‘सहिया’ देखने के बाद कपिल सिब्बल ने जताई सेंसर बोर्ड के फैसले पर हैरानी, कहा- ‘इसे रोकना नहीं, सम्मानित करना चाहिए’

Last Updated:September 14, 2026, 21:53 IST
सेंसर बोर्ड के फैसले की वजह से चर्चा में आई फिल्म ‘सहिया’ को लेकर अब कपिल सिब्बल ने ऐसा बयान दिया है, जिसने इस पूरे मामले को और गरमा दिया है. फिल्म देखने के बाद सिब्बल ने साफ कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर इसे सर्टिफिकेट देने से क्यों रोका गया. उन्होंने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें ऐसा कुछ नहीं है, जिसे आपत्तिजनक बताकर रिलीज रोकी जाए. बल्कि उनके मुताबिक, इतनी अच्छी फिल्म को रोकने के बजाय सम्मान मिलना चाहिए.
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नई दिल्ली. सेंसर बोर्ड के फैसले को लेकर विवादों में फंसी फिल्म ‘सहिया’ को लेकर अब वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसकी जमकर तारीफ की और सेंसर बोर्ड के फैसले पर हैरानी जताई. कपिल सिब्बल का कहना है कि फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसकी वजह से इसकी रिलीज रोकी जाए. उन्होंने यहां तक कहा कि ‘सहिया’ को रोकने के बजाय सम्मान दिया जाना चाहिए.
अब सिब्बल के इस बयान के बाद ‘सहिया’ को लेकर सेंसर बोर्ड और निर्माता पक्ष के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है.फिल्म देखने के बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर सेंसर बोर्ड ने ऐसी फिल्म को प्रमाणपत्र देने से इनकार क्यों किया. उन्होंने बताया कि अब इस मामले को अदालत में ले जाने की तैयारी है और फिल्म की रिलीज के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कहीं फिल्म से जुड़े ‘4 पीएम’ नाम की वजह से तो इसे रोका नहीं जा रहा.
हिंसा नहीं, आम इंसान और उसके प्यार की कहानी है ‘सहिया’
कपिल सिब्बल ने सरकार के काम करने के तरीके पर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि देश में जिस तरह का माहौल बन रहा है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता की बात है. उन्होंने कहा कि सरकार को शायद अभी इस बदलाव का अंदाजा नहीं है. कपिल सिब्बल ने फिल्म की कहानी को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि ‘सहिया’ का मकसद हिंसा को बढ़ावा देना नहीं है. फिल्म हिंसा के बीच फंसे एक आम इंसान और उसके प्यार की कहानी सामने रखती है. उन्होंने कहा कि अगर फिल्म में कोई ऐसा हिस्सा है, जिसे आपत्तिजनक माना जा रहा है, तो उसके बारे में साफ तौर पर बताया जाना चाहिए. उनके मुताबिक, फिल्म इतनी अच्छी है कि इसे रोकने के बजाय सरकार को इसे सम्मान देना चाहिए.
22 दिन बाद भी सेंसर बोर्ड के फैसले का इंतजार
‘सहिया’ को लेकर निर्माता पक्ष भी सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहा है. निर्माताओं के मुताबिक, 23 अगस्त को बोर्ड के सामने अंतिम प्रत्यावेदन दिया गया था. तय प्रक्रिया के मुताबिक इस पर पांच दिन के भीतर विचार करके फैसला किया जाना चाहिए था. लेकिन 14 सितंबर तक करीब 22 दिन बीत चुके हैं और अभी तक बोर्ड की ओर से स्थिति साफ नहीं की गई है. निर्माता पक्ष का कहना है कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि फिल्म को दोबारा देखा गया या नहीं, अंतिम प्रत्यावेदन पर क्या फैसला लिया गया और अब आगे की प्रक्रिया क्या होगी.
27 अगस्त को फिल्म को नहीं मिला सर्टिफिकेट
‘सहिया’ को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी ने 27 अगस्त 2026 को फिल्म को प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद फिल्म के निर्माता संजय शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया था कि सीबीएफसी ने फिल्म को नक्सलवाद से जोड़ते हुए इसे पास करने में अड़चन पैदा की. संजय शर्मा ने एक सीनियर अधिकारी के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया था. उनके मुताबिक, अधिकारी ने कहा था कि अगर फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश में हुई होती, तो उसे सर्टिफिकेट मिल जाता.
About the AuthorMunish KumarSenior sub editor
न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 14, 2026, 21:53 IST



