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Beawar School Protest | Fatehgarh Salla News

Last Updated:September 28, 2026, 11:04 IST

Beawar School Protest: ब्यावर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फतेहगढ़ सल्ला में ग्रामीणों ने मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया. यह विरोध स्कूल को नए भवन में शिफ्ट न करने को लेकर हुआ. ग्रामीणों का आरोप है कि नया भवन तैयार होने के बावजूद शिक्षा विभाग 345 बच्चों को जर्जर और खतरनाक भवन में पढ़ने को मजबूर कर रहा है. तालाबंदी की सूचना पर शिक्षा विभाग के एसीबीईओ दिलावर मौके पर पहुंचे. फिलहाल अधिकारियों द्वारा आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों के परिजनों से समझाइश और बातचीत का दौर लगातार जारी है.

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नए भवन के बावजूद जर्जर इमारत में स्कूल, फतेहगढ़ सल्ला में ग्रामीणों की तालाबंदZoomBeawar School Protest: नए भवन के बावजूद पुराने जर्जर स्कूल में क्लासें, ग्रामीणों ने तालाबंदी कर जताया विरोध

Beawar: ब्यावर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फतेहगढ़ सल्ला में शिक्षा विभाग की एक बड़ी और गंभीर लापरवाही सामने आई है. यहां प्रशासन की अनदेखी और लेटलतीफी के कारण सैकड़ों मासूम बच्चों का जीवन हर दिन खतरे में डाला जा रहा है. इसी प्रशासनिक लापरवाही और सुस्त रवैये से नाराज होकर सोमवार को ग्रामीणों और विद्यार्थियों के परिजनों के सब्र का बांध पूरी तरह से टूट गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उग्र विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का यह गुस्सा अचानक नहीं फूटा है, बल्कि यह लंबे समय से चल रही विभाग की घोर अनदेखी और आश्वासनों का परिणाम है.

जानकारी के अनुसार, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फतेहगढ़ सल्ला का वर्तमान भवन पूरी तरह से जर्जर और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है. स्कूल की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं और छत की हालत भी बेहद खस्ता है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्तमान में इस विद्यालय में करीब 345 विद्यार्थी अपना भविष्य संवारने के लिए अध्ययनरत हैं. प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि वे हर दिन अपने बच्चों को स्कूल भेजकर भारी खौफ में रहते हैं. उन्हें हमेशा यह डर सताता रहता है कि कहीं इस जर्जर इमारत का कोई हिस्सा भरभरा कर गिर न जाए और मासूम बच्चे किसी बड़े और जानलेवा हादसे का शिकार न हो जाएं. बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता की यह चिंता बिल्कुल जायज है, लेकिन शिक्षा विभाग कुंभकर्णी नींद सोता हुआ नजर आ रहा है.

नया भवन बनकर तैयार, फिर भी शिफ्टिंग में भारी लेटलतीफीग्रामीणों के भारी आक्रोश का सबसे बड़ा और मुख्य कारण यह है कि विद्यालय के लिए एक नवीन भवन का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है. लाखों रुपये खर्च करके सरकार ने बच्चों के लिए नया भवन तैयार करवा दिया है. ऐसे में ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब नया और सुरक्षित भवन पूरी तरह से बनकर तैयार है, तो फिर 345 बच्चों की जान जोखिम में डालकर उन्हें पुरानी और खस्ताहाल इमारत में क्यों पढ़ाया जा रहा है. शिक्षा विभाग की इसी सुस्त कार्यप्रणाली और विद्यालय को अब तक नए भवन में शिफ्ट नहीं किए जाने से गांव वालों में भारी रोष व्याप्त है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार स्थानीय प्रशासन और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन किसी ने भी उनकी जायज फरियाद नहीं सुनी.

मौके पर पहुंचे शिक्षा अधिकारी, समझाइश का दौर जारीविद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों द्वारा की गई तालाबंदी और उग्र विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आए. सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद शिक्षा विभाग के एसीबीईओ (ACBEO) दिलावर मौके पर पहुंचे. उन्होंने वहां पहुंचकर सबसे पहले हालात का जायजा लिया और फिर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों तथा विद्यार्थियों के परिजनों से बातचीत शुरू की. फिलहाल मौके पर शिक्षा अधिकारियों और आक्रोशित ग्रामीणों के बीच समझाइश का दौर लगातार जारी है. ग्रामीण अपनी इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक विद्यालय को तुरंत प्रभाव से नवीन भवन में शिफ्ट करने का लिखित और पुख्ता आदेश नहीं मिल जाता, तब तक वे स्कूल के मुख्य द्वार का ताला नहीं खोलेंगे.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Beawar,Ajmer,Rajasthan

First Published :

September 28, 2026, 11:04 IST

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