Munakka Benefits: कब्ज से परेशान हैं? 4-5 मुनक्के ऐसे खाएं, आयुष डॉक्टर ने बताया आसान तरीका

Last Updated:September 14, 2026, 18:06 IST
रामपुर: मुनक्का सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि कई घरेलू नुस्खों में भी इस्तेमाल किया जाता है. कब्ज, पाचन की परेशानी, खांसी और बीमारी के बाद कमजोरी जैसी स्थितियों में इसे अलग-अलग तरीकों से लेने की परंपरा रही है. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल ने मुनक्का और खूबकला के सेवन के कुछ तरीके बताए हैं.
रामपुर: अगर सुबह पेट साफ नहीं होता, कब्ज की शिकायत रहती है या बीमारी के बाद शरीर में कमजोरी बनी रहती है, तो मुनक्के का सेवन आपने जरूर किया होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुनक्का खाने का तरीका बदलकर इसे अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से लिया जा सकता है. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, मुनक्का और खूबकला का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर पेट की परेशानी, खांसी और बुखार जैसी दिक्कतों में किया जाता रहा है.
डॉक्टर के अनुसार, कब्ज की शिकायत रहने पर 4 से 5 मुनक्के लेकर पहले उनके बीज निकाल सकते हैं. इसके बाद इन्हें पानी में उबालकर खाया जा सकता है और इसका पानी भी पिया जा सकता है. कुछ लोग मुनक्के को दूध में उबालकर भी लेते हैं. मुनक्के में फाइबर और प्राकृतिक शुगर होती है. इसे सही मात्रा में लेने से पेट की गतिविधि को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है. इसी वजह से कब्ज की समस्या में मुनक्का खाने का घरेलू तरीका लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है.
अगर खाना खाने के बाद पेट भारी रहता है या पाचन ठीक नहीं रहता, तो मुनक्के को डाइट में शामिल किया जा सकता है. इसे भिगोकर या उबालकर लेना आसान तरीका है. हालांकि, जरूरत से ज्यादा मुनक्का खाने से पेट पर उल्टा असर भी पड़ सकता है, इसलिए इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है.
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डॉ. मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, 4 से 5 मुनक्के लेकर उनके बीज निकालें. बीज निकालने वाली जगह पर हल्की मात्रा में खूबकला भर दें. इसके बाद इन मुनक्कों को तवे पर हल्का भूनकर खाया जा सकता है. यह तरीका खास तौर पर बुखार और शरीर में दर्द जैसी स्थिति में पारंपरिक तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. खूबकला का आयुर्वेद में अलग-अलग घरेलू प्रयोगों में इस्तेमाल होता रहा है.
डॉक्टर के मुताबिक, मुनक्के को पानी के साथ लेने का एक और तरीका है. करीब 10 ग्राम मुनक्के को पानी में उबालकर सुबह और शाम लिया जा सकता है. इसे पुराने मियादी बुखार और शरीर में दर्द जैसी परेशानी के दौरान इस्तेमाल करने की बात कही जाती है. हालांकि, तेज या लगातार बुखार कई वजहों से हो सकता है. टाइफाइड या किसी दूसरे संक्रमण की स्थिति में सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच और उचित इलाज जरूरी है.
खांसी या गले में सूखापन होने पर मुनक्के को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाने का तरीका भी अपनाया जाता है. 4 से 5 मुनक्के पानी में फूलने के बाद खाए जा सकते हैं और इसका पानी भी पिया जा सकता है. इन्हें दूध में उबालकर लेने का तरीका भी कई घरों में इस्तेमाल होता है. मुनक्का हो या खूबकला, किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन ठीक नहीं है. खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं या पहले से किसी बीमारी की दवा लेने वाले लोगों के लिए इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना बेहतर है.
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September 14, 2026, 18:06 IST



