Rajasthan

सावन का आखिरी सोमवार न करें मिस, व्रत नहीं रखा तो करें ये उपाय, महादेव की बरसेगी कृपा

Last Updated:August 18, 2026, 14:57 IST

Last Sawan Somwar 2026: सावन महीने का आख़िरी सोमवार 24 अगस्त को है. अंतिम सोमवार को भगवान शिव का जल और गाय के कच्चे दूध से अभिषेक किया जा सकता है. इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें. पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती करें और अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा-प्रार्थना करें. श्रद्धा और आस्था के साथ की गई यह सरल पूजा भी भक्त के लिए विशेष हो सकती है.

सावन 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माने जाने वाले इस महीने का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है और समापन 28 अगस्त को है. सावन के अंतिम सोमवार की की विदाई के साथ शिवभक्तों को भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करने का अवसर मिलेगा. इस बार सावन में चार सोमवार होने के कारण पूरे महीने शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही है. अब अंतिम सोमवार को भी भगवान शिव की पूजा को लेकर भक्तों में खास उत्साह है.

ऐसे में जिन लोगों से पूरे सावन किसी कारणवश नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा नहीं हो सकी, उनके लिए अंतिम सोमवार को श्रद्धा के साथ शिव आराधना करने का विशेष अवसर माना जा रहा है. ज्योतिषी पं. धीरज शर्मा बताते हैं कि सावन के अंतिम सोमवार को सरल तरीके से भगवान शिव की पूजा कर श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के लिए उनका आशीर्वाद मांग सकते हैं.

पंडित धीरज शर्मा के अनुसार, यदि किसी श्रद्धालु के पास समय कम है तो अंतिम सोमवार को भगवान शिव का जल और गाय के कच्चे दूध से अभिषेक किया जा सकता है. इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें. पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती करें और अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा-प्रार्थना करें. श्रद्धा और आस्था के साथ की गई यह सरल पूजा भी भक्त के लिए विशेष हो सकती है.

Add as Preferred Source on Google

ज्योतिषी के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से मुक्ति की कामना रखने वाले श्रद्धालु सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव को धतूरा अर्पित कर सकते हैं. वहीं धन-संपन्नता की कामना रखने वाले भक्त भोलेनाथ को कनेर के पुष्प चढ़ा सकते हैं. इन उपायों को धार्मिक ज्योतिषीय मान्यताओं से जोड़कर देखा जाता है.

पंडित धीरज शर्मा ने विद्यार्थियों के लिए भी एक उपाय बताया हैं. उनके अनुसार परीक्षा में सफलता की कामना रखने वाले छात्र सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव का घी से अभिषेक कर सकते हैं और इसके बाद गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव से सफलता की प्रार्थना कर सकते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे शिव कृपा प्राप्त होती है.

सावन के अंतिम सोमवार को पूजा करते समय श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और आरती जरूर करें. अंत में हाथ जोड़कर अपनी मनोकामना के साथ क्षमा-प्रार्थना करें. इस तरह श्रद्धा, विश्वास और सरल पूजा के साथ सावन 2026 के पवित्र महीने का समापन किया जा सकता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :

August 18, 2026, 14:57 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj