फीस में छूट और दफ्तरों के चक्कर छुटकारा, EWS आरक्षण पर रविंद्र भाटी ने की बदलाव की मांग

Last Updated:September 22, 2026, 19:15 IST
शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने EWS आरक्षण नियमों में बड़े सुधारों की मांग उठाई है. राज्यों द्वारा जारी EWS प्रमाण-पत्रों को केंद्र सरकार की नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में भी मान्य करने की वकालत की. EWS सर्टिफिकेट की वैधता को 1 साल से बढ़ाकर 3 से 5 साल करने और पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग रखी. अभ्यर्थियों को उम्र सीमा व परीक्षा शुल्क में छूट देने और पंचायती राज चुनावों में EWS प्रतिनिधित्व तय करने की मांग की.
जयपुर. शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने EWS आरक्षण व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार की मांग उठाई है. जयपुर के प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाटी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समान अवसर मिलना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं.
भाटी ने EWS पात्रता तय करने में सिर्फ जमीन की सीमा के बजाय कृषि भूमि की उत्पादकता, सिंचाई की सुविधा और स्थानीय जमीन की कीमत जैसे पहलुओं को भी शामिल करने की मांग की है. भाटी ने कहा कि वर्तमान EWS नियमों में कई ऐसी व्यावहारिक कमियां हैं, जिनकी वजह से वास्तविक रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं. उन्होंने मांग की कि हर जरूरतमंद को समान अवसर मिलने चाहिए.
सर्टिफिकेट झंझट खत्म हो
विधायक भाटी ने EWS अभ्यर्थियों पर बात करते हुए कहा कि हर साल प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए युवाओं को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं. इसे खत्म कर प्रमाण-पत्र की मियाद 3 से 5 साल की जानी चाहिए. इसके अलावा जैसे अन्य आरक्षित वर्गों को सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा और परीक्षा फीस में रियायत मिलती है, ठीक उसी तरह EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को भी आयु सीमा और फीस में उचित छूट दी जाए.
जमीन के कड़े नियमों में सुधार
ज़मीन से जुड़े पात्रता नियमों पर सवाल उठाते हुए भाटी ने कहा कि सिर्फ एकड़ या बीघा देखकर पात्रता तय करना गलत है. कृषि भूमि की उत्पादकता, वहां सिंचाई के साधन और स्थानीय जमीन की कीमत को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा उठाते हुए मांग की कि त्रिस्तरीय पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में भी EWS वर्ग के लिए प्रतिनिधित्व का विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
Sajan Kumar is a journalist with professional experience in digital news, web journalism, SEO content, copy editing and social media storytelling. He has been working in journalism since 2020 and has worked wit…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 22, 2026, 19:15 IST



