जोधपुर के छात्र का कमाल! ₹200 में स्मार्ट किचन गार्डन, फ्लैट में उगेंगी ताजी सब्जियां

Last Updated:January 04, 2026, 13:37 IST
Jodhpur News Hindi : जोधपुर के आर्मी पब्लिक स्कूल के छात्र ने खेती को आसान और स्मार्ट बना दिया है. मात्र 200 रुपये में तैयार इस अनोखे किचन गार्डन मॉडल से अब फ्लैट और बालकनी में भी सब्जियां उगाई जा सकती हैं. ऑटोमेटेड सिंचाई और हल्के वजन वाला यह सिस्टम शहरी लोगों के लिए गेमचेंजर साबित हो रहा है.
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जोधपुर : जोधपुर के आर्मी पब्लिक स्कूल के एक होनहार छात्र ने कृषि क्षेत्र में एक सराहनीय नवाचार कर सबका ध्यान खींचा है. इस इनोवेशन की खास बात यह है कि मात्र 200 रुपये की लागत में कोई भी व्यक्ति अपने घर या छत पर सब्जियां और फल उगा सकता है. यह उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो फ्लैट्स या सीमित जगह वाले घरों में रहते हैं, जहां स्पेस और वजन दोनों बड़ी समस्या होते हैं. प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए विकास ने बताया कि आजकल अधिकतर लोग अपार्टमेंट्स में रहते हैं, जहां टेरेस या बालकनी पर खेती करना चाहते हैं, लेकिन मिट्टी का ज्यादा वजन रखने में दिक्कत आती है.
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए बच्चों ने एक हल्का, स्पेस सेविंग और उपयोगी किचन गार्डन मॉडल तैयार किया है, जिससे कम जगह में भी आसानी से सब्जियां और फल उगाए जा सकते हैं. इस प्रोजेक्ट में ऑटोमेटेड इरिगेशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे पौधों को पानी देने की चिंता पूरी तरह खत्म हो जाती है. जैसे ही पौधों की मिट्टी में नमी कम होती है, सेंसर उसे डिटेक्ट कर लेता है और अपने आप मोटर चालू होकर पानी की सप्लाई शुरू कर देता है. इससे पौधों को सही समय पर आवश्यक पानी मिलता रहता है.
नौकरीपेशा परिवारों के लिए टेंशन-फ्री गार्डन सिस्टमविकास ने बताया कि आज के समय में शहरीकरण के कारण अधिकांश घरों में पुरुष और महिलाएं दोनों ही नौकरी करते हैं. ऐसे में लोगों के पास अपने पौधों की देखभाल के लिए समय नहीं होता यह ऑटोमेटेड सिस्टम ऐसी आधुनिक समस्याओं का बेहतरीन समाधान है. एक बार सिस्टम सेटअप करने के बाद करीब दो साल तक पौधों की चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ती. जरूरत पड़ने पर लोग बिना टेंशन गांव या ड्यूटी पर भी जा सकते हैं.
रीसाइकल मटेरियल से इको-फ्रेंडली गार्डन, कम लागत में बड़ा फायदाइस प्रोजेक्ट की एक और खासियत यह है कि इसमें रीसाइकल मटेरियल का उपयोग किया गया है, जैसे पुराने पाइप, बाल्टियां, बाल्टी के ढक्कन और लकड़ी की टोकरियां. यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि लोगों को इको-फ्रेंडली जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है विकास ने बताया कि इस सिस्टम को छोटे स्तर पर ₹200 से ₹300 में तैयार किया जा सकता है, जबकि बड़े स्तर पर लगाने के लिए करीब ₹2000 तक खर्च आ सकता है. इससे लोग घर पर ही ऑर्गेनिक सब्जियां, फल, धनिया, पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियां उगा सकते हैं. यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि बाजार में महंगे ऑर्गेनिक उत्पाद खरीदने की मजबूरी से भी बचाता है.
शहरों में रहने वालों के लिए पोर्टेबल ऑर्गेनिक गार्डनकम वजन होने के कारण यह मॉडल छत पर ज्यादा बोझ नहीं डालता और शहरी जीवन की जरूरतों के अनुसार पूरी तरह उपयुक्त है. यह प्रोजेक्ट उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो एक शहर से दूसरे शहर में लगातार मूव करते हैं और अपने घर पर ऑर्गेनिक खेती करना चाहते हैं.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
January 04, 2026, 13:37 IST
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जोधपुर आर्मी स्कूल छात्र ने कम लागत वाला बनाया ऑटोमेटेड किचन गार्डन



