‘बच्ची समझकर ना टकराना रे’, मशहूर डांसर गौरी नागौरी ने क्यों किया हनुमान बेनीवाल पर सियासी हमला?

Last Updated:January 05, 2026, 17:59 IST
Gauri Nagauri Hanuman Beniwal News : दौसा में गौरी नागोरी ने हनुमान बेनीवाल के बयान पर सियासी पलटवार किया, भाजपा और नरेंद्र मोदी का समर्थन जताया और नागौर से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की. इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हनुमान बेनीवाल का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने गोरी नागोरी को ‘बच्ची’ कहकर संबोधित किया था.
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आशीष कुमार शर्मा/दौसा. दौसा से सामने आई यह खबर केवल एक बयान तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजस्थान की सियासत में एक नए टकराव की आहट बन गई है. मशहूर डांसर गौरी नागोरी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में सियासी मंच से ऐसा बयान दिया, जिसने सीधे तौर पर नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल को राजनीतिक कटघरे में खड़ा कर दिया. अपने शब्दों में गौरी नागोरी ने यह साफ कर दिया कि वह अब सिर्फ मंच की कलाकार नहीं, बल्कि राजनीति के मैदान में भी पूरी मजबूती के साथ उतरने का मन बना चुकी हैं. यह बयान दौसा में दिए गए उस भाषण के दौरान सामने आया, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे.
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हनुमान बेनीवाल का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने गोरी नागोरी को ‘बच्ची’ कहकर संबोधित किया था. इसी बयान को लेकर गौरी नागोरी ने सियासी हमला बोला और कहा कि आज के दौर में बच्चे ही तूफान मचा रहे हैं. उनका यह जवाब केवल व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं था, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी था. उन्होंने यह संकेत दिया कि उन्हें कमजोर समझने वालों को अब अपनी सोच बदलनी होगी. इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या गौरी नागोरी आने वाले समय में हनुमान बेनीवाल के लिए एक नई राजनीतिक चुनौती बन सकती हैं.
सीधे शब्दों में सियासी पलटवारगौरी नागोरी का कहना था कि आज का समय बदल चुका है और बदलाव लाने वाले लोग अपनी सोच, हिम्मत और ईमानदारी से पहचाने जाते हैं, न कि उम्र या पृष्ठभूमि से. उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव या तंज से डरने वाली नहीं हैं. यह बयान सीधे तौर पर हनुमान बेनीवाल की राजनीति और उनके बयानों पर सवाल खड़ा करता है.
राजनीति में उतरने का इरादा और नागौर पर नजरगौरी नागोरी ने इस मंच से यह भी स्पष्ट किया कि वह नागौर से चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि नागौर की जनता उन्हें अच्छे वोटों से जिताएगी. उनका कहना था कि राजनीति में आने का उनका मकसद सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है. उन्होंने कहा कि एक अच्छा नेता वही होता है, जिसका दिल साफ हो, जिसमें इंसानियत जिंदा हो और जो भ्रष्टाचार से दूर रहकर काम करे. उनके इस बयान को मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था और पुराने चेहरों पर अप्रत्यक्ष तंज के रूप में भी देखा जा रहा है.
बीजेपी और मोदी के समर्थन से सियासी संकेतगौरी नागोरी ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति खुला समर्थन जताते हुए कहा, ‘आई लव बीजेपी, आई लव मोदी.’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान का नाम आते ही जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे शहर याद आते हैं, लेकिन उनकी इच्छा है कि नागौर का नाम भी उसी गर्व के साथ लिया जाए. इसके लिए नागौर में विकास और बदलाव जरूरी है और वह इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहती हैं.
बढ़ती सियासी लकीर और नए संकेतगौरी नागोरी का यह बयान पूरी तरह से हनुमान बेनीवाल के इर्द-गिर्द घूमता नजर आया. जहां हनुमान बेनीवाल अपने बेबाक और तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं, वहीं गौरी नागोरी ने यह जता दिया कि वह भी अब सियासी तंज का जवाब उसी मजबूती से देने को तैयार हैं. इस मौके पर मौजूद भाजपा की पूर्व विधायक अमृता मेघवाल ने भी गौरी नागोरी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान का नाम देश और दुनिया में रोशन किया है और ऐसे लोगों का राजनीति में आना स्वागत योग्य है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Dausa,Rajasthan
First Published :
January 05, 2026, 17:59 IST
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‘बच्ची समझकर ना टकराना रे’, गौरी नागौरी ने क्यों किया बेनीवाल पर सियासी हमला?



