दिल्ली से निकलते ही पुतिन ने कर दिया साफ, यूक्रेन पर किया ऐसा अटैक, हलक में अटक गई बोरिस जॉनसन की भी जान

दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट से वापस मास्को पहुंचते ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ कर दिया कि वह यूक्रेन बखशने वाले नहीं हैं. आज यूक्रेन पर रूस ने ऐसा अटैक किया, जिसने पूरे यूरोप को फिर से चिंता में डाल दिया है. कीव से पोलैंड की तरफ जा रही एक स्पेशल ट्रेन में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत यूरोप के कई सीनियर नेता सवार थे. तभी पोलैंड की सीमा से कुछ ही किलोमीटर पहले ड्रोन हमले की चेतावनी आई और ट्रेन को रोक दिया गया. यात्रियों को जगाया गया और उनसे तुरंत ट्रेन खाली करने के लिए रेडी रहने को कहा गया.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस ट्रेन में बोरिस जॉनसन और यूरोपीय अधिकारी सफर कर रहे थे, उसके गुजरने के कुछ ही मिनट बाद उसी रेल रूट पर चल रही दूसरी ट्रेन को रूसी ड्रोन ने निशाना बना लिया. हमले में ट्रेन के इंजन को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है.
सुबह 5 बजे अचानक रुकी ट्रेन, सो रहे थे सब लोग
बोरिस जॉनसन और दूसरे यूरोपीय अधिकारी कीव में आयोजित यालटा यूरोपियन स्ट्रेटेजी (YES) सुरक्षा सम्मेलन से लौट रहे थे. उनके साथ जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के सुरक्षा सलाहकार गुंटर सॉटर, पूर्व स्वीडिश प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ट और अन्य यूरोपीय अधिकारी भी थे. YES की 2026 बैठक 11-12 सितंबर को कीव में हुई थी.
पोलैंड की सीमा की तरफ बढ़ रही स्पेशल ट्रेन को तड़के करीब 5 बजे ड्रोन खतरे की चेतावनी के बाद रोक दिया गया. डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार ट्रेन में मौजूद यात्रियों को जगाया गया और उन्हें तुरंत ट्रेन खाली करने के लिए तैयार रहने को कहा. कुछ देर बाद जब इलाके में कोई और ड्रोन खतरा नहीं पाया गया तो ऑल-क्लियर दिया गया और ट्रेन ने अपनी यात्रा जारी रखी.
बोरिस जॉनसन की ट्रेन बची, पीछे वाली ट्रेन पर गिरा रूसी ड्रोन
पूर्व स्वीडिश प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ट के मुताबिक, ड्रोन ने उनकी ट्रेन को नहीं, बल्कि उसके कुछ ही मिनट बाद चलने वाली ट्रेन को निशाना बनाया. जिस यात्री ट्रेन पर हमला हुआ, वह कीव से वारसॉ जा रही थी और उसमें करीब 206 लोग सवार थे. ड्रोन ने उसके लोकोमोटिव को निशाना बनाया. यूक्रेनी रेलवे के मुताबिक हमले में कोई यात्री घायल नहीं हुआ.
यानी बोरिस जॉनसन और उनके साथ मौजूद यूरोपीय नेताओं की ट्रेन और रूसी ड्रोन हमले के बीच अंतर महज कुछ मिनटों का था. यही वजह है कि यह घटना सामान्य ड्रोन हमले से कहीं ज्यादा सनसनीखेज बन गई है.
पोलैंड में सायरन, जेट हुए एक्टिव
हमला यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से में पोलैंड सीमा के बेहद करीब हुआ. इसके बाद पोलिश पक्ष में भी सुरक्षा अलर्ट बढ़ाया गया और पोलिश विमान सक्रिय किए गए. रिपोर्टों के मुताबिक याहोदीन-दोरहुस्क सीमा क्षेत्र के आसपास भी ड्रोन हमले की घटनाएं हुईं, जहां गैस स्टेशन और ट्रकों को नुकसान पहुंचने की खबर है.
क्या यह सिर्फ संयोग है या रूस का नया दबाव?
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रूस अब यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से में उन इलाकों को भी ज्यादा निशाना बना रहा है, जहां से यूरोपीय समर्थन और सैन्य लॉजिस्टिक्स गुजरते हैं?
यूक्रेन में रेलवे नेटवर्क पहले से ही रूसी हमलों का निशाना रहा है. हाल के हफ्तों में रेलवे डिपो, इंजन और पटरियों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं. विश्लेषकों के लिए पश्चिमी यूक्रेन और पोलैंड की सीमा के करीब इस तरह के हमले इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये इलाका यूरोप और यूक्रेन के बीच संपर्क की अहम कड़ी है.



