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Last Updated:December 31, 2025, 11:17 IST
Bhilwara Mount Everest : भीलवाड़ा के आकाश ने अपने मजबूत हौसलों और ऊंचे सपनों के साथ माउंट एवरेस्ट फतह करने की ओर कदम बढ़ाया है. उनका लक्ष्य विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराकर देश और जिले का नाम रोशन करना है. इस साहसिक यात्रा में आकाश ने कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और आत्मविश्वास को अपना हथियार बनाया. उनका यह प्रयास युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है और पूरे भीलवाड़ा में गर्व और उत्साह का माहौल है.
भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा कस्बे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सपनों की ऊंचाई हालात नहीं, हौसले तय करते हैं. कस्बे के युवा पर्वतारोही आकाश लोढ़ा ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के दक्षिणी नेपाल बेस कैंप तक पहुंचकर 17,598 फीट (5,364 मीटर) की ऊंचाई पर तिरंगा फहराया हैं . इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ आकाश ने न सिर्फ शाहपुरा बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया.

बर्फीली हवाओं, माइनस तापमान और ऑक्सीजन की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए आकाश लोढ़ा ने साहस, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया। आकाश वर्तमान में एक मल्टीनेशनल कंपनी में बेंगलुरु में कार्यरत हैं. यह यात्रा केवल पहाड़ चढ़ने की नहीं थी, बल्कि हर कदम पर खुद से संघर्ष करने की कहानी थी, जहां शरीर थकता रहा लेकिन मन ने हार मानने से इनकार कर दिया.

अभियान के शुरुआती दिनों में ही मौसम ने करवट ली और लगातार बर्फबारी शुरू हो गई. जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती गई, सांस लेना मुश्किल होता गया और शरीर पर दबाव बढ़ता गया. करीब आठ दिन की कठिन यात्रा और लगभग 130 किलोमीटर लंबी ट्रैकिंग के दौरान कई बार ऑक्सीजन की कमी महसूस हुई, लेकिन आकाश ने हर चुनौती को पार करते हुए अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए.
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इस दौरान तापमान कभी माइनस 7 तो बेस कैंप के पास माइनस 22 डिग्री तक पहुंच गया. खाने-पीने के नाम पर चॉकलेट, ड्राईफ्रूट और फल ही सहारा बने. कड़ाके की ठंड के कारण स्किन बर्न, मुंह का स्वाद खत्म होना और हल्का बुखार जैसी परेशानियां भी आईं, लेकिन आकाश का हौसला डगमगाया नहीं और उन्होंने चढ़ाई जारी रखी.

आकाश ने बताया कि गोरखशेप से बेस कैंप तक का अंतिम चरण सबसे चुनौतीपूर्ण रहा. सुबह से शुरू हुई मात्र आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. आखिरकार सुबह 11 बजे आकाश लोढ़ा ने एवरेस्ट बेस कैंप पर पहुंचकर तिरंगा फहराया और शाहपुरा का नाम दुनिया की ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया. आकाश फिलहाल सुरक्षित वापसी यात्रा पर हैं.
First Published :
December 31, 2025, 11:17 IST
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राजस्थान से एवरेस्ट तक! भीलवाड़ा के आकाश ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराया



