अरवाली विवाद: केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का पलटवार! पुराने खनन मामले में कांग्रेस और गहलोत को घेरा, गरमाई सियासत

Last Updated:December 26, 2025, 06:57 IST
Aravalli Dispute: केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए 2013 में न्यूज18 इंडिया के खुलासे को साझा किया. उस खुलासे में बताया गया था कि गहलोत ने अपने 16 रिश्तेदारों को जोधपुर के पास ओसियां में नियमों के खिलाफ खदानों का आवंटन किया था. राजनीतिक दबाव और जांच के बाद गहलोत को सभी खदानों का आवंटन रद्द करना पड़ा और राजस्थान में खनन नीति को फिर से लागू किया गया. यादव के बयान के बाद यह मुद्दा फिर से गरमाने लगा है.
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केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव (फाइल फाटो)
जयपुर. केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने हाल ही में कांग्रेस नेता जयराम रमेश के एक ट्वीट के जवाब में कांग्रेस और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा. यादव ने 2013 में न्यूज18 इंडिया के उस खुलासे को एक्स प्लेटफॉर्म पर साझा किया, जिसमें बताया गया था कि उस समय मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत ने अपने 16 रिश्तेदारों को जोधपुर के पास ओसियां में नियमों के खिलाफ खदानों का आवंटन किया था.
इस खुलासे के बाद राजस्थान विधानसभा में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था. बीजेपी विधायकों ने तत्काल हंगामा करते हुए गहलोत को बजट भाषण पढ़ने से रोक दिया था. उस समय स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि विधानसभा में गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में गहलोत के रिश्तेदारों को खदान आवंटन में शामिल करने के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया. जांच और राजनीतिक दबाव के बाद गहलोत को उन सभी 16 खदानों का आवंटन रद्द करना पड़ा. इसके साथ ही राज्य में खनन नीति को फिर से लागू किया गया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के नियमों के उल्लंघन और निजी लाभ के लिए खदानों का आवंटन न हो सके.
नियमों की अनदेखी कर हुआ था खदानों का वितरण
इस पूरे मामले ने केवल राज्य सरकार को ही नहीं बल्कि केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व को भी चुनौती दी. उस समय कांग्रेस की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के निर्देश पर अशोक गहलोत समेत सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को विवेकाधिकार कोटे से खान आवंटन का अधिकार छोड़ना पड़ा था. जांच में सामने आया था कि गहलोत ने अपने रिश्तेदारों को खदान आवंटन में सीधे लाभ पहुंचाने के लिए विवेकाधिकार का प्रयोग किया था. न्यूज18 इंडिया ने अपने दस्तावेजों और ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से इस पूरे मामले को उजागर किया था. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दिखाया गया कि नियमों की अनदेखी करते हुए खदानों का वितरण कैसे किया गया और इसके राजनीतिक व प्रशासनिक निहितार्थ क्या थे.
केन्द्रीय मंत्री के बयान के बाद चर्चा में आया मुद्दा
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अब इस पुराने खुलासे को साझा कर कांग्रेस और अशोक गहलोत पर निशाना साधा है, जिससे यह मुद्दा फिर से गरमाने लगा है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के अनुसार, यह केवल एक राजनीतिक आरोप नहीं बल्कि उस समय की वास्तविक घटनाओं का प्रमाण है. उनका यह पलटवार गहलोत और कांग्रेस के खिलाफ आगामी चुनावी और सार्वजनिक बहस में नया तर्क साबित हो सकता है. इस मामले को लेकर बीजेपी लंबे समय से कांग्रेस और गहलोत को लगातार जवाबदेह ठहराती रही है. अब केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर यह मुद्दा फिर से चर्चा का विषय बन गया है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 26, 2025, 06:57 IST
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केन्द्रीय मंत्री का पलटवार! पुराने खनन मामले में कांग्रेस और गहलोत को घेरा



