राजस्थान में भाजपा-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज, मदन राठौड़ का पलटवार, बोले- डोटासरा की पर्ची तो जाने वाली है

दौसा. राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है. दौसा में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में मदन राठौड़ ने डोटासरा के लगातार पर्ची वाली बयानबाजी पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि डोटासरा जी इंतजार कर रहे हैं कि उनकी पर्ची आ जाए. लेकिन उनकी पर्ची तो जाने वाली है. उनके प्रदेश अध्यक्ष के पद का भी पता नहीं क्या होगा? राठौड़ ने आगे कहा कि डोटासरा जब शिक्षा मंत्री थे तो मुख्यमंत्री की मौजूदगी में शिक्षकों ने कहा था कि ट्रांसफर के पैसे लिए जा रहे हैं. वो ईमानदारी की क्या बात करेंगे.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या पर्ची पर्ची की बात करते हो, जो काम करके दिखाया है उसको तो देखो. मदन राठौड़ ने ईआरसीपी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सरकार की नाकामी गिनाई. उन्होंने कहा कि ईआरसीपी के लिए तब जलशक्ति मंत्री ने समझौते के लिए मुख्यमंत्री को बुलाया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न तो खुद गए और न ही किसी प्रतिनिधि को भेजा. कांग्रेस के समय में पेपर लीक हुए थे, लेकिन हमारी सरकार ने सख्ती की और ऐसे मामलों में काबू पाया.
डोटासरा ने सीएम पर दिल्ली की पर्ची पढ़कर बयान देने का लगाया था आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हमने शिक्षकों की भर्ती की और हकीकत में काम किया है. पहले बिचौलिया पैसा खाता था अब सीधा और पूरा पैसा लाभार्थी के खाते में आता है. इसलिए बिचौलियों के पेट में दर्द हो रहा है. राठौड़ ने राजनीति में विरोध की बात करते हुए कहा कि राजनीति में विरोध करना चाहिए, लेकिन सकारात्मक विरोध करना चाहिए. नकारात्मक बयानबाजी से जनता का भला नहीं होता. राजस्थान की सियासत में चल रही जुबानी जंग अब परवान पर है. हाल के दिनों में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कई बार भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर दिल्ली से पर्ची आने की बात कही थी. डोटासरा का आरोप था कि मुख्यमंत्री केवल दिल्ली से आने वाली पर्ची पढ़कर बयान देते हैं और सरकार में कोई स्वतंत्र निर्णय नहीं होता. इसके जवाब में मदन राठौड़ ने अब डोटासरा की पर्ची जाने वाली बात कहकर पलटवार किया है.
भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज
राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच यह जुबानी वार लगातार जारी है. कांग्रेस जहां भाजपा सरकार को जनता के वादे पूरे न करने का आरोप लगा रही है. वहीं भाजपा कांग्रेस के पिछले शासनकाल की नाकामियों को गिना रही है. दौसा जिले में भाजपा के इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की अच्छी उपस्थिति रही. मदन राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार जनहित में काम कर रही है और जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है. ईआरसीपी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भाजपा सरकार प्रयासरत है जबकि कांग्रेस ने मौका गंवाया.
पेपर लीक मामलों में कांग्रेस के शासनकाल में हुई अनियमितताएं
राजस्थान की राजनीति में दोनों प्रमुख दलों के प्रदेश अध्यक्षों के बीच यह तीखी बयानबाजी नई नहीं है. पहले भी डोटासरा और राठौड़ के बीच कई मुद्दों पर तकरार हो चुकी है. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार केवल प्रचार कर रही है जबकि जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है. दूसरी तरफ भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के शासन में राज्य कई मोर्चों पर पीछे था, लेकिन अब विकास की रफ्तार बढ़ी है. दौसा जैसे जिलों में भाजपा का संगठन मजबूत है और कार्यकर्ता उत्साहित हैं. मदन राठौड़ ने कहा कि पेपर लीक मामलों में कांग्रेस शासनकाल में अनियमितताएं हुईं, लेकिन अब सख्त कानून बनाकर ऐसे अपराधों पर लगाम लगाई गई है. ट्रांसफर और पोस्टिंग में पहले बिचौलियों की भूमिका थी जो अब खत्म हो गई है. डीबीटी के जरिए सीधा लाभार्थी तक पैसा पहुंच रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है.
कांग्रेस के पास नहीं है कोई ठोस मुद्दा
मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल आरोप लगाते हैं लेकिन उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है. सकारात्मक राजनीति की जरूरत है ताकि प्रदेश का विकास हो. इस बयान से राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है. आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इसका जवाब आने की संभावना है. दोनों पार्टियां एक दूसरे पर हमलावर हैं और जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं. भाजपा का फोकस संगठन मजबूती और सरकार की उपलब्धियों पर है जबकि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में सरकार को घेर रही है. दौसा से निकली यह खबर पूरे प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है.



