क्या आपने छाछ से तैयार देसी मिर्ची का अचार खाया है? भरतपुर में महिलाएं इसे तैयार करती हैं, सीख लें आसान तरीका

Last Updated:December 25, 2025, 08:16 IST
Desi Chilli Pickle Recipe: भरतपुर का देसी मिर्ची अचार सर्दियों में खास माना जाता है. इसे पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता है, जिसमें हरी मिर्चियों को पहले छाछ में डुबोकर रखा जाता है. मिट्टी के बर्तनों में कई दिन रहने के बाद मिर्चियों को धोकर धूप में सुखाया जाता है. इसके बाद मसालों और सरसों के तेल में मिलाकर अचार तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया से मिर्चियों का तीखापन कम और स्वाद चटकरेदार बनता है. यह अचार रोटी, बाजरे की राबड़ी और दाल-चावल के साथ बेहद लोकप्रिय है.
सर्दियों के मौसम में जहां एक ओर घरों में तरह-तरह के पकवान और अचार तैयार किए जाते हैं. वहीं भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में बनने वाला देसी मिर्ची का अचार इस मौसम की खास पहचान माना जाता है. यह अचार न सिर्फ स्वाद में अनोखा होता है बल्कि इसकी पारंपरिक बनाने की विधि भी इसे बाकी अचारों से अलग बनाती है. सर्दियों की शुरुआत होते ही गांवों में महिलाएं इस खास अचार को बनाने की तैयारियों में जुट जाती हैं.

भरतपुर में बनने वाले मिर्ची के देसी अचार की सबसे बड़ी खासियत इसकी छाछ में तैयार होने की अनोखी प्रक्रिया है. आमतौर पर मिर्ची का अचार सीधे मसालों में बनाया जाता है, लेकिन भरतपुर की ग्रामीण महिलाएं हरी मोटी मिर्चियों को सबसे पहले छाछ में कई दिनों तक डुबोकर रखती हैं. इस दौरान मिट्टी के बर्तनों का उपयोग किया जाता है. इससे मिर्चियों का स्वाद मुलायम और खट्टा-मीठा हो जाता है. छाछ में डुबोने के बाद मिर्चियों को मसालों में मिलाकर तैयार किया जाता है, जो बेहद स्वादिष्ट और देसी स्वाद वाली होती हैं.

भरतपुर के देसी मिर्ची अचार में मिर्चियों को छाछ में ढककर रखा जाता है. मिट्टी के बर्तन में रखने से मिर्चियों का तीखापन धीरे-धीरे कम होता है और उनमें एक खास खट्टापन आ जाता है. कई दिनों तक छाछ में रहने के बाद मिर्चियों को बाहर निकालकर अच्छी तरह धोया जाता है. फिर इन्हें धूप में सुखाया जाता है. जब मिर्चियों का पानी पूरी तरह सूख जाता है, तब उन्हें मसालों में मिलाकर अचार तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया से अचार का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाती है.
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भरतपुर के देसी मिर्ची अचार बनाने की असली प्रक्रिया में पारंपरिक देसी मसालों का उपयोग किया जाता है. इसमें मोटी पिसी सरसों, मेथी, सौंफ, हल्दी और नमक प्रमुख होते हैं. खास बात यह है कि अचार में सरसों का तेल भी इस्तेमाल किया जाता है. यह न केवल अचार के स्वाद को बढ़ाता है बल्कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करता है. मसालों और तेल के सही मिश्रण से अचार का रंग, खुशबू और स्वाद दोनों बेहतरीन बनते हैं, जो इसे खास देसी स्वाद वाला अचार बनाता है.

भरतपुर के देसी मिर्ची अचार में तैयार मसालों को मिर्चियों में भरकर उन्हें फिर मिट्टी या कांच के मर्तबान में रखा जाता है. इसके ऊपर से सरसों का तेल डाला जाता है. इसके बाद अचार को कुछ दिनों तक धूप में रखा जाता है ताकि मिर्चियां धीरे-धीरे मसालों और तेल को अपने अंदर समा लें. इस प्रक्रिया से अचार का स्वाद और रंग दोनों बढ़ जाते हैं. धीरे-धीरे मिर्चियों में मसालों का ताजगी भरा स्वाद और सरसों का तेल मिलकर एक दमदार, चटकरेदार और पारंपरिक स्वाद तैयार करता है.

ग्रामीण महिलाएं बताती हैं कि यह देसी मिर्ची का अचार सर्दियों में खासतौर पर रोटी, बाजरे की राबड़ी और दाल-चावल के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है. यही वजह है कि यह अचार आज भी परंपरा के रूप में घर-घर बनाया जाता है. सर्दियों के खाने की शान माना जाने वाला यह अचार भरतपुर के लोगों के बीच खास और प्रसिद्ध बन गया है. इसकी खास तैयारी और पारंपरिक स्वाद इसे अन्य अचारों से अलग और लोकप्रिय बनाता है.
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December 25, 2025, 08:16 IST
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क्या आपने छाछ से तैयार देसी मिर्ची का अचार खाया है? नोट कर लें बनाने का तरीका



