Health

बकरी सुस्त है या खांसी-दस्त की शिकायत? इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने दी सलाह

Last Updated:October 02, 2026, 18:42 IST

गोंडा: मौसम बदलने के साथ बकरी पालने वाले किसानों और पशुपालकों को बकरियों की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए. तापमान में उतार-चढ़ाव, नमी, गंदगी और खराब चारे की वजह से बकरियों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में साफ-सफाई, सूखा शेड, साफ पानी और समय पर टीकाकरण जैसी सावधानियां जरूरी हैं.

Goat Farming Tips: गोंडा में बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक बकरी पालन करके अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं. मौसम बदलने के साथ ही पशुपालकों को अब बकरियों की सेहत का भी खास ध्यान रखना होगा. तापमान में अचानक बदलाव होने पर बकरियां बीमार पड़ सकती हैं. खासकर छोटे बच्चों और कमजोर बकरियों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में समय रहते कुछ जरूरी सावधानियां बरतकर बकरियों को बीमारियों से बचाया जा सकता है.

लोकल 18 से बातचीत में उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि मौसम बदलने के दौरान कभी गर्मी, कभी ठंड और बारिश के कारण तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है. इसका असर बकरियों की सेहत पर भी पड़ सकता है. अगर बकरियों को गीली और ठंडी जगह पर रखा जाए तो उनके बीमार होने की संभावना बढ़ सकती है. इसके अलावा गंदा पानी, खराब चारा और आसपास की गंदगी से भी बीमारियां फैल सकती हैं.

मौसम बदलने पर सबसे पहले बकरियों के रहने की जगह पर ध्यान देना चाहिए. शेड में पानी जमा नहीं होना चाहिए और फर्श को सूखा रखने की कोशिश करनी चाहिए. गोबर और गंदगी की समय-समय पर सफाई करते रहें. बारिश के कारण अगर शेड में नमी बढ़ गई है तो उसे जल्द दूर करें. बकरियों को ठंडी हवा और बारिश से बचाने के लिए शेड की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए. ज्यादा नमी और ठंड से बकरियों को परेशानी हो सकती है.

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बकरियों के लिए हमेशा साफ और ताजा पानी रखें. गंदा या कई दिनों से रखा हुआ पानी उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसी तरह उन्हें साफ और पौष्टिक चारा ही दें. सड़ा हुआ या फफूंद लगा चारा बकरियों को बिल्कुल नहीं देना चाहिए. चारे को भी ऐसी जगह रखें, जहां नमी न पहुंचे. खराब चारा खाने से बकरियां बीमार पड़ सकती हैं.

अगर किसी बकरी में बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उसे बाकी बकरियों से अलग रखना चाहिए. इससे संक्रमण के दूसरी बकरियों तक फैलने का खतरा कम किया जा सकता है. अगर कोई बकरी खाना कम कर रही है, सुस्त रहती है, लगातार खांसती है, नाक से पानी आ रहा है, दस्त हो रहे हैं या शरीर का तापमान बढ़ा हुआ है तो पशुपालक को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशु चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है. बकरियों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण कराना जरूरी है. पशुपालक अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सक या पशुपालन विभाग से संपर्क करके टीकाकरण की तारीख और जरूरी सावधानियों की जानकारी ले सकते हैं.

बकरी के छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. इसलिए मौसम बदलने पर उन्हें ठंड, बारिश और नमी से बचाकर रखना चाहिए. बच्चों को साफ और सूखी जगह पर रखें और उनके खाने-पीने का भी खास ध्यान दें. डॉ. राकेश कुमार तिवारी के अनुसार, मौसम बदलने पर थोड़ी सी सावधानी बरतकर बकरियों को कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सकता है. पशुपालकों को साफ-सफाई, संतुलित आहार, साफ पानी और समय पर टीकाकरण पर ध्यान देना चाहिए. अगर बकरी में कोई असामान्य लक्षण दिखाई दे तो खुद से दवा देने के बजाय पशु चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए.

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October 02, 2026, 18:42 IST

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