत्थर आया है.वही एडवोकेट ज्योति सेजू बताती है कि अब बेटा और बेटी एक समान है. अब बेटी पत्थर नही घर का गर्व होती है.
शिक्षा की अलख और जागरूकता की वजह से बेटी का किया भव्य स्वागतडॉक्टर ललित सेजू के पिता गेमराराम सेजू वन विभाग में रेंजर से सेवानिवृत्त है और माता कमला देवी गृहणी है. वही बड़े भाई हरीश सेजू शिव अस्पताल के निदेशक है और छोटा भाई महिपाल सेजू जापान में खुद की एआई कम्पनी संचालित कर रहे है.
About the AuthorJagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें
Location :
Barmer,Rajasthan
First Published :
December 22, 2025, 12:37 IST
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35 साल का इंतजार खत्म! बेटी के जन्म पर ढोल-नगाड़ों संग मनाया गया उत्सव



