अब दो से अधिक बच्चों वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव, नियम बदलने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

Last Updated:December 26, 2025, 17:18 IST
Rajasthan election : राजस्थान की सियासत में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले राज्य सरकार दो से अधिक संतानों वाले उम्मीदवारों से जुड़ा नियम बदलने की तैयारी में है. नगर पालिका अधिनियम में संशोधन प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है. अगर यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो स्थानीय चुनावों का पूरा समीकरण बदल सकता है.
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दो से अधिक बच्चों वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव
राजस्थान में आगामी समय में होने वाले पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. राज्य सरकार ने दो से अधिक संतानों वाले व्यक्तियों के चुनाव लड़ने से जुड़े नियमों में बदलाव की दिशा में ठोस कदम उठाने का फैसला लिया है. नगर पालिका अधिनियम में संशोधन के लिए तैयार प्रस्ताव को प्रशासनिक स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है, जिससे आने वाले निकाय और पंचायत चुनावों से पहले नियम बदलने की संभावना मजबूत हो गई है.
पंचायत और शहरी निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस संशोधन प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है. इसके बाद अब यह फाइल विधि विभाग को भेजी जाएगी. विधि विभाग से मंजूरी मिलने के पश्चात संशोधित प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा और वहां से हरी झंडी मिलने पर इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा. यदि विधानसभा से यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो मौजूदा नियमों में बड़ा बदलाव लागू हो सकता है, जिसका सीधा असर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर पड़ेगा.
जानिए अभी क्या है नियमवर्तमान में राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा-24 के तहत यदि किसी व्यक्ति के दो से अधिक बच्चे हैं, तो वह नगर पालिका बोर्ड का सदस्य या अध्यक्ष नहीं बन सकता. यही नहीं, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के तहत भी इसी तरह का प्रावधान लागू है. मौजूदा नियमों के अनुसार, यदि 27 नवंबर 1995 के बाद किसी व्यक्ति का तीसरा बच्चा जन्म लेता है, तो वह पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है. इस अयोग्यता के दायरे में पंच, सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख, पार्षद, सभापति और महापौर जैसे पद शामिल हैं.
दो से अधिक बच्चों वाले भी लड़ सकेंगे चुनावआपको बता दें कि, इस बदलाव की तैयारी पहले से ही चल रही थी. जानकारी के अनुसार, नवंबर में सरकार ने अध्यादेश लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी. इसका उद्देश्य दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों पर लगे चुनावी प्रतिबंध को हटाना है, ताकि वे भी पंचायत राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भाग ले सकें. ऐसे में यह संशोधन विधानसभा से पारित हो जाता है, तो यह फैसला राज्य की स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है. इससे न केवल बड़ी संख्या में संभावित उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, बल्कि पंचायत और निकाय चुनावों में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी. फिलहाल सभी की निगाहें विधि विभाग, कैबिनेट और विधानसभा की आगामी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं, क्योंकि वहीं से तय होगा कि आने वाले चुनाव पुराने नियमों पर होंगे या बदले हुए प्रावधानों के तहत होंगे.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
Location :
Sikar,Rajasthan
First Published :
December 26, 2025, 17:18 IST
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राजस्थान पंचायत व निकाय चुनाव नियमों में बदलाव, जानें नया अपडेट



