Maharani Gayatri Devi | Jaipur Maharani, Fashion Icon India | Royal Fashion History | Most Beautiful Women in World | Gayatri Devi Style | Jaipur Royal Family

Last Updated:December 29, 2025, 15:24 IST
Maharani Gayatri Devi: जयपुर की महारानी गायत्री देवी 20वीं सदी की सबसे बड़ी फैशन आइकन मानी जाती थीं. उनकी सुंदरता, गरिमा और रॉयल स्टाइल ने दुनिया भर में पहचान बनाई. अंतरराष्ट्रीय मैगजीनों ने उन्हें दुनिया की सबसे सुंदर महिलाओं में शामिल किया. साड़ी पहनने का उनका अनोखा अंदाज आज भी फैशन प्रेमियों के लिए प्रेरणा है. एक झलक पाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ जाती थी, जो उनकी लोकप्रियता और व्यक्तित्व का प्रमाण है.![]()
अक्सर राजा महाराजाओं वीरता के किस्से और कहानियां आज भी लोगों के बीच खूब चर्चाओं में रहते हैं. ऐसी ही रानियों और महारानियों की सुंदरता और उनके लग्जरी लाइफ के किस्से भी खूब सुर्खियां बटोरती हैं. ऐसे ही जयपुर राजघराने की एक ऐसी महारानी जिनकी सुंदरता और उनके जीवन पर लोग ख़ूब चर्चाएं करते हैं. जयपुर राजपरिवार की पूर्व महारानी गायत्री देवी जो किसी जमाने में राजस्थान ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे सुंदर महिलाओं में शुमार थी, जिनकी एक झलक देखने के लिए सड़कों पर लाखों लोगों का हूजूम उमड़ जाता था. उनकी सुंदरता के किस्से आज भी दुनियाभर में होते हैं. एक समय था जब महारानी गायत्री देवी सुंदरता के लिए वह सबसे अधिक लोकप्रिय थी और उन्हें 20वीं सदी की ‘फॉक्सी ग्रैंडमदर’ के नाम से जाना जाता था, गायत्री देवी पर ‘अ प्रिंसेज रिमेम्बर्स’ जैसी कई किताबें लिखी गई जो खूब फेमस हैं.
![]()
दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शामिल रहीं जयपुर की महारानी गायत्री देवी अपनी जिंदगी और जीने के खास अंदाज के लिए खूब मशहूर थीं. अगर बात करें महारानी गायत्री देवी के परिवार और उनके जीवन परिचय की तो उनका जन्म 23 मई 1919 को लंदन में हुआ था, बचपन से ही उनका पालन-पोषण राजसी ठाट-बाट और शाही महलों में हुआ, महारानी गायत्री देवी की स्कूली शिक्षा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के शांतिनिकेतन से हुईं थी और बाद में उन्होंने विदेश में पढ़ाई की. गायत्री देवी के पिता राजकुमार जितेंद्र नारायण बंगाल में कूचबिहार के युवराज के छोटे भाई थे. बाद में वह राजा बने, उनकी मां राजकुमारी इंदिरा राजे बड़ौदा के महाराज सयाजीराव की बेटी थीं. लेकिन महारानी गायत्री देवी की लोकप्रियता जयपुर राजपरिवार से जुड़ने के बाद सबसे ज्यादा रही.
![]()
महारानी गायत्री देवी पर लिखी गई कई किताबों और इतिहासकारों के मुताबिक उनका विवाह 21 साल की उम्र में जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय के उनकी तीसरी पत्नी के रूप में हुआ. 21 अगस्त 1912 को जन्मे महाराजा मानसिंह द्वितीय की पहली शादी 1924 में 12 साल की उम्र में जोधपुर के महाराजा सुमेर सिंह की बहन मरुधर कंवर से हुई थी, इसके बाद उनकी दूसरी शादी उनकी पहली पत्नी की भतीजी किशोर कंवर से 1932 में हुई, इसके बाद 1940 में उन्होंने गायत्री देवी प्रेम प्रसंग में रहते हुए उनसे शादी की जिसकी खूब चर्चाएं हुई, महारानी गायत्री देवी और महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय पहली मुलाकात पहली बार पोलो ग्राउंड पर हुई और शादी तक पहुंची. महारानी गायत्री देवी का विवाह और प्रेम कहानी उस जमाने में शाही और राजसी परंपराओं को चुनौती देने वाली प्रेम कहानी बनी जिसकी लोगों आज भी चर्चा करते हैं.
Add as Preferred Source on Google
![]()
महारानी गायत्री देवी समाज सेवा से लेकर राजनीति तक सक्रिय रही लेकिन उन्हें अपनी सुंदरता के चलते खूब लोकप्रियता मिली, वह अपने समय में दुनिया की सबसे सुंदर महिलाओं में शुमार थी, इसलिए ब्रिटेन की ‘वोग’ मैगजीन ने उन्हें दुनिया की 10 सबसे सुंदर महिलाओं में से एक माना था. इसलिए आज भी दुनियाभर की उनकी सुंदरता की चर्चाएं होती हैं, वह अपने समय में ब्यूक कार और खुली जीप में बैठकर चलती थी, महारानी गायत्री देवी पोलो, घुड़सवारी, शूटिंग और टेनिस जैसे खेल को पंसद करती थी और खेलतीं थी.
![]()
महारानी गायत्री देवी अपने समय में अपनी सुंदरता ही नहीं बल्कि लाइफ स्टाइल के लिए भी खूब प्रसिद्ध रही, उनकी लाइफ स्टाइल और फेसन लोगों के लिए ऑइकन था, उनके फेसन और लाइफस्टाइल को लेकर ऐसे कई सारे किस्से हैं. जो किसी रोचकता से कम नहीं, महारानी गायत्री देवीड्रेसिंग सेंस खास बेहद खास था. जिसमें वह बॉटम और फ्रेंच शिफॉन की सबसे महंगी से महंगी साड़ी पहनतीं थीं, सबसे महंगा फ्रेंच प्रफ्यूम का उपयोग करती थी, उनके कपड़े, ज्वैलरी का अलग अंदाज ही फैशन ट्रेन्ड हुआ करता था, जिसे हाई सोसाइटी में काफी फॉलो किया जाता था.
![]()
महारानी गायत्री देवी अपनी सुंदरता के साथ उन्होंने राजनीति में भी अपनी खास पहचान बनाई, महारानी गायत्री देवी ऐसी रानी थी, जिन्होंने शादी के बाद अपना राज्य और राजनीति दोनों को बखूबी संभाला, महरानी गायत्री देवी ने महाराजा के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा और 1962 में वह जयपुर सीट से लोकसभा सांसद बनीं. राजनीति में उनके पहले कदम ने ही इतिहास रच दिया, 1962 में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ स्वतंत्र पार्टी से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने 1,92,909 वोटों से रिकॉर्ड जीत हासिल की, यह जीत इतनी बड़ी थी की गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज भी हुआ.
![]()
महारानी गायत्री देवी की चर्चाएं सिर्फ उनका सुंदरता, फेशन और राजनीति तक ही नहीं रही बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से टकराव, राजपरिवार के खजाने और एमरजेंसी के दौरान जेल जाने तक रही, गायत्री देवी पर लिखी कई किताबों के अनुसार गायत्री देवी और इंदिरा गांधी एक ही जगह से पढ़ी थी, लेकिन बाद में दोनों के बीच काफी मन मुटाव रहा जिसके चलते एक बार संसद में इंदिरा ने गायत्री देवी को ‘शीशे की गुड़िया’ तक कह दिया था. इस पर गायत्री देवी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह इंदिरा के बदले की भावना का परिणाम है. इसके अलावा 1975 में इमरजेंसी के दौरान महारानी गायत्री देवी कुछ महिनों तक जेल में रही.
![]()
महारानी गायत्री का देहांत 90 वर्ष की उम्र में 29 जुलाई, 2009 को हुआ, तब वह राजमाता के नाम से विख्यात थी, शाही और राजपरिवार की परम्पराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार जयपुर में हुआ, जहां आज भी उनकी छतरियां बनी हुई हैं. लोगों के बीच आज भी राजपरिवार के रूप में सबसे लोकप्रिय महारानी के रूप में उनकी खुब चर्चाएं होती हैं क्योंकि सुंदरता, फेशन और खेल के साथ महारानी गायत्री देवी ने शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़कर उन्होंने कई काम किए और अपनी अलग पहचान बनाई.
First Published :
December 29, 2025, 15:24 IST
homerajasthan
फैशन आइकन थीं जयपुर की महारानी गायत्री देवी, जिनकी एक झलक को उमड़ती थी भीड़



