Sports

Shreyanka Patil on Bumrah: 1 साल बाद क्रिकेट के मैदान पर वापसी… भारतीय ऑलराउंडर का खोया आत्मविश्वास लौटा, बुमराह बोले- इससे लड़ो मत

नई दिल्ली. भारतीय ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल को लगता है कि वह फिर से शुरुआत कर रही हैं क्योंकि लगातार चोटों की वजह से उन्हें एक साल से ज्यादा क्रिकेट से दूर रहना पड़ा. एक के बाद एक चोटों ने 23 साल की इस क्रिकेटर को करियर की शुरुआत में ही जिंदगी के बड़े सबक सिखा दिए. 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद श्रेयंका को पैर में चोट लगी, फिर कलाई में चोट आई. जब वह पिछले साल घरेलू वनडे वर्ल्ड कप से पहले टीम में वापसी को लेकर आश्वस्त थीं, तभी उनके अंगूठे में भी चोट लग गई. मैदान पर वापसी न कर पाने से वह बहुत निराश हो गई थीं और चोटों से उबरने के दौरान उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया था.

परिवार के सपोर्ट और बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जसप्रीत बुमराह समेत भारतीय क्रिकेटरों से बात करने से उन्हें लगा कि वह अकेली नहीं हैं जो चोटों से जूझ रही हैं. उसी वक्त भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव और श्रेयंका की आरसीबी की साथी आशा शोभना और कनिका आहुजा भी वहां मौजूद थीं. महिला प्रीमियर लीग से पहले मीडिया से बात करते हुए श्रेयंका ने अपने अनुभव शेयर किए. उन्होंने कहा, ‘शुरुआत में लगा था चोटें जल्दी ठीक हो जाएंगी, लेकिन मैं तैयार नहीं थी. फिर सोचना पड़ा कि इससे बाहर कैसे निकलूं, क्योंकि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. मुझे हल ढूंढने पड़े, लोगों से बात करनी पड़ी, अपनी फीलिंग्स शेयर करनी पड़ी.’

श्रेयंका पाटिल को बुमराह ने दी बेशकीमती सलाह.

श्रेयंका  पाटिल (Shreyanka Patil)   ने कहा, ‘मैं आमतौर पर बहुत खुलकर बात करने वाली और खुशमिजाज हूं, लेकिन उस वक्त किसी से बात नहीं कर पा रही थी. दो-तीन महीने तक खुद को कमरे में बंद रखा.’ उन्होंने कहा, ‘बाद में खुद से पूछा कि ये कब तक चलेगा? फिर मैंने लोगों से बात करना शुरू किया, सिर्फ महिला क्रिकेटरों से ही नहीं बल्कि वहां मौजूद पुरुष खिलाड़ियों से भी.’ बुमराह जैसे खिलाड़ियों से क्रिकेट और जिंदगी पर हुई बातचीत ने श्रेयंका को इस मुश्किल वक्त में काफी राहत दी. उन्होंने कहा, “बस क्रिकेट, जिंदगी या किसी भी बात पर बात होती थी. तभी मैंने अपनी चोट के बारे में सोचना कम किया और दिमाग को पॉजिटिव सोच से भरने की कोशिश की.’

उन्होंने कहा, ‘वहां कुछ दोस्त भी बनाए, जिनमें ज्यादातर लड़कियां थीं. बुमराह, स्काई (सूर्यकुमार), रियान और मयंक यादव भी थे. उनसे बात करके लगा कि मैं अकेली नहीं हूं, सिर्फ मैं ही इतनी परेशान नहीं हूं.’ ऑफ स्पिनर होने के बावजूद श्रेयंका बुमराह से बात करके बहुत उत्साहित थीं, जिन्होंने अपने करियर में कई चोटों का सामना किया है. उन्होंने बताया, ‘जब पता चला कि बुमराह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आ रहे हैं तो मैं थोड़ी एक्साइटेड हो गई. मेरे दिमाग में बहुत सारे सवाल थे. मैं उनके पास गई और उन्होंने कहा कि किसी दिन बैठकर बात करते हैं. फिर कुछ दिन बाद उन्होंने खुद कहा, ‘श्रेयंका, अगर फ्री हो तो बात करते हैं’.’

बकौल श्रेयंका पाटिल, ‘मेरे पास प्रेशर में बॉलिंग को लेकर कई सवाल थे. वह तेज गेंदबाज हैं, मैं स्पिनर हूं, लेकिन मैं भी डेथ ओवर में बॉलिंग करती हूं. मैं जानना चाहती थी कि यॉर्कर की प्रैक्टिस कैसे करते हैं. उन्होंने मेरे सवालों के बहुत अच्छे जवाब दिए.’ चोटों से निपटने को लेकर बुमराह की सलाह श्रेयंका के दिल में हमेशा के लिए बस गई. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मुझसे कहा कि जो कुछ भी तुम झेल रही हो, वह ठीक है. हर कोई इससे गुजरता है. तुम ये सब बहुत कम उम्र में झेल रही हो. इसे स्वीकार करो, इससे लड़ो मत, बस इसमें बने रहो. ये सलाह बहुत खूबसूरत थी क्योंकि वह खुद भी कई चोटों से गुजर चुके हैं.’

श्रेयंका ने पिछले अक्टूबर में कैरेबियन प्रीमियर लीग के जरिए फिर से क्रिकेट में वापसी की. बिना किसी परेशानी के पहला मैच खेलने के बाद वह बहुत इमोशनल हो गईं और अपने आंसू नहीं रोक पाईं. इन चोटों की वजह से वह भारत की घरेलू वनडे वर्ल्ड कप जीत का हिस्सा नहीं बन सकीं. इस साल के आखिर में ब्रिटेन में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को लेकर वह पॉजिटिव हैं और आईसीसी ट्रॉफी अपने हाथ में उठाने का सपना देख रही हैं.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj