Rajasthan

फतेहपुर सीकरी के मुस्लिम कारीगर बना रहे 65 फीट का हाईटेक रावण, रिमोट दबाते ही हवा में उड़ेंगे 10 सिर

Last Updated:October 05, 2026, 10:57 IST

Ajmer Muslim Artisans Making 65 ft Ravana Effigy: अजमेर के पटेल मैदान में नगर निगम द्वारा आयोजित होने वाले दशहरा महोत्सव की तैयारियां काफी तेज हो गई हैं. फतेहपुर सीकरी से आए मुस्लिम कारीगर जाकिर अहमद और उनका परिवार रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले बना रहे हैं. इस साल रावण का पुतला 65 फीट और कुंभकरण-मेघनाथ के पुतले 45 फीट ऊंचे होंगे. इस बार रावण बेहद हाईटेक होगा जो आंखें झपकाएगा, तलवार लहराएगा और मुंह से अंगारे उगलेगा. रिमोट कंट्रोल के जरिए रावण के सिर एक-एक कर उड़ेंगे. यह सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनोखी मिसाल है.

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Ajmer: राजस्थान की धार्मिक नगरी अजमेर में दशहरा महोत्सव को लेकर उत्साह का माहौल है. शहर के ऐतिहासिक पटेल मैदान में नगर निगम की ओर से आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. बुराई पर अच्छाई की जीत के इस महापर्व में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले दहन किए जाते हैं. अजमेर में इन पुतलों का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है. इस बार की सबसे खास बात यह है कि इन विशाल और आकर्षक पुतलों को आकार देने वाले कारीगर उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी से आए मुस्लिम समुदाय के लोग हैं. यह हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहद खूबसूरत मिसाल है, जो समाज को प्रेम का संदेश देती है.

पुतलों को तैयार करने वाले मुख्य कारीगर जाकिर अहमद ने बताया कि रावण दहन की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है. पुतलों का कच्चा ढांचा और सजावट का काम पिछले तीन महीने से उनके गांव फतेहपुर सीकरी में चल रहा था. अजमेर में पुतला दहन से जुड़ी अधिकांश सामग्री वे अपने गांव से ट्रकों में भरकर लाए हैं. जाकिर अहमद और उनकी टीम को अजमेर आए हुए अभी पांच दिन का समय बीता है. मैदान में पुतलों का विशाल ढांचा खड़ा किया जा रहा है और अब बांस, कागज और रंगीन कपड़ों की मदद से उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है. पुतलों की मजबूती के साथ-साथ उनकी सजावट और तकनीकी व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जा रहा है.

65 फीट ऊंचा होगा रावण का विशाल पुतलाइस बार अजमेर के पटेल मैदान में रावण का पुतला बेहद विशाल और भव्य नजर आएगा. कारीगर जाकिर अहमद के अनुसार, रावण के पुतले की ऊंचाई लगभग 65 फीट रखी गई है. इसके साथ ही कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी ऊंचाई करीब 45 फीट रखी गई है. पुतलों को आकर्षक बनाने के लिए चमकीले कागजों का इस्तेमाल किया जा रहा है. दिन-रात की मेहनत के बाद इन निर्जीव ढांचों में रंग भरकर इन्हें दशहरे के दिन के लिए तैयार किया जा रहा है.

इस बार रावण में क्या होगा खासइस बार रावण दहन का नजारा आम वर्षों की तुलना में काफी अलग और रोमांचक होने वाला है. कारीगरों ने रावण के पुतले में कई तरह के खास तकनीकी इंतजाम किए हैं. दशहरे के दिन जब लोग रावण को देखने आएंगे, तो वह अपनी आंखें झपकाता हुआ नजर आएगा. इतना ही नहीं, तकनीक की मदद से रावण अपने हाथों में पकड़ी हुई विशाल तलवार को भी लहराएगा. रावण के मुंह से अंगारे निकलने का जीवंत दृश्य भी दर्शकों को रोमांचित करेगा. इसके अलावा रावण के दस सिरों को जलाने के लिए भी रिमोट कंट्रोल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे रिमोट का बटन दबाते ही रावण के सिर एक-एक करके हवा में उड़ जाएंगे.

परिवार के सदस्य मिलकर संभालते हैं कामजाकिर अहमद बताते हैं कि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से अजमेर आ रहा है. उनके परिवार के कई सदस्य मिलकर इन पुतलों को बनाने का काम पूरी शिद्दत के साथ करते हैं. सभी सदस्यों के बीच अलग-अलग काम बंटा हुआ है. कोई ढांचे को मजबूती देता है, तो कोई कागज और रंग-रोगन का काम संभालता है. एक मुस्लिम परिवार द्वारा हिंदू धर्म के इस प्रमुख त्योहार के लिए रावण के पुतले तैयार करना दोनों धर्मों के बीच के गहरे जुड़ाव को दर्शाता है. दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद दशहरे के दिन तक तीनों पुतलों को दहन के लिए पूरी तरह से तैयार कर दिया जाएगा.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Ajmer,Ajmer,Rajasthan

First Published :

October 05, 2026, 10:57 IST

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