Health

गर्मियों में डायरिया का अटैक! स्ट्रीट फूड ही नहीं, चॉकलेट भी बच्चों को कर रही बीमार, एक्सपर्ट से जानें

Last Updated:April 22, 2026, 17:30 IST

Summer Health Tips: बदलता मौसम अपने साथ बीमारियों का खतरा लेकर आता है, जिसमें डायरिया सबसे ज्यादा पैर पसार रहा है. चिलचिलाती धूप और बिना मौसम की बारिश के बीच छोटे बच्चे तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ स्ट्रीट फूड ही नहीं, बल्कि बच्चों की पसंदीदा चॉकलेट भी इस गर्मी में उनके पेट को खराब कर रही है. डॉक्टरों के पास आने वाले मरीजों में 30 से 40 फीसदी मामले अकेले डायरिया के हैं.

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है. कभी तेज धूप तो कभी अचानक होने वाली बारिश की वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं, जिनमें डायरिया सबसे गंभीर समस्या बनकर उभरा है. खासकर छोटे बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में खाना बहुत जल्दी खराब हो जाता है और उसमें मौजूद बैक्टीरिया शरीर में पहुंचते ही पेट दर्द और लूज मोशन जैसी परेशानियां खड़ी कर देते हैं.देहरादून के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सिराज सिद्दीकी के अनुसार, उनके पास आने वाले मरीजों में लगभग 30 से 40 प्रतिशत मामले डायरिया के ही आ रहे हैं. उन्होंने बच्चों की सेहत से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.

चॉकलेट भी बन रही है डायरिया की वजहआमतौर पर माता-पिता को लगता है कि बाहर का खाना या गंदा पानी ही बच्चों को बीमार करता है, लेकिन डॉक्टर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि गर्मियों में ज्यादा तापमान होने की वजह से चॉकलेट बहुत जल्दी खराब हो जाती है और अंदर ही अंदर सड़ने लगती है. इसमें पनपने वाले बैक्टीरिया ही बच्चों में डायरिया और फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बन रहे हैं. यही वजह है कि देहरादून के अस्पतालों में पहुंचने वाले ज्यादातर बच्चों में इस तरह की शिकायतें देखने को मिल रही हैं. इसलिए गर्मियों के दिनों में बच्चों को ज्यादा चॉकलेट देने से परहेज करना चाहिए.

स्ट्रीट फूड और मोमोज की चटनी से रहें सावधानदेहरादून के हर कोने में मिलने वाले स्ट्रीट फूड बच्चों और युवाओं की पहली पसंद हैं, लेकिन यही उनकी सेहत के दुश्मन बन रहे हैं. डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि मोमोज के साथ दी जाने वाली तीखी चटनी में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं जो सीधे पेट पर हमला करते हैं. इसके अलावा, ज्यादातर फास्ट फूड मैदे से तैयार किए जाते हैं जो हमारे मेटाबॉलिज्म को कमजोर करने के साथ ही लीवर पर भी बुरा असर डालते हैं. जब शरीर का पाचन तंत्र कमजोर होता है, तो बीमारियां बहुत जल्दी शरीर को अपनी चपेट में ले लेती हैं.

बेमौसम बारिश और दूषित पानी का खतराडॉक्टर के मुताबिक, इन दिनों होने वाली बिना मौसम की बारिश प्राकृतिक रूप से शुद्ध नहीं होती है. इसमें मौजूद टॉक्सिन्स यानी जहरीले तत्व पानी के साथ मिलकर उसे दूषित कर देते हैं. हालांकि सरकार पानी को फिल्टर करके सप्लाई करती है, लेकिन उन प्लांट्स की भी अपनी एक सीमा होती है. अगर पीने के पानी में किसी भी तरह के माइक्रोप्स रह जाते हैं, तो डायरिया होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में पानी की शुद्धता को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.

लापरवाही पड़ सकती है भारीउल्टी और दस्त होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और मरीज बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करने लगता है. वैसे तो इलाज करवाने पर मरीज जल्दी ठीक हो जाता है, लेकिन अगर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर लापरवाही बरती गई, तो यह स्थिति मरीज के लिए जानलेवा भी हो सकती है. बच्चों के मामले में यह और भी संवेदनशील हो जाता है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम वयस्कों के मुकाबले कमजोर होता है. इसलिए बचाव के लिए घर में बनी ताजी चीजें ही खिलाएं और पानी हमेशा अच्छी तरह फिल्टर किया हुआ ही इस्तेमाल करें.

About the AuthorSeema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Dehradun,Uttarakhand

First Published :

April 22, 2026, 17:30 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj