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Last Updated:December 24, 2025, 13:42 IST

Sandalwood Perfume Wood: इत्र और परफ्यूम की दुनिया में कुछ लकड़ियों को सबसे कीमती माना जाता है, क्योंकि इनसे निकलने वाली खुशबू गहरी, लंबे समय तक टिकने वाली और प्राकृतिक होती है. अगरवुड (ऊद), चंदन, सीडरवुड, रोज़वुड और वेटिवर जैसी लकड़ियां इत्र निर्माण में खास भूमिका निभाती हैं. इनकी खुशबू न सिर्फ शाही और सुकून देने वाली होती है, बल्कि इनकी दुर्लभता और शुद्धता के कारण इनकी कीमत भी काफी अधिक होती है.इत्र या परफ्यूम का जिक्र होते ही जहन में फूलों की महक आती है लेकिन परफ्यूम की दुनिया का असली आधार जंगलों की गहराई में छिपा है। जिसे हम वुडी फ्रेगरेंस कहते हैं वह असल में पेड़ों के तनों और उनकी जड़ों से निकलने वाला वो सत्व है जो इत्र को स्थायित्व और गहराई देता है उन 5 प्रकार की लकड़ियों जिनके बिना दुनिया के बड़े परफ्यूम ब्रांड अधूरे हैं

इत्र या परफ्यूम का जिक्र होते ही जहन में फूलों की महक आती है लेकिन परफ्यूम की दुनिया का असली आधार जंगलों की गहराई में छिपा है. जिसे हम वुडी फ्रेगरेंस कहते हैं वह असल में पेड़ों के तनों और उनकी जड़ों से निकलने वाला वो सत्व .है जो इत्र को स्थायित्व और गहराई देता है. उन 5 प्रकार की लकड़ियों जिनके बिना दुनिया के बड़े परफ्यूम ब्रांड अधूरे हैं.

ऊद अगर लकड़ियों में कोई बादशाह है तो वह ऊद है। यह अगरवुड के पेड़ से मिलता है। जब इस पेड़ में एक खास तरह का फंगस लग जाता है तब पेड़ अपना बचाव करने के लिए एक गहरा और सुगंधित राल पैदा करता है। इसकी कीमत सोने से भी अधिक हो सकती है, इसलिए इसे लिक्विड गोल्ड कहा जाता है। इसकी खुशबू बेहद तीखी, गहरी और शाही होती है।

ऊद: अगर लकड़ियों में कोई बादशाह है तो वह ऊद है. यह अगरवुड के पेड़ से मिलता है. जब इस पेड़ में एक खास तरह का फंगस लग जाता है. तब पेड़ अपना बचाव करने के लिए एक गहरा और सुगंधित राल पैदा करता है. इसकी कीमत सोने से भी अधिक हो सकती है, इसलिए इसे लिक्विड गोल्ड कहा जाता है. इसकी खुशबू बेहद तीखी, गहरी और शाही होती है.

चंदन भारतीय संस्कृति और सुगंध की दुनिया में चंदन का स्थान सर्वोच्च है। मैसूर के चंदन की मांग पूरी दुनिया में है। इसकी खुशबू मखमली, मलाईदार और बेहद शांत करने वाली होती है। इत्र बनाने में इसका इस्तेमाल बेस नोट के रूप में किया जाता है ताकि खुशबू लंबे समय तक टिकी रहे।

चंदन: भारतीय संस्कृति और सुगंध की दुनिया में चंदन का स्थान सर्वोच्च है. मैसूर के चंदन की मांग पूरी दुनिया में है. इसकी खुशबू मखमली, मलाईदार और बेहद शांत करने वाली होती है. इत्र बनाने में इसका इस्तेमाल बेस नोट के रूप में किया जाता है ताकि खुशबू लंबे समय तक टिकी रहे.

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देवदार हिमालय की वादियों में पाए जाने वाले देवदार के पेड़ों से निकलने वाली सुगंध ताजी और थोड़ी पेंसिल की छिलन जैसी होती है। इसका उपयोग अक्सर पुरुषों के परफ्यूम में मजबूती और ताजगी का अहसास देने के लिए किया जाता है।

देवदार: हिमालय की वादियों में पाए जाने वाले देवदार के पेड़ों से निकलने वाली सुगंध ताजी और थोड़ी पेंसिल की छिलन जैसी होती है. इसका उपयोग अक्सर पुरुषों के परफ्यूम में मजबूती और ताजगी का अहसास देने के लिए किया जाता है.

गुआकवुड दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले इस पेड़ की लकड़ी दुनिया की सबसे सख्त लकड़ियों में से एक है। इससे निकलने वाला तेल थोड़ा धुआँसा और चमड़े जैसी खुशबू देता है। मॉडर्न और डार्क फ्रेगरेंस बनाने के लिए यह परफ्यूमर्स की पहली पसंद है।

गुआकवुड: दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले इस पेड़ की लकड़ी दुनिया की सबसे सख्त लकड़ियों में से एक है. इससे निकलने वाला तेल थोड़ा धुआंसा और चमड़े जैसी खुशबू देता है. मॉडर्न और डार्क फ्रेगरेंस बनाने के लिए यह परफ्यूमर्स की पहली पसंद है.

रोज़वुड जैसा कि नाम से पता चलता है इस लकड़ी की खुशबू में गुलाब जैसी हल्की मिठास और फूलों का अहसास होता है। यह सुगंध को एक सॉफ्ट और क्लासिक टच देती है। हालांकि, अब इसके संरक्षण के कारण इसका इस्तेमाल बहुत संभलकर और टिकाऊ स्रोतों से ही किया जाता है।

रोज़वुड: जैसा कि नाम से पता चलता है. इस लकड़ी की खुशबू में गुलाब जैसी हल्की मिठास और फूलों का अहसास होता है. यह सुगंध को एक सॉफ्ट और क्लासिक टच देती है. हालांकि, अब इसके संरक्षण के कारण इसका इस्तेमाल बहुत संभलकर और टिकाऊ स्रोतों से ही किया जाता है.

First Published :

December 24, 2025, 13:42 IST

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सोने से भी महंगी खुशबू! जानिए इत्र में इस्तेमाल होने वाली दुर्लभ लकड़ियां

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