Supreme Court News: ‘जब हमने फाइल पढ़ी ही नहीं तो…’, वकील की दलील सुन भड़के जज साहब, पंजाब सरकार को राहत नहीं

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‘जब हमने फाइल पढ़ी ही नहीं तो…’, सुप्रीम कोर्ट से पंजाब सरकार को राहत नहीं
Last Updated:October 08, 2026, 12:11 IST
Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है. इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीबीआई को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया गया था. इस मामले में अब शुक्रवार 9 अक्टूबर को सुनवाई होगी.पंजाब सरकार को तुरंत कोई राहत नहीं; SC ने CM मान के OSD से जुड़े CBI के ‘भ्रष्टाचार’ की जांच के खिलाफ याचिका पर सुनवाई टाली
Supreme Court News: पंजाब सरकार को गुरुवार 8 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट से तुरंत कोई राहत नहीं मिली. मामला मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजवीर घुमन और अन्य लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI से जांच कराने के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ था. पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई. अब सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की याचिका पर कल यानी शुक्रवार को सुनवाई होगी.
इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने किया. गुरुवार को सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने आइटम नंबर 16 पर मामले की सुनवाई के लिए कुछ समय मांगा. इस पर जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा था कि मामला सोमवार को लिया जाएगा, क्योंकि फाइल पीठ के पास देर से पहुंची है.
वकील विकास सिंह ने अनुरोध किया कि मामले को शुक्रवार को ही सुना जाए. उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं हुई है. विकास सिंह ने कहा, ‘क्या आपके लॉर्डशिप इसे कल सुन सकते हैं? अभी तक कोई जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं हुई है.’ इस पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता ने जवाब दिया. ‘जब हमने फाइल पढ़ी ही नहीं है, तो हम इसे कैसे सुन सकते हैं? अंतरिम आदेश कैसे दिया जा सकता है.’
इसके बाद मामले को शुक्रवार के लिए लिस्ट कर दिया गया और पंजाब सरकार को हाई कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ तुरंत कोई अंतरिम सुरक्षा नहीं मिली. यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि सीबीआई ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है. इस बीच मंगलवार को सीबीआई ने चंडीगढ़ और पंजाब में आठ जगहों पर एक साथ छापेमारी की. इसमें चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस और संगरूर व मोहाली में घुमन से जुड़ी जगहें शामिल थी. बुधवार को CBI ने जांच के सिलसिले में घुमन और अन्य सहयोगियों को चंडीगढ़ ऑफिस में पेश होने के लिए बुलाया.
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के 5 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी है. इसमें CBI को उस मामले की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया गया था. यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब के DGP को लिखे गए तीन पत्रों से जुड़ा था.
हाईकोर्ट ने CBI को केस दर्ज करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था. साथ ही पंजाब सरकार और पुलिस को जांच एजेंसी को पूरा सहयोग देने का भी आदेश दिया था. ED ने पंजाब के DGP गौरव यादव को तीन पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि मान के OSD राजवीर घुमन और उनके साथियों नितिन गोहल और बीर देविंदर भ्रष्टाचार में शामिल थे.
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसी ने दावा किया था कि वे सरकारी टेंडर के अलावा प्रशासनिक ट्रांसफर और पोस्टिंग में भी दखल दे रहे थे, और उन्होंने FIR दर्ज करने की मांग की थी. जब पंजाब पुलिस ने ED के पत्रों के आधार पर कोई मामला दर्ज नहीं किया, तो वकील निखिल सराफ ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में CBI जांच की मांग करते हुए एक पीआईएल दायर की.
याचिका में आरोप लगाया गया था कि ED के पत्रों में पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप थे. पंजाब पुलिस और पंजाब विजिलेंस के प्रभाव से मुक्त निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी. सीबीआई जांच का आदेश देते हुए हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी को दो महीने के भीतर अपनी स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया.
About the Authorशंकर पंडित
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…
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October 08, 2026, 12:11 IST



