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डूंगरपुर में मृत बच्चा पैदा होने के 24 घंटे के भीतर ही प्रसूता की भी मौत, गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में काटा बवाल

Last Updated:August 07, 2026, 11:49 IST

Dungarpur News : राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब आदिवासी बाहुल्य डूंगरपुर जिले में प्रसूता की मौत हो जाने से वहां भारी बवाल मच गया. मौत की शिकार हुई प्रसूता ने एक दिन पहले ही मृत शिशु को जन्म दिया था. उसके 24 घंटे के भीतर ही प्रसूता मौत हो गई. इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर बवाल काटा और डॉक्टर्स तथा मेडिकल स्टाफ के साथ हाथापाई कर डाली. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मुश्किल से हालात को संभाला.डूंगरपुर : मृत बच्चा पैदा होने के 24 घंटे के भीतर ही प्रसूता की मौत, बवाल मचाZoomडूंगरपुर में अस्पताल में हंगामा देखकर पुलिस और लोग सहम गए.

डूंगरपुर. डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के मातृ शिशु अस्पताल में मृत बच्चा पैदा होने के 24 घंटे के भीतर ही 20 वर्षीय प्रसूता की भी मौत हो जाने से वहां बवाल मच गया. प्रसूता के परिजनों ने हंगामा करते हुए शव को मोर्चरी में शिफ्ट करने से रोक लिया. उन्होंने डॉक्टर्स पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया और स्टाफ के साथ हाथपाई कर वहां तोड़फोड़ कर डाली. सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला और बाद में शव को मोर्चरी में शिफ्ट करवाया. इस संबंध में अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स में आक्रोश का माहौल है. उन्होंने कोतवाली पुलिस को प्रसूता के परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है.

जानकारी के अनुसार उदयपुर जिले के सुलई आंकड़ी खेरवाड़ा निवासी ललिता पत्नी नितेश मीणा गर्भवती होने के कारण अपने पिता के घर गरासिया फला ऋषभदेव में रहती थी. बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोग उसे दिखाने के लिए खैरवाड़ा में डॉ. आशीष के निजी क्लीनिक पर लेकर पहुंचे. वहां से उसे डूंगरपुर अस्पताल लेकर आए. डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के मातृ शिशु अस्पताल में ललिता को भर्ती कर लिया गया. उसके बाद ललिता ने मृत बच्चे को जन्म दिया. डॉक्टर्स ने मृत नवजात को मोर्चरी में रखवा दिया.

प्रसूता की मौत पर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ाउसके बाद ललिता का इलाज चल रहा था. लेकिन इलाज के दौरान गुरुवार को सुबह ललिता ने भी दम तोड़ दिया. पहले मृत नवजात और फिर प्रसूता की मौत पर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा. परिजनों ने डॉक्टर्स पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए. वहीं शव को एमजीएच से मोर्चरी में शिफ्ट करते समय हंगामा कर दिया. परिजन स्ट्रेचर के सामने खड़े हो गए और शव को ले जाने से रोक लिया. अस्पताल स्टाफ के साथ भी धक्का मुक्की की. घटना की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची.

शव को अस्पताल में ही रखने की बात पर अड़े रहेपरिजन पुलिस के सामने हंगामा करते रहे और शव को अस्पताल में ही रखने की बात पर अड़े रहे. पुलिस ने समझाइश कर शव को मोर्चरी में शिफ्ट करवाया. पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है. अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि परिजनों ने इलाजरत प्रसूता को हायर सेंटर में रेफर करने की जिद की थी. इसपर डॉक्टर ने मना किया था. उसके बाद भी परिजन नहीं माने ओर उसे स्ट्रेचर पर ले जाने लगे. इस दौरान अस्पताल के गेट पर ललिता की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. मेडिकल कॉलेज के उप नियंत्रक डॉ कौस्तुब ने बताया कि मामले में की जांच के लिए कमेटी गठित कर जांच करवाई जायेगी.

डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ हाथापाईवहीं अस्पताल में हंगामा होने के बाद डॉक्टर्स ने मरीज के परिजनों पर मारपीट के आरोप लगाए और इस संबंध में कोतवाली थाना पुलिस को रिपोर्ट दी. इस घटना के बाद जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स में आक्रोश का माहौल है. जूनियर रेजिडेंट ने प्रसूता के परिजनों पर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ हाथापाई तथा अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है. जूनियर रेजिडेंट डॉ अभिधा पंचाल ने कोतवाली थाना पुलिस को रिपोर्ट देकर बताया कि गुरुवार को सुबह वह अस्पताल में ड्यूटी पर थी. इस दौरान प्रसूता ललिता मीणा का इलाज चल रहा था. उस समय प्रसूता के परिजन उसे इलाज के लिए दूसरी जगह ले जाने की जिद कर रहे थे.

डॉक्टर्स बोले- परिजनों की जिद से गई प्रसूता की जानडॉक्टर्स ने मरीज की गंभीर हालत का हवाला देते हुए उसे बाहर ले जाने की स्वीकृति नहीं दी. इसके बावजूद परिजन बिना डॉक्टर की अनुमति के प्रसूता को अस्पताल से बाहर ले गए. इस दौरान प्रसूता की हालत ज्यादा बिगड़ गई ओर उसकी मौत हो गई. डॉक्टर अभिधा ने रिपोर्ट में बताया कि इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर राज कार्य में बाधा पहुंचाई. डॉक्टर ओर मेडिकल स्टाफ के साथ हाथापाई कर मारपीट करने की कोशिश की. जूनियर रेजिडेंट ने प्रसूता के परिजनों के खिलाफ कार्रवाई करने और अस्पताल में मेडिकल स्टाफ के सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग रखी है. बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…

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Dungarpur,Dungarpur,Rajasthan

First Published :

August 07, 2026, 11:49 IST

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