नए साल पर सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़ेगा जनसैलाब, यहां देख लें मैप, वरना दर्शन हो जाएगा मुश्किल!

Last Updated:December 31, 2025, 02:47 IST
Sawaliya Seth Mandir : श्री सांवलिया सेठ मंदिर, चित्तौड़गढ़ में 31 दिसंबर व 1 जनवरी को 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ संभावित है. ट्रस्ट ने वीआईपी दर्शन बंद कर सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन के खास इंतजाम किए हैं. श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक प्रोटोकॉल और वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी है.
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चित्तौड़गढ़. देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शुमार चित्तौड़गढ़ जिले के श्री सांवलिया सेठ मंदिर में नए साल के मौके पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ने जा रहा है. 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मंदिर में करीब 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. बीते सात दिनों से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और सर्दी की छुट्टियों के चलते यह भीड़ हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है. इसी को देखते हुए श्री सांवलिया सेठ मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं और कई अहम बदलाव लागू किए गए हैं.
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक प्रोटोकॉल और वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी है. मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर मिले और किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए यह फैसला लिया गया है. मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने श्रद्धालुओं से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने सुरक्षा कर्मियों और मंदिर स्टाफ को भी निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं के साथ संयमित और सहयोगात्मक व्यवहार रखा जाए ताकि आस्था का यह पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.
भीड़ प्रबंधन के लिए बदली गई प्रवेश व्यवस्थामंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं. पहली बार सभी श्रद्धालुओं को केवल मीरा सर्किल से ही कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा. इसके लिए मीरा सर्किल से मंदिर तक मजबूत रेलिंग लगाई गई है, जहां एक साथ कई लाइनों में श्रद्धालु कतार बनाकर आगे बढ़ सकेंगे. सिंगल साइड एंट्री व्यवस्था लागू की गई है, जिससे प्रवेश और निकास मार्गों में टकराव न हो और भीड़ सुचारू रूप से आगे बढ़ती रहे. मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से दर्शन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगी.
अस्थाई पार्किंग और यातायात व्यवस्थाश्रद्धालुओं की भारी संख्या के साथ वाहनों की आवाजाही को देखते हुए गांव के चारों ओर कुल छह अस्थाई पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं. भादसोड़ा से आने वाले वाहनों को कॉलेज पार्किंग और हॉस्पिटल पार्किंग में खड़ा किया जाएगा. कुरेठा रोड से आने वाले वाहनों के लिए आक्या जी पार्किंग निर्धारित की गई है. भदेसर रोड से आने वाले वाहनों के लिए अलग पार्किंग बनाई गई है, जबकि चिकारड़ा रोड से आने वाले वाहन गोकुल पार्किंग में पार्क होंगे. नए बाईपास से आने वाले वाहनों को स्कूल पार्किंग में खड़ा किया जाएगा. इन सभी पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को पैदल या निर्धारित मार्गों से मंदिर तक पहुंचने की सुविधा दी जाएगी.
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की कड़ी निगरानीमंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है. पुलिस, होमगार्ड और मंदिर सुरक्षा बल की संख्या बढ़ा दी गई है. पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है. मंदिर प्रबंधन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
नए साल के स्वागत के साथ सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़ने वाली यह भारी भीड़ न केवल श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को दर्शाती है, बल्कि मंदिर प्रशासन और जिला व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी परीक्षा है. पूरी उम्मीद है कि की गई व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालु शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर नए वर्ष की शुरुआत करेंगे.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Chittaurgarh,Rajasthan
First Published :
December 31, 2025, 02:47 IST
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सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़ेगा जनसैलाब, यहां देख लें मैप, वरना झेल जाएंगे!



