खालिस्तानी आतंकी अर्श डाला पर NIA का शिकंजा, नीमराना होटल फायरिंग केस में दो शूटर्स के खिलाफ चार्जशीट – Neemrana hotel firing case NIA tightens noose on Khalistani terrorist Arsh Dala files chargesheet against 2 shooters

Last Updated:January 04, 2026, 13:33 IST
Neemrana Hotel Firing Case: खालिस्तानी आतंकवादी अर्श डाला विदेशों से ऑपरेट करता है. उसके खिलाफ साल 2022 में रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था. अर्श डाला पर हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन उगाही समेत अन्य मामलों में दर्जनों केस दर्ज हैं.
NIA ने खालिस्तानी आतंकवादी अर्श डाला के दो शूटर्स के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. (फाइल फोटो/NIA)
नई दिल्ली/नीमराना. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने वर्ष 2024 के चर्चित नीमराना होटल फायरिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए खालिस्तानी आतंकी अर्श डाला से जुड़े दो मुख्य शूटरों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. इस मामले में अब तक कुल नौ आतंकियों और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है. NIA के अनुसार, यह मामला राजस्थान के नीमराना स्थित हाईवे किंग होटल में हुई फायरिंग से जुड़ा है. जांच एजेंसी ने गिरफ्तार आरोपियों पुनीत और नरिंदर लल्ली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं. दोनों आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं और दावा है कि उन्होंने ही होटल में जाकर फायरिंग की थी.
जांच में सामने आया है कि फायरिंग की यह घटना केवल डर फैलाने के लिए नहीं थी, बल्कि इसके पीछे रंगदारी वसूली की साजिश थी. आरोपियों ने होटल मालिकों को धमकाया और उनसे पैसे की मांग की. आरोप है कि यह पूरी साजिश विदेश में बैठे खालिस्तानी आतंकी अर्श डाला के इशारे पर रची गई थी, जो भारत में दहशत फैलाने और आर्थिक अपराधों के जरिए आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. NIA की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराए गए थे और उन्हें सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देने के निर्देश दिए गए थे. फायरिंग के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
फंडिंग करने वाले भी रडार पर
NIA अधिकारियों का कहना है कि इस केस में आगे भी जांच जारी है और आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है. एजेंसी का फोकस न सिर्फ फायरिंग करने वालों पर है, बल्कि उन लोगों पर भी है जो फंडिंग, हथियारों की सप्लाई और साजिश में शामिल थे. इस कार्रवाई को खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि देश की आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आतंकी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा.
कौन है अर्श डाला?
27 साल का अर्श डाला भारत के पंजाब में मोगा जिले के गांव डाला के मूल निवासी है. अर्श डाला का नाम तब चर्चा में आया था, जब 2018 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के उस वक्त के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को खालिस्तान समर्थकों की जो सूची सौंपी थी, उसमें डाला का नाम भी शामिल था. जुलाई 2023 में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने अर्श डाला को खालिस्तान समर्थकों से संबंध के कारण आतंकवादी घोषित किया था. अर्श डाला हत्या, हत्या की कोशिश, उगाही, टेरर फ़ंडिंग समेत कई आतंकी गतिविधियों जैसे 50 से अधिक मामलों में नामजद है. मई 2022 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. अक्टूबर 2024 में कनाडा के मिल्टन टाउन में हुई गोलीबारी की एक घटना के बाद कनाडाई पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था. इन्हीं में से एक की पहचान अर्श डाला के रूप में की गई थी.
About the AuthorManish Kumar
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 04, 2026, 13:31 IST
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खालिस्तानी अर्श डाला पर NIA का शिकंजा, नीमराना होटल फायरिंग केस में चार्जशीट



