सीकर के राधेश्याम पीपलवा ने जीता 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

Last Updated:September 25, 2026, 09:19 IST
Radheshyam Pipalwa National Film Award: सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी निवासी राधेश्याम पीपलवा ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ कोंकणी फिल्म ‘मोग आसुम’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है. गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान दिया. वे राजस्थान के एकमात्र ऐसे फिल्मकार हैं जिन्होंने अब तक पांच राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं. उनकी यह ऐतिहासिक सफलता छोटे कस्बों के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है. जल्द ही वे राजस्थानी संस्कृति पर आधारित एक नई फिल्म भी दर्शकों के लिए लेकर आ रहे हैं.
सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी निवासी लेखक, निर्माता और निर्देशक राधेश्याम पीपलवा ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है. 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उनकी कोंकणी भाषा की फीचर फिल्म ‘मोग आसुम’ को वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ कोंकणी फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया. गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राधेश्याम पीपलवा को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया.
राधेश्याम पीपलवा की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें राजस्थान से पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले एकमात्र फिल्मकार के रूप में बताया जा रहा है. लंबे समय से फिल्म लेखन, निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में सक्रिय पीपलवा ने राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी खास पहचान बनाई है. उनकी फिल्मों को देश-विदेश में आयोजित विभिन्न फिल्म समारोहों में अब तक 70 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं.
फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ राधेश्याम पीपलवा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की राष्ट्रपति जूरी के सदस्य की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं. उनका सफर इस बात की मिसाल है कि छोटे कस्बों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली प्रतिभाएं भी अपनी मेहनत और लगन के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बना सकती हैं. फतेहपुर जैसे कस्बे से निकलकर फिल्म जगत में लगातार उपलब्धियां हासिल करना स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है.
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पीपलवा की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘मोग आसुम’ का अर्थ ‘प्यार बना रहे’ है. फिल्म प्रेम, रिश्तों, विरह और मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में रखकर बुनी गई है. इसकी कहानी एक दंपति के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां पत्नी की असमय मृत्यु के बाद पति और परिवार के जीवन में भावनात्मक बदलाव आते हैं. फिल्म बिछड़ने के बाद रिश्तों की गहराई और मन में उठने वाली संवेदनाओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर प्रस्तुत करती है.
फिल्म में केवल एक परिवार की कहानी को ही नहीं, बल्कि उन लोगों की भावनाओं को भी दर्शाया गया है, जो रोजगार या अन्य कारणों से अपने घर-परिवार से दूर रहने को मजबूर हैं. घर पर पीछे छूटे परिजनों और दूर रह रहे व्यक्ति के बीच कायम भावनात्मक जुड़ाव, यादें और परिस्थितियों के साथ जिंदगी को नए सिरे से स्वीकार करने की प्रक्रिया कहानी का अहम हिस्सा है. फिल्म का यही मानवीय पहलू इसे एक अलग पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
राधेश्याम पीपलवा इन दिनों राजस्थान और हिंदी भाषा में बनने वाली एक नई फिल्म के निर्माण और निर्देशन में जुटे हैं. यह फिल्म राजस्थान और देश की कला, संस्कृति, संगीत और खेल परंपराओं को समर्पित होगी. फिल्म के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध विरासत के साथ भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. पीपलवा के मुताबिक, यह फिल्म अगले दो से तीन महीनों में दर्शकों के सामने आ सकती है.
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September 25, 2026, 09:19 IST



