Rajasthan

Karanj Oil Benefits | Ayurvedic Treatment for Fungal Infection | Skin Disease Ayurvedic Remedy | Karanj Tel Use | Fungal Infection Home Remedy | Ayurvedic Skin Care Tips | Natural Treatment for Skin Problems | Karanj Oil for Skin

Last Updated:December 27, 2025, 12:24 IST

Karanj Oil Benefits: आयुर्वेद में चर्म रोगों के उपचार के लिए करंज तेल को बेहद प्रभावी माना जाता है. फंगल इंफेक्शन, दाद, खुजली और त्वचा पर होने वाले संक्रमण में इसका उपयोग प्राचीन समय से किया जा रहा है. करंज तेल में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण को कम करने में सहायक होते हैं. नियमित रूप से प्रभावित स्थान पर करंज तेल लगाने से खुजली और जलन में राहत मिलती है तथा त्वचा को स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है.tip and tricks

बदलती जीवनशैली, पसीना, नमी और साफ-सफाई की कमी के कारण आजकल फंगल इंफेक्शन यानी चर्म रोग की समस्या तेजी से बढ़ रही है. दाद, खुजली, लाल चकत्ते और जलन जैसी परेशानी से लोग लंबे समय तक जूझते रहते हैं. कई बार दवाइयों से भी राहत देर से मिलती है.ऐसे में आयुर्वेद में बताया गया करंज तेल (Karanj Oil) का घरेलू नुस्खा फंगल इंफेक्शन के लिए उपयोगी माना जाता है.

Udaipur

आयुर्वेद के अनुसार करंज तेल में प्राकृतिक एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं. यह तेल फंगस को जड़ से कमजोर करने में मदद करता है और त्वचा को संक्रमण से बचाने में सहायक माना जाता है. खास बात यह है कि करंज तेल त्वचा की ऊपरी परत के साथ-साथ अंदर तक असर करता है, जिससे संक्रमण दोबारा होने की संभावना भी कम होती है.

tip and tricks

करंज तेल का सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है.सबसे पहले प्रभावित जगह को गुनगुने पानी से अच्छी तरह साफ करना चाहिए. इसके बाद त्वचा को पूरी तरह सुखा लें, क्योंकि नमी फंगस को बढ़ने का मौका देती है.अब 2 से 3 बूंद करंज तेल लें और हल्के हाथ से फंगल वाली जगह पर लगाएं. दिन में दो बार, सुबह और रात को इसका इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.

Add as Preferred Source on Google

tip and tricks

नियमित रूप से 10 से 15 दिन तक करंज तेल लगाने से फंगल इंफेक्शन में धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है.आयुर्वेदाचार्यों का कहना है कि इससे खुजली और जलन में राहत मिलती है, त्वचा की लालिमा कम होती है और फंगस धीरे-धीरे खत्म होने लगता है. कई मामलों में यह भी देखा गया है कि लगातार उपयोग से संक्रमण के दोबारा उभरने की आशंका घट जाती है.

tip and tricks

करंज तेल के उपयोग में कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं.पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए, ताकि किसी तरह की एलर्जी या तेज जलन की संभावना से बचा जा सके.अगर तेल लगाने के बाद अत्यधिक जलन या परेशानी हो, तो तुरंत उसे धो लेना चाहिए. खुले घाव या कटी-फटी त्वचा पर करंज तेल लगाने से बचना चाहिए.

tip and tricks

चिकित्सकों का मानना है कि अगर फंगल इंफेक्शन बहुत पुराना या गंभीर है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए.ऐसी स्थिति में डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों के साथ-साथ करंज तेल का उपयोग सहायक रूप में किया जा सकता है.साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

news 18

फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए गीले कपड़े देर तक न पहनें, तौलिया और कपड़े अलग रखें तथा त्वचा को हमेशा सूखा रखें.हालांकि यह एक घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय है, फिर भी किसी भी नुस्खे को अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

December 27, 2025, 12:24 IST

homelifestyle

चर्म रोग में रामबाण आयुर्वेदिक उपाय! फंगल इंफेक्शन पर असरदार है करंज तेल

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj