National

Gujarat IAS Arrested | ED Arrested Gujarat IAS- कलेक्टर ऑफिस या वसूली का अड्डा? गुजरात के IAS राजेंद्रकुमार पटेल पर ED का शिकंजा, क्या अब खुलेंगे कई बड़े राज?

Gujarat IAS Arrested: गुजरात की नौकरशाही में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक सेवारत IAS अधिकारी को रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया. सुरेंद्रनगर के तत्कालीन कलेक्टर राजेंद्रकुमार पटेल पर शिकंजा कसते हुए ED ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब पद और रुतबा कोई ढाल नहीं रहेगा. सवाल उठ रहा है कि क्या कलेक्टर ऑफिस प्रशासन का केंद्र था या फिर वसूली का अड्डा बन चुका था?

यह मामला सिर्फ एक अफसर की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. आरोपों के मुताबिक, जमीन के गैर-कृषि (NA) उपयोग की मंजूरी के नाम पर एक पूरा सिस्टम रिश्वत के पैसों पर चल रहा था, जिसमें करोड़ों का खेल हुआ. अब ED की कार्रवाई से कई और बड़े नाम सामने आने की आशंका जताई जा रही है.

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला सुरेंद्रनगर जिले में भूमि उपयोग परिवर्तन (Change of Land Use – CLU) से जुड़ा है. ED के अनुसार कलेक्टर कार्यालय में NA अनुमति देने के लिए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से रिश्वत तय की जाती थी. सौराष्ट्र घर्केड टेनेंसी सेटलमेंट एंड एग्रीकल्चरल लैंड्स ऑर्डिनेंस, 1949 के तहत आने वाले मामलों में फाइलें तभी आगे बढ़ती थीं, जब तय रकम पहुंच जाती थी.

कैसे चल रहा था रिश्वत का सिस्टम?

जांच में सामने आया है कि यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं, बल्कि सिस्टेमैटिक एक्सटॉर्शन नेटवर्क था. दलालों के जरिए जमीन मालिकों और डेवलपर्स से पैसे वसूले जाते थे. आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य लाभार्थी खुद कलेक्टर राजेंद्रकुमार पटेल थे. उनके निजी सहायक जयराजसिंह झाला पर कैश हैंडलिंग और रकम डिलीवरी का आरोप है.

जांच कैसे शुरू हुई?

दिसंबर 2025 में ED को शिकायत मिली कि सुरेंद्रनगर में भूमि अनुमोदन के लिए भारी रिश्वत मांगी जा रही है. इसके बाद 23 दिसंबर को ED ने छापेमारी की. इस दौरान डिप्टी मामलतदार चंद्रसिंह भूपतसिंह मोरी के घर से 67.50 लाख रुपये नकद बरामद हुए. मोरी ने पूछताछ में कबूल किया कि यह रिश्वत की रकम है.

एक के बाद एक गिरफ्तारी
मोरी की गिरफ्तारी के बाद कड़ियां खुलती चली गईं. ED की शिकायत पर गुजरात ACB ने कलेक्टर राजेंद्रकुमार पटेल, उनके PA जयराजसिंह झाला, क्लर्क मयूरसिंह गोहिल और मोरी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया. पटेल को तत्काल कलेक्टर पद से हटा दिया गया और बिना पोस्टिंग ट्रांसफर कर दिया गया. आखिरकार 2 जनवरी 2026 को ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

कोर्ट में क्या हुआ?

गिरफ्तारी के बाद पटेल को अहमदाबाद की विशेष ED कोर्ट में पेश किया गया. यहां से उन्हें 7 जनवरी 2026 तक ED कस्टडी में भेज दिया गया. अब ED उनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि रिश्वत का पैसा कहां गया, कितनी संपत्ति बनाई गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है.

IAS राजेंद्रकुमार पटेल कौन हैं?
राजेंद्रकुमार पटेल 2015 बैच के गुजरात कैडर IAS अधिकारी हैं. उम्र करीब 40 साल, अहमदाबाद के रहने वाले. उन्होंने BDS के साथ-साथ पब्लिक पॉलिसी में MA किया है. फरवरी 2025 में सुरेंद्रनगर के कलेक्टर बने थे. ED के अनुसार, उनके पास ज्ञात आय से अधिक करीब 5 करोड़ रुपये की संपत्ति पाई गई है.

क्या और बड़े खुलासे संभव हैं?

ED की जांच अभी जारी है और डिजिटल डेटा, व्हाट्सएप चैट और फाइनेंशियल ट्रेल्स खंगाले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इस घोटाले की कुल लेनदेन राशि करीब 1500 करोड़ रुपए तक हो सकती है. ऐसे में आने वाले दिनों में और अफसरों व दलालों की भूमिका सामने आ सकती है.

क्यों अहम है यह मामला?

यह केस गुजरात में भूमि घोटालों की उस कड़ी का हिस्सा है, जहां सोलर प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्रियल लैंड के लिए NA कन्वर्जन में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं. इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सिस्टम की सफाई के लिए सख्त कदम जरूरी हैं.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj