खेतों में करंट लगाने पर जेल की सजा | Ban on Electric Fencing in Rajasthan Farms News

Last Updated:January 10, 2026, 09:25 IST
Agriculture News: राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड ने फसलों की रखवाली के लिए खेतों में करंट या नुकीले ब्लेड वाले तारों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. भरतपुर समेत पूरे प्रदेश में जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे कृत्य करने वाले जमीन मालिकों पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाए. पशुपालन विभाग के अनुसार. यदि बाड़ की वजह से किसी बेजुबान जीव की जान जाती है या वह घायल होता है. तो संबंधित किसान को जेल और आर्थिक दंड भुगतना होगा. सरकार ने किसानों से सुरक्षित और पारंपरिक बाड़ लगाने की अपील की है ताकि नीलगाय. हिरण और पक्षियों जैसे जीवों की रक्षा की जा सके.
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Agriculture News: खेतों की सुरक्षा के नाम पर बेजुबान पशुओं और पक्षियों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है. राज्य सरकार ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया है. अब खेतों की बाड़ में बिजली का करंट लगाना या नुकीले और ब्लेडनुमा तारों का इस्तेमाल करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा. सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस तरह की लापरवाही से यदि किसी पशु या पक्षी के घायल होने या उसकी मौत की घटना सामने आती है. तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित जमीन मालिक की होगी और उसे जेल तक की सजा हो सकती है.
राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं. निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि खेतों की घेराबंदी के दौरान ऐसे किसी भी साधन का उपयोग नहीं किया जाए जिससे आवारा पशुओं. वन्यजीवों या पक्षियों की जान को खतरा हो. जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए.
पशुपालन विभाग की चेतावनी
जॉइन डायरेक्टर पशुपालन विभाग रामकिशन ने बताया कि राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड द्वारा यह आदेश पशु-पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि खेतों में फसलों की सुरक्षा जरूरी है. लेकिन इसके नाम पर बेजुबान जीवों की जान लेना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि कहीं भी बिजली के करंट वाली बाड़ या ब्लेडनुमा तारों का इस्तेमाल पाया गया. तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कई मामलों में करंट और नुकीले तारों के कारण गाय. नीलगाय. हिरण और पक्षियों की मौत हो चुकी है. जिसे अब सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है.
सुरक्षित विकल्प अपनाने की अपील
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक उपाय अपनाएं. साधारण तार की बाड़. झाड़ियों का इस्तेमाल या अन्य गैर-हानिकारक तरीके अपनाकर फसलों को बचाया जा सकता है. दोषी पाए जाने पर अब केवल जुर्माना ही नहीं. बल्कि जेल की सजा का भी प्रावधान किया गया है. सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
January 10, 2026, 09:12 IST
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खेतों में करंट वाली बाड़ लगाने पर होगी जेल, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के सख्त..



