अब सिर्फ सब्जी नहीं, दवा भी बनेगा मशरूम, वैज्ञानिक ने बताए 3 प्रकार, पहचानना जरूरी वरना हो सकता है नुकसान

Last Updated:July 06, 2026, 22:07 IST
Benefits Of Medicinal Mushrooms: मशरूम का नाम सुनते ही लोगों के मन में स्वादिष्ट खाने की तस्वीर उभरती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि मशरूम सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि इसके अलग-अलग प्रकार और उपयोग भी होते हैं. समस्तीपुर में बड़े पैमाने पर मशरूम उत्पादन किया जा रहा है. यहां के किसान इसके व्यवसाय में तेजी से रुचि ले रहे हैं.
उन्होंने कहा कि जापान और फ्रांस जैसे देशों में मशरूम आधारित दवाइयों का उपयोग पहले से हो रहा है. जबकि भारत में भी कुछ कंपनियां इस दिशा में काम शुरू कर चुकी हैं. बिहार का वातावरण भी इसकी खेती के लिए अनुकूल है और इसकी खासियत यह है कि इसे सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मशरूम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दया राम सिंह ने बताया कि मुख्य रूप से मशरूम 3 प्रकार के होते हैं. पहला सामान्य खाद्य मशरूम, जिसे लोग रोजमर्रा में सब्जी या अन्य खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल करते हैं.
दूसरा ऐसा मशरूम जो खाने योग्य नहीं होता और कई बार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है. वहीं, तीसरी श्रेणी का मेडिसिनल यानी औषधीय मशरूम होता है, जिसे स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी पहचान और उपयोग को समझना बेहद जरूरी है.
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वैज्ञानिक डॉ. दयाराम सिंह ने बताया कि औषधीय मशरूम जैसे सिटाके और किंग ऑयस्टर कई गंभीर बीमारियों में लाभकारी माने जाते हैं. इनके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. कैंसर, अल्जाइमर, ट्यूमर जैसी समस्याओं में भी यह फायदेमंद पाए गए हैं.
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