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Agriculture News: ज्यादातर किसानों को नहीं पता! मानसून से पहले सरकार दे रही है ये बड़े फायदे, चूक गए तो होगा नुकसान

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ज्यादातर किसानों को नहीं पता! मानसून से पहले सरकार दे रही है ये बड़े फायदे

Last Updated:June 18, 2026, 05:37 IST

Rajasthan Agriculture Schemes: राजस्थान में मानसून के आगमन के साथ खरीफ फसलों की तैयारी तेज हो गई है. कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं. राज्य में कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई अनुदान, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं चल रही हैं. इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं से फसल सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत समय पर बीमा कराना जरूरी है. किसान नजदीकी ई-मित्र या कृषि कार्यालय से इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं.

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ज्यादातर किसानों को नहीं पता! मानसून से पहले सरकार दे रही है ये बड़े फायदेZoomराजस्थान सरकार की इन योजनाओं से किसानों को होगा बड़ा फायदा

Rajasthan Krishi Yojana: मानसून की दस्तक के साथ ही राजस्थान के किसान खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारियों में पूरी तरह जुट गए हैं. खेतों की जुताई, उन्नत बीजों के चयन और खाद की व्यवस्था के साथ-साथ आज के समय में किसानों के लिए सरकारी कृषि योजनाओं की सही जानकारी रखना भी बेहद महत्वपूर्ण हो गया है. राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से प्रदेश में कई ऐसी कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी खेती की लागत को काफी कम कर सकते हैं. ये योजनाएं न सिर्फ फसल का उत्पादन बढ़ाने में मददगार हैं, बल्कि विपरीत मौसम में किसानों को मजबूत आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करती हैं.

आधुनिक दौर में खेती को आसान और कम खर्चीला बनाने के लिए राजस्थान सरकार किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर भारी सब्सिडी उपलब्ध कराती है. इस योजना के तहत ट्रैक्टर संचालित कृषि उपकरण, सीड ड्रिल, रोटावेटर, कल्टीवेटर, पावर टिलर और आधुनिक स्प्रे मशीन जैसे कई उपकरणों पर किसानों की श्रेणी (लघु, सीमांत या महिला किसान) के अनुसार निर्धारित अनुदान दिया जाता है. इससे किसानों को महंगे कृषि उपकरण सस्ते दामों में मिल जाते हैं, जिससे खेती के कार्यों में श्रम और समय दोनों की भारी बचत होती है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से फसलों को सुरक्षा कवचमानसून के सीजन में मौसम का मिजाज अक्सर अनिश्चित रहता है. अत्यधिक बारिश, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या कीटों के हमले जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है. कृषि विभाग के अनुसार किसानों को मानसून की बुवाई के साथ ही या निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा अवश्य करवा लेना चाहिए. इससे यदि किसी आपदा के कारण फसल नष्ट होती है, तो किसानों को उचित मुआवजा मिलकर आर्थिक नुकसान से राहत मिलती है.

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि और सिंचाई योजनाएंराजस्थान सरकार की ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत प्रदेश के पात्र किसानों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे वे बीज और खाद जैसी तात्कालिक जरूरतों को पूरा कर सकें. इसके साथ ही, जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ड्रिप (बूंद-बूंद) सिंचाई और स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिस्टम पर भारी अनुदान दिया जा रहा है. कम पानी में अधिक क्षेत्र को सींचने वाली इन तकनीकों से पानी की बचत होती है और फसलों की गुणवत्ता भी सुधरती है.

मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि ऋण में विशेष राहतफसल की अच्छी पैदावार के लिए खेत की मिट्टी की सेहत जानना सबसे जरूरी कदम है. ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना’ (Soil Health Card) के तहत कृषि विभाग किसानों के खेतों की मिट्टी का मुफ्त परीक्षण करता है. इस कार्ड के जरिए किसानों को यह पता चलता है कि उनकी जमीन में किस पोषक तत्व की कमी है, जिससे वे जरूरत के अनुसार ही यूरिया या अन्य उर्वरकों का सटीक उपयोग कर लागत बचा सकते हैं. इसके अलावा, सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को कृषि कार्यों के लिए बेहद कम ब्याज दर या ब्याज माफी के साथ फसली ऋण (KCC) भी उपलब्ध कराया जाता है.

बुवाई से पहले विशेषज्ञों की सलाह और उन्नत बीजकृषि विभाग द्वारा मानसून के दौरान किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के बीज रियायती दरों पर वितरित किए जाते हैं. इसके साथ ही विभाग के कृषि पर्यवेक्षक और विशेषज्ञ समय-समय पर गांवों में जाकर किसानों को मौसम के पूर्वानुमान, सही फसल प्रबंधन, जैविक खेती और रोग नियंत्रण के उपाय बताते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कई योजनाओं में आवेदन करने की अंतिम तिथि तय होती है, इसलिए किसानों को मानसून की शुरुआत में ही अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र या कृषि कार्यालय जाकर पात्रता के अनुसार आवेदन कर देना चाहिए ताकि समय पर पूरा लाभ मिल सके.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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