‘सोमेसर’ नहीं ‘सोमेश्वर’! रेल मंत्री तक पहुंची मारवाड़ प्रवासियों की बड़ी मांग, नाम बदलने की उठी आवाज

Last Updated:June 28, 2026, 11:47 IST
Somesar Railway Station: मारवाड़ प्रवासी समाज ने सोमेसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘सोमेश्वर’ करने की मांग को लेकर रेल मंत्री के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत किया है. समाज का कहना है कि क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान भगवान सोमेश्वर से जुड़ी हुई है, इसलिए स्टेशन का नाम भी उसी अनुरूप होना चाहिए. प्रवासियों का मानना है कि वर्तमान नाम स्थानीय इतिहास और आस्था को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करता. इसी कारण लंबे समय से स्टेशन का नाम ‘सोमेश्वर’ किए जाने की मांग उठाई जा रही है. प्रतिनिधिमंडल ने रेल मंत्री से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है. उनका कहना है कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी भावना का सम्मान होगा.
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पाली. राजस्थान के रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने और उन्हें उनकी असली पहचान दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. इस बार मामला जुड़ा है ‘सोमेसर’ रेलवे स्टेशन से. मुंबई के मारवाड़ प्रवासी संघ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखकर मांग की है कि ‘सोमेसर’ स्टेशन का नाम बदलकर उसका मूल और शास्त्रीय नाम ‘सोमेश्वर’ किया जाए. मारवाड़ प्रवासी संघ का कहना है कि वर्तमान में इस्तेमाल होने वाला ‘सोमेसर’ शब्द दरअसल स्थानीय बोलचाल के कारण बिगड़ा हुआ रूप यानी अपशब्द हो सकता है. जबकि इतिहास और शास्त्रों के अनुसार इसका असली और शुद्ध रूप ‘सोमेश्वर’ है.
राजस्थान के पाली जिले के अंतर्गत आने वाले ‘सोमेसर’ रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘सोमेश्वर’ किए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है. इस संबंध में मुंबई के प्रमुख सामाजिक संगठन ‘मारवाड़ प्रवासी संघ’ ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक मांग पत्र भेजा है. संघ का तर्क है कि वर्तमान नाम ‘सोमेसर’ दरअसल मूल नाम का एक विकृत या अपशब्द रूप है, जिसे सुधारना बेहद जरूरी है.
सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़ा है मामलाप्रवासी संघ ने रेल मंत्री को सौंपे पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया है कि वर्तमान में इस्तेमाल हो रहा ‘सोमेसर’ शब्द स्थानीय बोलचाल के कारण उपजा एक अशुद्ध रूप हो सकता है. जबकि इस क्षेत्र का मूल, ऐतिहासिक और शास्त्रीय स्वरूप ‘सोमेश्वर’ है. यह नाम इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को अधिक सटीक और प्रामाणिक रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है.
‘सोमेश्वर’ शब्द का सनातन महत्वसंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सोमेश्वर शब्द केवल रेलवे स्टेशन का एक नाम मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और अटूट शिव उपासना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहचान है. संस्कृत व्याकरण के अनुसार ‘सोम’ का अर्थ चंद्रमा और ‘ईश्वर’ का अर्थ भगवान या स्वामी होता है. इस प्रकार, ‘सोमेश्वर’ का शाब्दिक अर्थ ‘चंद्रमा के स्वामी यानी भगवान शिव’ है.”
पहचान को मिलेगी प्रामाणिकताप्रवासी संघ का मानना है कि देश भर में ‘सोमेश्वर’ नाम से कई प्राचीन मंदिर, पौराणिक तीर्थस्थल और पूजनीय धार्मिक केंद्र स्थापित हैं. ऐसे में इस ऐतिहासिक स्टेशन का नाम बदलकर ‘सोमेश्वर’ करना न केवल व्याकरण और इतिहास की दृष्टि से न्यायसंगत होगा, बल्कि इससे स्थानीय क्षेत्र की पहचान को भी एक नया और प्रामाणिक गौरव हासिल होगा. मारवाड़ के प्रवासियों ने रेल मंत्रालय से इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द से जल्द उचित कदम उठाने का आग्रह किया है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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