बाड़मेर के किसान ने खोजा अनोखा तरकीब, सर्दियों में ऐसे बचा रहे अनार की फसल, फल भी रहता है रोगमुक्त

Last Updated:January 02, 2026, 11:40 IST
Farmer Pomegranate Protection Jugad: बाड़मेर में सर्दियों के दौरान शीतलहर और पाले से अनार की फसल को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किसान आधुनिक जुगाड़ अपना रहे हैं. इन दिनों अनार उत्पादक किसान अपने खेतों में नॉन-वोवन फैब्रिक बिछा रहे है जो फसल को ओंस, पाला और ठंडी हवाओं से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है. करीब 22 सेंटीमीटर मोटा नॉन-वोवन फैब्रिक फसल पर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.
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बाड़मेर. सर्दियों में शीतलहर और पाले का असर अनार की फसल पर भारी पड़ता है, लेकिन सरहदी बाड़मेर जिले के किसान अब इससे निपटने के लिए अनोखा और कारगर जुगाड़ अपना रहे हैं. जिले के कई किसान अपनी अनार की फसल को सुरक्षित रखने के लिए नॉन-वोवन फैब्रिक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे न सिर्फ फसल को ठंड से बचाया जा रहा है बल्कि अनार की गुणवत्ता भी बनी हुई है. इस तकनीक के जरिए किसान आर्थिक नुकसान से भी बच रहे हैं.
किसानों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा नॉन-वोवन फैब्रिक करीब 22 सेंटीमीटर मोटा होता है. इसे अनार के पेड़ों और फलों के ऊपर ढक दिया जाता है. यह फैब्रिक ओस, पाले और ठंडी हवाओं से फसल की रक्षा करता है. सर्द रातों में जब तापमान काफी नीचे चला जाता है, तब अनार के फलों पर ओस जम जाती है. सुबह सूरज निकलने पर यही ओस फलों पर काले धब्बों में बदल जाती है, जिससे अनार की रंगत और चमक खराब हो जाती है. कई मामलों में अत्यधिक ठंड के कारण फल फटने लगते हैं, जिससे बाजार में उनकी कीमत गिर जाती है.
सुरक्षा कवच की तरह काम करता है नॉन-वोवन फैब्रिक
बाड़मेर के किसान ओमप्रकाश मेहता बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में सर्दी के मौसम में उन्हें अनार की फसल में भारी नुकसान उठाना पड़ा था. फलों पर दाग पड़ने और फटने की वजह से व्यापारी कम दाम देने लगे थे. इस समस्या से बचने के लिए उन्होंने नॉन-वोवन फैब्रिक का इस्तेमाल शुरू किया. इसके बाद फसल की स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला. अनार का रंग और आकार बेहतर रहा और बाजार में अच्छा भाव मिला. नॉन-वोवन फैब्रिक फसल के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. यह ठंडी हवा को सीधे फलों तक पहुंचने से रोकता है और ओस को जमने नहीं देता. इससे अनार की गुणवत्ता बनी रहती है और उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. किसानों का कहना है कि इस तकनीक से उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है.
फसल की बनी रहती है गुणवत्ता
महाराष्ट्र निवासी टेक्निकल एडवाइजर नितिन ओझकर के अनुसार, नॉन-वोवन फैब्रिक पर शुरुआती लागत जरूर आती है, लेकिन इससे फसल को होने वाले नुकसान से बचाव होता है. गुणवत्ता अच्छी रहने से किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलते हैं और कुल मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है. उन्होंने बताया कि यह तकनीक केवल अनार ही नहीं बल्कि अन्य बागवानी फसलों के लिए भी सर्दियों में काफी उपयोगी साबित हो रही है. बाड़मेर के किसानों द्वारा अपनाया गया यह जुगाड़ अब अन्य जिलों के किसानों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है.About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
Location :
Barmer,Rajasthan
First Published :
January 02, 2026, 11:40 IST
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बाड़मेर के किसान ने खोजा अनोखा तरकीब, सर्दियों में ऐसे बचा रहे अनार की फसल



