Exclusive: कभी ‘शालू’ तो कभी ‘गोलू’ बन किया राज, श्रीदेवी की वजह से श्वेता त्रिपाठी ने पकड़ी एक्टिंग की राह

नई दिल्ली. कभी ‘मसान’ की ‘गोलू गुप्ता’ तो कभी ‘मिर्जापुर’ की ‘शालू गुप्ता’ बनकर दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली श्वेता त्रिपाठी ने अपने करियर के दौरान हर तरह के रोल अदा किए. मिर्जापुर द मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर 320 करोड़ रुपये से ज्यादा कलेक्शन कर लिया है. फिल्म की ग्रैंड सक्सेस के बीच श्वेता त्रिपाठी ने न्यूज 18 हिंदी के साथ खास बातचीत की. इस बातचीत के दौरान श्वेता त्रिपाठी ने अपने लंबे करियर में आए उतार-चढ़ाव को खुलकर शेयर किया. एक्ट्रेस ने अपने फेवरेट को स्टार से लेकर बॉलीवुड में कदम रखने के पीछे की वजह और अपने प्रोडक्शन हाउस को लेकर भी ढेर सारी एक्सक्लूसिव बातें बताईं.
मिर्जापुर की गोलू से पूछा गया कि पूरी सीरीज में वो सबसे क्लोज को-स्टार या दोस्त किसे मानती हैं. इसका जो जवाब उन्होंने दिया वो पढ़कर आपको जरा भी हैरानी नहीं होगी. श्वेता त्रिपाठी कहती हैं कि मिर्जापुर का सफर पिछले 9 सालों से चल रहा है. इस दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा समय गुड्डू यानी कि अली फजल के साथ बिताया है. वो अली फजल को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताती हैं. श्वेता त्रिपाठी का कहना है कि अली फजल से साथ उनकी दोस्ती काफी पुरानी है. वो दोनों थिएटर के दिनों से एक दूसरे को जानते हैं.
श्वेता ने बताया कि वो और अली फजल पिछले 20 सालों से दोस्त हैं. उनकी दोस्ती उस वक्त की है जब दोनों ने बॉलीवुड में कदम भी नहीं रखा था. अली फजल की तारीफों के पुल बांधते हुए एक्ट्रेस ने आगे बताया कि वो काफी दिलदार हैं. श्वेता त्रिपाठी बताती हैं कि अली को सबको खाना खिलाना बहुत पसंद है. वो सबके लिए बहुत प्यार से दावत रखते हैं. वो लखनऊ से रॉयल शेफ बुलाकार अपने दोस्तों को खास दावत देते हैं. श्वेता का कहना है कि उनके दोस्त अली फजल शांति से सारा काम करते हैं. वो ऐसे हैं कि सामने वाले के लिए कुछ भी कर जाएंगे और किसी को भनक भी नहीं लगने देंगे.
मिर्जापुर द मूवी की सक्सेस से करियर में क्या बदलाव आया?
श्वेता का कहना है कि अभी तक उन्हें फिल्म की ग्रैंड सक्सेस से कोई बदलाव नहीं दिखा है. वो समय के साथ पता चलेगा. उनका मानना है कि एक कलाकार के तौर पर उन्हें काम करते रहना है और बाकी वो मेहनत करके छोड़ देना चाहती हैं.उन्हें यकीन है कि समय के साथ इसका फल मिलेगा. श्वेता त्रिपाठी का मानना है कि इंसान को कर्म करना चाहिए और फल की चिंता नहीं करनी चाहिए.
सोशल मीडिया ने बदला गेम?
श्वेता त्रिपाठी का कहना है कि सोशल मीडिया ने सबको प्लेटफॉर्म दे दिया है, लेकिन अब हम उस प्लेटफॉर्म का क्या करते हैं ये इसपर निर्भर करता है. हर कोई अभी कला को दुनिया के सामने पेश कर सकता है जिससे कलाकारों के लिए रास्ता खुल गया है.
‘मुझे जान न कहो मेरी जान’ से प्रोडक्शन डेब्यू कर रहीं श्वेता त्रिपाठी, फिल्म में क्या है खास?श्वेता त्रिपाठी ‘मुझे जान न कहो मेरी जान’ से बतौर प्रोड्यूसर अपने करियर की नई पारी की शुरुआत करने जा रही हैं. अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस कहती हैं कि फिल्म मुझे जान न कहो मेरी जान, डायरेक्टर की बुक पर बेस्ड है जिसका नाम भी यही है. इसके साथ ही ‘मुझे जान न कहो मेरी जान’ गीता दत्त का एक सुपरहिट गाना भी था. दो लड़कियों की प्यार की दास्तां है ‘मुझे जान न कहो मेरी जान’ जिसमें प्यार के साथ-साथ नफरत का रंग भी देखने को मिलने वाला है.
क्या 2 लड़कियों की प्रेम कहानी के लिए तैयार है ऑडियंस?
श्वेता त्रिपाठी से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि भारतीय ऑडियंस सिल्वर स्क्रीन पर दो लड़कियों की प्रेम कहानी देखने के लिए और उसे स्वीकार करने के लिए तैयार है. इसपर एक्ट्रेस ने बड़ा ही दिलचस्प जवाब देते हुए कहा हम सोशल मीडिया की वजह से इन चीजों के लिए तैयार हैं. लोगों के बीच इन टॉपिक पर जागरूकता बढ़ रही है. धीरे-धीरे हम होमोसेक्शुअल रिलेशनशिप को लेकर ज्यादा सेंसिटिव हो रहे हैं. श्वेता का मानना है कि सोसाइटी में जो चीजें हो रहीं हैं, उसे फिल्मों में दिखाना भी बहुत जरूरी है.
कौन है श्वेता त्रिपाठी की फेवरेट एक्ट्रेस?
मिर्जापुर फेम श्वेता त्रिपाठी कहती हैं कि वो कभी बचपन में पृथ्वी थिएटर में बतौर ऑडियंस जाती थीं और अब वो उसी थिएटर में परफॉर्म कर रही हैं. एक्ट्रेस कहती हैं कि वो स्टेज पर एक्टर्स को देखती थीं तो उन्हें लगता था कि वो टीवी पर आना चाहती थीं. श्रीदेवी उनकी फेवरेट एक्ट्रेस रहीं जिन्हें देखकर उन्हें लगा कि वो भी अदाकारा बनना चाहती हैं. श्वेता ने श्रीदेवी से प्रेरणा लेकर फिल्मों में कदम रखा था. इसके साथ ही वो कहती हैं कि वो रत्ना पाठक शाह, तब्बू, कोंकणा सेन शर्मा संग काम करना चाहती हैं. श्वेता त्रिपाठी का मानना है कि एक अच्छे कलाकार के साथ काम करने से उनके अभिनय में सुधार आता है और वो बेहतर होती जाती हैं.



