रक्षा मंत्रालय ने ₹4,666 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए, सेना-नौसेना को लाभ

Last Updated:December 30, 2025, 18:06 IST
India Defense Deal: रक्षा मंत्रालय ने नई दिल्ली में ₹4,666 करोड़ के दो डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन किए, जिससे सेना और नोसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए ₹1,82,492 करोड़ के पूंजीगत अनुबंध किए जा चुके हैं.
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कलवरी क्लास सबमरीन के लिए टॉरपीडो खरीदे जाएंगे.
नई दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को को ₹4,666 करोड़ के दो बड़े डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए. ये समझौते सेना और नौसेना की युद्ध क्षमता को और मजबूत करेंगे. कॉन्ट्रैक्ट नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हुए.
पहला कॉन्ट्रैक्ट ‘क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन’ के लिए है. इसके तहत सेना और नौसेना के लिए 4.25 लाख से ज्यादा CQB कार्बाइन खरीदी जाएंगी. ₹2,770 करोड़ के इस सौदे पर Bharat Forge Ltd और PLR Systems Pvt Ltd के साथ समझौता हुआ है. ये आधुनिक और हल्की कार्बाइन तंग जगहों में लड़ाई के लिए बेहद कारगर होंगी. इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और एमएसएमई सेक्टर को भी फायदा होगा.
दूसरा कॉन्ट्रैक्ट ‘हेवीवेट टॉरपीडो’ के लिए है. ₹1,896 करोड़ के इस सौदे के तहत नौसेना की Kalvari Class Submarines के लिए 48 टॉरपीडो खरीदे जाएंगे. यह समझौता इटली की WASS Submarine Systems S.R.L. के साथ हुआ है. इन टॉरपीडो की आपूर्ति अप्रैल 2028 से शुरू होकर 2030 की शुरुआत तक पूरी होगी. इससे नौसेना की पनडुब्बियों की मारक क्षमता और आधुनिक तकनीकी ताकत बढ़ेगी. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए ₹1,82,492 करोड़ के पूंजीगत अनुबंध किए जा चुके हैं.
79 हजार करोड़ रुपये के सैन्य हथियार खरीदने की मंजूरीएक दिन पहले ही सोमवार को रक्षा मंत्रालय ने सेना की युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए 79,000 करोड़ रुपये मूल्य के लंबी दूरी के रॉकेट, मिसाइल, रडार सिस्टम और अन्य सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी प्रदान की थी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी. बयान में कहा गया कि लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से भेदने के लिए पिनाका रॉकेट प्रणालियों की मारक क्षमता और सटीकता को बढ़ाने के वास्ते लंबी दूरी के दिशा निर्देशित रॉकेटों की खरीद की जा रही है.
उन्नत रेंज वाली एकीकृत ड्रोन पहचान और अवरोधन प्रणाली (एमके-2) सामरिक युद्ध क्षेत्र तथा भीतरी इलाकों में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा करेगी. इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए, उच्च आवृत्ति सॉफ्टवेयर रेडियो (एचएफ एसडीआर) मैनपैक की खरीद और उच्च ऊंचाई तथा लंबी दूरी वाली तथा दूर से संचालित विमान प्रणाली (आरपीएएस) को पट्टे पर लेने की मंजूरी दी गई.
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
December 30, 2025, 17:19 IST
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हेवीवेट टॉरपीडो, CQB कार्बाइन… आर्मी और नेवी की ताकत में होगा इजाफा


