गांव में किराना स्टोर बिजनेस कैसे शुरू करें और कितनी कमाई संभव है

नई दिल्ली. गांव में किराना स्टोर आज भी सबसे भरोसेमंद और लो रिस्क बिजनेस माना जाता है. रोजमर्रा की जरूरत का सामान हर हाल में बिकता है, चाहे महंगाई हो या मंदी. इसी वजह से गांव में छोटी सी किराना दुकान भी परिवार की स्थायी आमदनी का जरिया बन जाती है. 2025 और 2026 के मौजूदा ट्रेंड्स को देखें तो रूरल इंडिया में किराना स्टोर की कमाई पहले से ज्यादा स्ट्रक्चर्ड और स्टेबल हो गई है. डिजिटल पेमेंट, होम डिलीवरी और लोकल सप्लाई चेन की वजह से मुनाफे की संभावना भी बढ़ी है. हालांकि कमाई पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि दुकान कहां है, कितनी वैरायटी रखी गई है और मालिक खुद कितना एक्टिव है.
गांव में बेसिक किराना स्टोर शुरू करने के लिए बहुत बड़ा निवेश जरूरी नहीं होता. एक छोटी दुकान 50,000 से 2 लाख रुपये में शुरू हो सकती है, जिसमें ज्यादातर पैसा स्टॉक खरीदने में लगता है. मीडियम साइज की दुकान जहां ज्यादा आइटम्स और ब्रांड्स हों, वहां 3 से 10 लाख रुपये तक का निवेश लग सकता है. कुल निवेश का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा स्टॉक में, 10 से 20 प्रतिशत रैक और फर्नीचर में और बाकी लाइसेंस, रेंट या शॉप सेटअप में जाता है. जरूरत पड़ने पर मुद्रा लोन जैसी सरकारी योजनाओं से फाइनेंस भी लिया जा सकता है.
गांव में किराना स्टोर से महीने की कमाई कितनी होती है
रूरल एरिया में किराना स्टोर का रोज का टर्नओवर आमतौर पर 2,000 से 10,000 रुपये के बीच रहता है. इसका मतलब महीने का टर्नओवर 60,000 से 3 लाख रुपये तक हो सकता है. प्रॉफिट मार्जिन की बात करें तो FMCG प्रोडक्ट्स पर 5 से 10 प्रतिशत और लोकल प्रोडक्ट्स पर 20 से 30 प्रतिशत तक मार्जिन मिलता है. खर्च निकालने के बाद छोटे स्टोर का नेट प्रॉफिट 8,000 से 15,000 रुपये महीना रहता है. अच्छी लोकेशन और रेगुलर कस्टमर बेस वाली मीडियम दुकानें 20,000 से 40,000 रुपये तक कमा लेती हैं. अगर दुकान में होम डिलीवरी, मोबाइल रिचार्ज और डिजिटल पेमेंट जैसी सुविधाएं जोड़ दी जाएं तो कुछ स्टोर्स 50,000 रुपये या उससे ज्यादा भी कमा रहे हैं.
रियल लाइफ उदाहरण क्या कहते हैं
रूरल फाइनेंस और माइक्रो एंटरप्राइज पर काम करने वाले प्लेटफॉर्म्स के केस स्टडीज बताती हैं कि गांव की साधारण किराना दुकानें औसतन 8,000 से 12,000 रुपये महीना कमा रही हैं. वहीं कई दुकानदारों का कहना है कि अच्छी प्लानिंग के साथ 15,000 से 30,000 रुपये महीना कमाना आम बात है.
डिजिटल ऑर्डर और डोर डिलीवरी अपनाने वाले स्टोर्स में मुनाफा 30 से 400 प्रतिशत तक बढ़ने की रिपोर्ट भी सामने आई है.
कमाई बढ़ाने के आसान तरीके
दुकान की लोकेशन गांव के मुख्य चौक, स्कूल या बस स्टॉप के पास हो तो फुटफॉल अपने आप बढ़ता है. सिर्फ राशन नहीं बल्कि दूध, स्नैक्स, मोबाइल रिचार्ज और छोटी जरूरत की चीजें जोड़ने से बिक्री बढ़ती है. UPI और WhatsApp ऑर्डर जैसी सुविधाएं देने से कस्टमर लॉयल्टी बनती है. लोकल सप्लायर्स से सीधा माल लेकर मार्जिन भी बेहतर किया जा सकता है.
रिस्क क्या हैं और कैसे संभालें
शुरुआती 6 से 12 महीने बिक्री धीमी रह सकती है. उधारी पर ज्यादा सामान देना और एक्सपायरी स्टॉक नुकसान की वजह बन सकता है. हालांकि गांव में कस्टमर जल्दी फिक्स हो जाते हैं, जिससे लंबे समय में बिजनेस स्टेबल हो जाता है.



