पंचायत चुनावों की लॉटरी आगे खिसकी तो तमतमाई कांग्रेस, भजनलाल सरकार को घेरा

Last Updated:September 16, 2026, 18:15 IST
Rajasthan Panchayat Election 2026 : राजस्थान में निकाय चुनाव पूरे होने से पहले ही पंचायत चुनावों को लेकर रार शुरू हो गई है. पंचायतीराज चुनावों के लिए निकाली जाने वाली लॉटरी को आगे खिसकाने से कांग्रेस तमतमा गई है. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मसले को लेकर सूबे की भजनलाल सरकार को घेर लिया है. उन्होंने आरोप लगाया है भजनलाल सरकार पंचायत चुनाव टालना चाहती है.गोविंद सिंह डोटासरा बोले बीजेपी सरकार चुनावों से भाग रही है.
जयपुर. राजस्थान में निकाय चुनाव के प्रक्रिया के बीच पंचायतीराज चुनाव 2026 को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है. निकाय चुनाव के बाद अब गांवों की बारी है. लेकिन पंचायत चुनाव से पहले होने वाली आरक्षण और वार्ड लॉटरी की प्रक्रिया आगे खिसकने से सूबे में इस मसले को लेकर सियासी पारा गरमाने लग गया है. विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसे भाजपा की चुनावी मुश्किलों से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं. वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि 15 नवंबर तक पंचायत चुनाव कराने की कोशिश की जा रही है.
दरअसल पंचायती राज चुनावों के लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 और 18 सितंबर को आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली जानी थी. इसके तहत 17 सितंबर को जिला स्तर पर जिला परिषद और पंचायत समितियों के प्रमुखों समेत इनके वार्डों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जानी थी. उसके बाद 18 सितंबर को उपखंड स्तर पर ग्राम पंचायतों और उनके वार्डों के लिए लॉटरी निकाली जानी थी. लेकिन पंचायती राज विभाग ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इन तिथियों को आगे खिसकाने का आग्रह किया था. विभाग का तर्क था कि इसी अवधि में निकाय चुनाव के प्रमुखों के नामांकन की जांच और सिंबल आंवटन का काम होना है.
अभी आगामी तिथि घोषित नहीं की गई हैउसके बाद 21 और 22 सितंबर को निकाय प्रमुखों के चुनाव होने हैं. चूंकि दोनों की चुनावों में जिला कलेक्टर की अहम भूमिका है. इसको देखते हुए कलेक्टर्स ने लॉटरी प्रक्रिया को आगे खिसकाने का आग्रह किया है. लिहाजा पंचायती राज के लिए लॉटरी प्रक्रिया को आगे खिसकाया जाए. उसके बाद आयोग ने हालात को देखते हुए 17 और 18 सितंबर की लॉटरी प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया. आगामी तिथि अभी घोषित नहीं की गई है.
आयोग ने कहा-कहा15 नवंबर से पहले चुनाव कराने का प्रयास किया जाएगा
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा समय कम है. लेकिन 15 नवंबर से पहले चुनाव कराने का प्रयास किया जाएगा. इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूचियां दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायती राज चुनाव की तैयारियां तेज करने को कहा है. लेकिन आयोग के इस फैसले के साथ ही कांग्रेस फिर से सरकार पर हमलावर हो गई है. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मसले पर सरकार को घेर लिया.
भाजपा अब पंचायत चुनावों से बचने के रास्ते तलाश रही हैडोटासरा ने आयोग के फैसले की प्रति को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स लिखा कि निकाय चुनावों में शहरी वार्डों में हुई किरकिरी और लगातार खिसकते जनाधार से बौखलाई भाजपा अब पंचायत चुनावों से बचने के रास्ते तलाश रही है. 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित पंचायत राज संस्थाओं की आरक्षण/लॉटरी प्रक्रिया को स्थगित करने का आदेश साफ बताता है कि भाजपा चुनाव से भागकर हार से बचना चाहती है. एक तरफ भाजपा ‘एक राज्य, एक चुनाव’ का ढिंढोरा पीटती है और दूसरी तरफ निकाय चुनाव के साथ पंचायत चुनाव तक नहीं करवा पा रही है.
डोटासरा बोले जनता का सामना नहीं टाला जा सकताइतना ही नहीं डोटासरा ने कहा कि गांवों में जनता के आक्रोश से घबराई भाजपा पंचायत चुनाव तो दूर प्रक्रिया तक टालने में लगी हुई है. डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा आखिर.. चुनाव से कब तक भागेगी? लोकतंत्र को कब तक बंधक बनाएगी? जनता के जनादेश से बचने के लिए तारीखें टाली जा सकती हैं. लेकिन जनता का सामना नहीं टाला जा सकता. निकाय चुनाव में मिले झटके के बाद अब पंचायतों में भी जनता BJP को जवाब देने के लिए तैयार है.
About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 16, 2026, 18:15 IST



