क्या गुरुग्राम खिसक रहा है, दिल्ली के छोर पर बसा रिहायशी हब कैसे बना इसका चेहरा?

गुरुग्राम की जब बात की जाती है तो अक्सर साइबर हब, डीएलएफ फेज 1 से 5 तक, गोल्फ कोर्स रोड और एक्सटेंशन वाला हाई प्रोफाइल और पॉश इलाका ही आंखों सामने आता है, लेकिन पिछले कुछ साल से लग रहा है जैसे गुरुग्राम खिसक रहा है और शिफ्ट होकर दिल्ली के उस छोर पर पहुंच गया है. इसकी वजह है गुरुग्राम और दिल्ली के बीच में बने इस इलाके में आई जबर्दस्त तेजी. यह जगह है द्वारका एक्सप्रेसवे. आज आलम ये है कि गुरुग्राम का असली चेहरा द्वारका एक्सप्रेसवे बनता जा रहा है.
द्वारका एक्सप्रेसवे में पिछले कुछ वर्षों के दौरान तेजी से बदलाव देखने को मिला है. कभी इस कॉरिडोर को मुख्य रूप से कनेक्टिविटी के लिहाज से देखा जाता था, लेकिन अब यह गुरुग्राम के प्रमुख रिहायशी हॉटस्पॉट या कहें कि मुख्य रिहायशी डेस्टिनेशन में शामिल होता जा रहा है. एक्सप्रेसवे के आसपास बड़े आवासीय प्रोजेक्ट, रिटेल और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सुविधाओं के साथ सामाजिक बुनियादी ढांचा भी तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र की पहचान एक नए रिहायशी केंद्र के रूप में बन रही है.
आंकड़े भी इस बदलाव के बड़े स्तर को सामने रखते हैं. कुशमैन एंड वेकफील्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में द्वारका एक्सप्रेसवे पर 2,500 नए रिहायशी यूनिट लॉन्च किए गए. इसके साथ ही यह एनसीआर के बाहरी बाजारों में सबसे सक्रिय रिहायशी कॉरिडोर में से एक बन गया है. एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी और यूईआर-II के जुड़ने से भी इस कॉरिडोर की पहुंच और मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर यहां होने वाले रियल एस्टेट विकास पर दिखाई दे रहा है.
मुख्य गुरुग्राम में समस्याओं को देखते हुए लोग द्वारका एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट हो रहे हैं.
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी का कहना है कि, “पिछले कुछ वर्षों में द्वारका एक्सप्रेसवे में काफी बदलाव आया है. अब यह अपने आप में एक रिहायशी गंतव्य बन चुका है, जहां बड़े आवासीय समुदाय विकसित हो रहे हैं और रिटेल के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सुविधाओं का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है. कुशमैन एंड वेकफील्ड के 2026 की पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान यहां 2,500 घर लॉन्च किए गए. आज सबसे खास बात यह है कि इस क्षेत्र में अलग-अलग तरह के विकास कार्य हो रहे हैं. अब बात केवल अलग-अलग प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि एक्सप्रेसवे के आसपास बड़े आवासीय समुदाय भी आकार ले रहे हैं. यह कॉरिडोर उन खरीदारों के लिए बेहतर विकल्प है, जो ऐसे बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं जो अभी विकसित हो रहा है, लेकिन जहां पहले से ही बड़ी संख्या में रिहायशी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं.”
गुरुग्राम के पूरे रियल एस्टेट बाजार में भी डेवलपर्स की सक्रियता लगातार बढ़ रही है. जेएलएल के 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान एनसीआर में लॉन्च किए गए नए रिहायशी प्रोजेक्ट्स में गुरुग्राम की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही. वहीं, द्वारका एक्सप्रेसवे नए प्रोजेक्ट्स के लिए प्रमुख स्थानों में से एक बना हुआ है और यहां डेवलपर्स की बढ़ती गतिविधियां इस क्षेत्र की मजबूत होती मांग को दर्शाती हैं.
पिरामिड इंफ्राटेक के अश्विनी कुमार का कहना है कि, “जो लोग घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए द्वारका एक्सप्रेसवे को गंभीरता से देखने का यह अच्छा समय है, क्योंकि यहां अब इतने विकल्प उपलब्ध हैं कि खरीदार सोच-समझकर फैसला कर सकते हैं. यह क्षेत्र अपनी पुरानी पहचान यानी केवल कनेक्टिविटी वाले प्रोजेक्ट से काफी आगे निकल चुका है. एक्सप्रेसवे के आसपास घर, ऑफिस, रिटेल और सामाजिक सुविधाएं एक साथ विकसित हो रही हैं, जो लंबे समय के लिए संपत्ति खरीदने वालों के लिए महत्वपूर्ण है. त्योहारी सीजन में अभी यहां आने का एक और कारण जुड़ जाता है. गुरुग्राम में वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये के लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च होने की तैयारी में हैं और द्वारका एक्सप्रेसवे इस पाइपलाइन के प्रमुख माइक्रो-मार्केट में शामिल है. खरीदारों के पास तुलना करने के लिए अधिक प्रोजेक्ट्स हैं और घर का चुनाव करते समय यह उनके लिए फायदेमंद है.”
प्रॉपर्टी की मांग और पूर्ति के कारण द्वारका एक्सप्रेसवे अब गुरुग्राम का असली चेहरा बनता जा रहा है. (Image:AI)
घर खरीदारों के लिए यह समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब इस कॉरिडोर में उन्हें केवल लोकेशन ही नहीं, बल्कि इसके आसपास तेजी से विकसित हो रहे आवासीय समुदायों का भी आकलन करने का अवसर मिल रहा है. त्योहारी सीजन में नए प्रोजेक्ट्स की एक और लहर देखने को मिलती है, जिससे खरीदारों को अलग-अलग प्रोजेक्ट्स देखने, उनकी सुविधाओं और कॉन्फिगरेशन की तुलना करने तथा लंबे समय के लिए फैसला लेने से पहले पूरे इलाके और आसपास के माहौल को समझने का अवसर मिलता है.
एचसीबीएस डेवलपमेंट्स लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट – सेल्स एंड मार्केटिंग मोहित कालिया ने कहा, “द्वारका एक्सप्रेसवे पर घर खरीदारों के लिए त्योहारी सीजन उपयोगी समय है. इसकी वजह केवल नए लॉन्च के साथ मिलने वाले ऑफर नहीं हैं, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि इस समय पूरे कॉरिडोर पर एक साथ कई तरह के विकास कार्य हो रहे हैं. कुशमैन एंड वेकफील्ड की 2026 की पहली तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में यहां 2,500 रिहायशी यूनिट लॉन्च किए गए. आज यहां आने वाला खरीदार यह देख सकता है कि पूरा इलाका किस तरह विकसित हो रहा है, अलग-अलग प्रोजेक्ट्स को देख सकता है और लोकेशन को लेकर वह समझ बना सकता है, जो केवल ब्रोशर देखकर संभव नहीं है. कनेक्टिविटी अभी भी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है, लेकिन इससे भी बड़ा बदलाव इसके आसपास रिहायशी इकोसिस्टम का तेजी से विकास होना है. इसलिए त्योहारी सीजन का सबसे अच्छा उपयोग प्रोजेक्ट्स की तुलना करने, साइट विजिट करने और कमर्शियल शर्तों पर विचार करने से पहले पूरे समुदाय और आसपास के माहौल को समझने में किया जाना चाहिए.”
अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल का कहना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे अब केवल बेहतर कनेक्टिविटी का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि गुरुग्राम के एक मजबूत रिहायशी बाजार के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है. एयरपोर्ट, यूईआर-II और दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख हिस्सों से बेहतर जुड़ाव ने इस कॉरिडोर की मांग को मजबूत किया है. इसके साथ ही बड़े आवासीय प्रोजेक्ट्स, रिटेल और सामाजिक सुविधाओं के विकास से यहां एक पूरा रिहायशी इकोसिस्टम तैयार हो रहा है. जिस तेजी से नए प्रोजेक्ट और घरों की आपूर्ति बढ़ रही है, उससे साफ है कि द्वारका एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में गुरुग्राम के प्रमुख हाउसिंग डेस्टिनेशन में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा.
द्वारका एक्सप्रेसवे के विकास का अगला चरण केवल एक्सप्रेसवे के निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस बात पर अधिक निर्भर करेगा कि इसके आसपास किस तरह के आवासीय समुदाय, रिटेल, ऑफिस और सामाजिक बुनियादी ढांचे का विकास होता है. जिस तेजी से इस कॉरिडोर के आसपास रिहायशी गतिविधियां बढ़ रही हैं, उससे आने वाले समय में द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम के प्रमुख रिहायशी और निवेश बाजारों में अपनी जगह और मजबूत कर सकता है.



