नागौर में निकाह पर बवाल! सामाजिक संस्था का तुगलकी फरमान, दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद कर किया बहिष्कार

नागौर. राजस्थान के नागौर जिले के सदर थाना क्षेत्र के बासनी गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक सामाजिक संस्था ‘नागौरी कौमी सोसाइटी’ ने दो मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया. दोनों परिवारों के बच्चों के निकाह से नाराज सोसाइटी ने न केवल उनका हुक्का-पानी बंद करने का फरमान जारी किया, बल्कि तीन साल के लिए गांव से निष्कासित करने का ऐलान भी करवाया. इतना ही नहीं, सभी व्हाट्सएप ग्रुप से परिवार के सदस्यों को हटाने और यदि कोई एडमिन है तो उसे पद से हटाने का भी तुगलकी आदेश दिया गया. इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर सदर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जांच शुरू कर दी है.
घटना की शुरुआत तब हुई जब बासनी गांव निवासी अल्लाहबख्श के पुत्र रियान ने इकबाल की पुत्री गुलनार से निकाह किया. पीड़ित अल्लाहबख्श के अनुसार, यह निकाह दोनों परिवारों की पूर्ण सहमति और रजामंदी से हुआ था. दोनों परिवार इस रिश्ते से खुश थे और निकाह के बाद उत्सव का माहौल था. लेकिन इस निकाह की खबर जैसे ही नागौरी कौमी सोसाइटी के पदाधिकारियों तक पहुंची, वे भड़क उठे. सोसाइटी के अध्यक्ष हबीबुर्रहमान, उपाध्यक्ष सलीम, सचिव लियाकत और अन्य सदस्यों ने 30 दिसंबर की रात सदर बाजार में एक मीटिंग बुलाई. इस मीटिंग में फैसला लिया गया कि दोनों परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए.
नागौर के बासनी गांव में परिवारों के बच्चों के निकाह पर नागौरी कौमी सोसाइटी ने सुनाया तुगलकी फरमान
सोसाइटी ने लाउडस्पीकर से गांव में मुनादी करवाई
मीटिंग के बाद सोसाइटी ने लाउडस्पीकर से गांव में मुनादी करवाई, जिसमें सार्वजनिक रूप से ऐलान किया गया कि अल्लाहबख्श और इकबाल के परिवारों का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है. उन्हें तीन वर्षों के लिए गांव छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया. साथ ही, डिजिटल युग की इस बहिष्कार में व्हाट्सएप ग्रुप्स को भी शामिल किया गया. फरमान में कहा गया कि सभी कम्युनिटी व्हाट्सएप ग्रुप्स से इन परिवारों के सदस्यों को तुरंत रिमूव किया जाए और यदि कोई एडमिन है तो उसे हटा दिया जाए. यह फरमान गांव में चर्चा का विषय बन गया और कई लोग इसे अतिवादी कदम बता रहे हैं.
नागौर के बासनी गांव में लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया
सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच
पीड़ित अल्लाहबख्श ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सदर थाने में दर्ज कराई. शिकायत में उन्होंने बताया कि निकाह परिवार की सहमति से हुआ था और सोसाइटी का यह फैसला पूरी तरह अवैध और मनमाना है. इससे उनके परिवार को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है. गांव में अब उन्हें अलग-थलग कर दिया गया है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है.
नागौर सर्कल ऑफिसर और ट्रेनी आईपीएस अधिकारी जतिन जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि शिकायत मिलते ही सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है.
पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सोसाइटी के पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी. जतिन जैन ने कहा कि यह मामला सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करने वाला है. हम कानून के तहत पूरी जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. कोई भी व्यक्ति या संस्था कानून से ऊपर नहीं है. पीड़ित परिवार अब न्याय की उम्मीद लगाए पुलिस जांच का इंतजार कर रहे हैं.



