Kota News: इंसानों से बढ़कर निकली कबूतर की वफादारी! बाइक के पीछे उड़ता है शेरा, वायरल हुई दोनों की अनोखी दोस्ती

Last Updated:May 15, 2026, 09:06 IST
Muzammil and Shera Pigeon Friendship Kota: कोटा के मुजम्मिल हुसैन और उनके कबूतर ‘शेरा’ की दोस्ती पूरे राजस्थान में वायरल हो रही है. शेरा एक ऐसा वफादार परिंदा है जो मुजम्मिल की बाइक के पीछे 90 किमी की रफ्तार से उड़ता है और हॉर्न की आवाज सुनते ही उनके कंधे पर आ बैठता है. काजू-बादाम खाने वाला यह कबूतर कभी पिंजरे में नहीं रहा, फिर भी मुजम्मिल का साथ नहीं छोड़ता. मुजम्मिल का कहना है कि इंसानों से ज्यादा वफादार यह पक्षी अब उनके परिवार का हिस्सा बन चुका है.
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Muzammil and Shera Pigeon Friendship: राजस्थान के कोटा शहर में इन दिनों एक ऐसी दोस्ती की चर्चा है, जो बेजुबान और इंसान के बीच के रिश्तों की नई परिभाषा लिख रही है. यह कहानी है कोटा निवासी मुजम्मिल हुसैन और उनके पालतू कबूतर ‘शेरा’ की. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इनकी वीडियोज ने सबको हैरान कर दिया है. मुजम्मिल का मानना है कि आज के दौर में इंसान भले ही साथ छोड़ दे या धोखा दे दे, लेकिन उनका साथी शेरा कभी उनका साथ नहीं छोड़ता. यही वजह है कि आज मुजम्मिल को पूरे शहर में ‘मुजम्मिल शेरा’ के नाम से जाना जाने लगा है.
मुजम्मिल और शेरा का लगाव किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. मुजम्मिल जहां भी जाते हैं, शेरा एक साये की तरह उनके साथ रहता है. मुजम्मिल बताते हैं कि उन्होंने कई बार अपनी बाइक को 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर दौड़ाया, लेकिन शेरा ने हार नहीं मानी और हवा को चीरते हुए उनके पीछे उड़ता रहा.बाइक का हॉर्न सुनते ही शेरा कहीं से भी उड़कर मुजम्मिल के पास पहुँच जाता है. वह बाजार हो, जूस सेंटर हो या कोई भीड़भाड़ वाला इलाका, शेरा हमेशा उनके आसपास ही मंडराता रहता है.
शाही खानपान और खास देखभालमुजम्मिल शेरा को पक्षी नहीं, बल्कि अपने परिवार का सदस्य मानते हैं. शेरा की डाइट और सेहत का खास ख्याल रखा जाता है:
डाइट में काजू-बादाम: शेरा को आम दाने के साथ-साथ काजू, बादाम और अन्य पौष्टिक चीजें खिलाई जाती हैं. वह मुजम्मिल की थाली में साथ बैठकर खाना खाता है.
मेडिकल चेकअप: शेरा की सेहत के लिए मुजम्मिल हर हफ्ते उसे पशु चिकित्सालय लेकर जाते हैं ताकि उसका नियमित ट्रीटमेंट हो सके. मुजम्मिल बताते हैं कि इतने सालों में उन्हें कभी किसी संक्रमण या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.
परिवार का मिला साथशुरुआत में मुजम्मिल के परिवार को पक्षी को घर में रखने पर आपत्ति थी, लेकिन मुजम्मिल के अटूट लगाव को देखकर अब पूरा परिवार शेरा का दीवाना हो चुका है. मुजम्मिल की पत्नी को भी अब शेरा से खास लगाव है. शेरा कभी पिंजरे में बंद नहीं रहा, वह पूरी तरह आजाद है लेकिन उसकी वफादारी उसे बार-बार मुजम्मिल के पास ही खींच लाती है. मुजम्मिल और शेरा की यह जोड़ी आज राजस्थान में बेजुबानों के प्रति प्रेम की एक बड़ी मिसाल बन चुकी है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Kota,Kota,Rajasthan



