Exclusive: ‘फ्यूचर वॉर वो जीतेगा जो सेकंड्स में फैसला लेगा’, टॉप जनरल बोले- AI जंग से फौजियों को नहीं हटाएगा

Last Updated:September 24, 2026, 16:43 IST
आर्मी हेडक्वार्टर्स में डायरेक्टर जनरल स्ट्रैटेजिक प्लानिंग लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा ने न्यूज18 डेफकॉन 2026 में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सैनिकों की जगह कभी नहीं लेगी. यह सैनिकों के लड़ने के पूरे तौर-तरीके और क्षमता को बिल्कुल बदल देगी. उन्होंने आगाह किया कि भविष्य के युद्ध मिसाइल से नहीं, साइबर हमले या सैटेलाइट जाम से शुरू हो सकते हैं. ऐसे में सेना को हर वक्त तैयार रहना होगा.लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा.
नई दिल्ली: आर्मी हेडक्वार्टर्स में डायरेक्टर जनरल स्ट्रैटेजिक प्लानिंग लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा ने भविष्य के युद्धों पर अहम बात कही है. न्यूज18 डेफकॉन 2026 में बोलते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI कभी भी इंसानी सैनिकों को रिप्लेस नहीं करेगी. इसका असली काम सैनिक के लड़ने के अंदाज को बदलना और उसकी ताकत को कई गुना बढ़ा देना होगा. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि भारत आने वाले समय में किसी भी तरह के सरप्राइज का जोखिम नहीं उठा सकता. देश को कल के युद्धों के लिए अपनी सेना को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म करना ही होगा. आज की दुनिया लगातार टकराव के दौर में जी रही है और भविष्य की जंग पारंपरिक ढर्रे पर नहीं लड़ी जाएगी.
लेफ्टिनेंट जनरल आहूजा ने DEFCON 2026 में बताया कि सेना जिस सबसे बड़े ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस कर रही है, वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही है. इसका इस्तेमाल टारगेट की पहचान, सर्विलांस, सटीक लॉजिस्टिक्स, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, बड़े डेटा को प्रोसेस करने और साइबर डिफेंस में बहुत तेजी से होगा. उन्होंने कहा, ‘हमें यह हमेशा याद रखना होगा कि AI सैनिक की जगह नहीं ले सकता. यह केवल सैनिक के लड़ने का तरीका और उसकी काम करने की क्षमता को बुनियादी तौर पर बदल देगा.’
आने वाले दिनों में जंग का मैदान बिल्कुल अलग नजर आएगा. वहां एक अकेला फौजी एक साथ कई मानवरहित सिस्टम्स को कंट्रोल करता दिखेगा. इसके अलावा जासूसी के लिए ऑटोनॉमस प्लेटफॉर्म्स और सामान पहुंचाने के लिए रोबोट्स का रोल पहले से काफी बढ़ चुका है.
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