शराब पीने वालों सावधान, आगरा के SN मेडिकल कॉलेज में बढ़े सिरोसिस के मरीज, जानें लक्षण और बचाव

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में इन दिनों लिवर सिरोसिस और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है. एसएन के चिकित्सक ने कहा कि अत्यधिक शराब का सेवन सिरोसिस का सबसे बड़ा कारण है, लेकिन अब जंक फूड, अधिक तला-भुना भोजन, अनियमित खानपान, मोटापा और फैटी लिवर जैसी समस्याएं भी लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं. वहीं पेट दर्द, अपच, गैस और एसिडिटी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है.
आगरा के वरिष्ठ गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. राघव सिंघल ने लोगों से खानपान और जीवनशैली में सुधार करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि सिरोसिस के शुरुआती लक्षणों में लगातार थकान, भूख कम लगना, पेट में सूजन, पीलिया, वजन घटना और पैरों में सूजन शामिल हो सकते हैं.
जंक फूड और ज्यादा तेल मसाले से बनाएं दूरी
डॉ. ने सलाह दी कि शराब से पूरी तरह दूरी बनाए रखें, जंक फूड और अधिक तेल-मसाले वाले भोजन से बचें, संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें और किसी भी तरह की लिवर या पेट संबंधी समस्या होने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराएं. उन्होंने कहा कि आज कल फैशन के दौर में शराब आम हो गई है. पहले यह पार्टी आदि में होती है इसके बाद लत में तब्दील हो जाती है. चिकित्सक ने कहा कि अत्यधिक शराब अंदर ही अंदर अंगों को डैमेज करना शुरू कर देती है इसलिए जितना हो सके इससे दुरी बनान जरूरी है. बताया कि फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. पहले यह बीमारी अधिक शराब पीने वालों में देखी जाती थी, लेकिन अब गलत खानपान, जंक फूड, मोटापा, मधुमेह और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआत में फैटी लिवर के लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन, थकान, भूख कम लगना, अपच और वजन बढ़ना जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं.
समय से कराएं इलाज नहीं तो हो सकता है घातक
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते इलाज न कराया जाए तो यह लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और आगे चलकर सिरोसिस का रूप ले सकती है. डॉ. सिंघल ने कहा कि संतुलित आहार लें, जंक फूड और तले-भुने भोजन से परहेज करें, नियमित व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें, शराब से दूरी बनाएं और समय-समय पर लिवर की जांच कराकर चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें. समय रहते पता चल जाए, तो इसका प्रभावी इलाज संभव है. लेकिन यदि मरीज लापरवाही बरतता है और समय पर उपचार नहीं कराता, तो यह बीमारी आगे चलकर लिवर सिरोसिस का रूप ले सकती है.
ये हो सकते हैं लक्षण
सिरोसिस की स्थिति में मरीज के पेट में पानी भरना, पीलिया होना, खून की उल्टी आना, बार-बार बेहोशी आना और शरीर में अत्यधिक कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं. डॉ. सिंघल ने लोगों को सलाह दी कि नियमित हेल्थ चेकअप कराएं, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करें, जंक फूड और अत्यधिक तले-भुने भोजन से बचें तथा वजन नियंत्रित रखें. आज के समय में शराब का सेवन आम होता जा रहा है, लेकिन यह लिवर के लिए बेहद नुकसानदायक है. इसलिए शराब से दूरी बनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाना ही लिवर को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी उपाय है, उन्होंने कहा कि पेट में किसी तरह की समस्या दिखने पर उसे नज़रअंदाज़ ना करें नज़दीकी चिकित्सक से सलाह जरूर लें.



