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‘गांव छोड़कर चले जाएंगे’, गुजरात के साबरकांठा में आस्था पर चोट से भड़के 75 हिंदू परिवार, गणेशपुरा में पुलिस तैनात

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‘गांव छोड़कर चले जाएंगे’, साबरकांठा में आस्था पर चोट से भड़के 75 हिंदू परिवार

Last Updated:October 10, 2026, 19:00 IST

गुजरात के साबरकांठा जिले के ईडर तालुका स्थित गणेशपुरा गांव में तनाव फैल गया है. यहां रावत समाज के 75 से अधिक हिंदू परिवारों ने कथित उत्पीड़न और धमकियों से तंग आकर गांव से पलायन की चेतावनी दी है. धार्मिक आस्था पर प्रहार और बेटियों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे. हिंदू संगठनों के समर्थन के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.Amazon Prime DayTop Deals Inside'गांव छोड़कर चले जाएंगे', साबरकांठा में आस्था पर चोट से भड़के 75 हिंदू परिवारZoomसाबरकांठा के गणेशपुरा में भड़का तनाव, 75 हिंदू परिवारों ने दी गांव से पलायन की चेतावनी. (AI Generated Image)

न्यूज18 गुजराती: गुजरात के साबरकांठा जिले के ईडर तालुका का गणेशपुरा गांव इस समय भारी तनाव से गुजर रहा है. यहां रावत समाज के 75 से अधिक हिंदू परिवारों ने गांव छोड़ने का मन बना लिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि दूसरे समुदाय के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं. गांव की बेटियों की सुरक्षा और धार्मिक आस्था पर हो रहे हमलों से लोग बेहद खौफ में हैं. नवरात्रि के दौरान गरबा और डीजे की आवाज दबाने से लेकर धार्मिक आस्था के प्रतीक बरगद के पेड़ को जलाने जैसी घटनाओं ने विवाद भड़का दिया है. इस कथित उत्पीड़न से परेशान होकर अब पीड़ितों ने सीधे पलायन की चेतावनी दे दी है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी ग्रामीणों के साथ खड़े हो गए हैं. ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है. इस विवाद के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

गणेशपुरा गांव में 75 से ज्यादा हिंदू परिवारों के सामने अचानक पलायन की नौबत क्यों आ गई?

गणेशपुरा गांव में दोनों समुदाय के लोग लंबे समय से एक साथ रहते आए हैं. पिछले कुछ समय से यहां का माहौल अचानक काफी तनावपूर्ण हो गया है. रावत समाज के परिवारों का साफ आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व उन्हें लगातार निशाना बना रहे हैं. इन तत्वों की हरकतों की वजह से गांव में दहशत का माहौल बन गया है. लगातार मिल रही धमकियों ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. इसी मानसिक तनाव और डर की वजह से 75 से अधिक परिवारों ने अब गांव छोड़ने का फैसला लिया है.

(वीडियो : गुजराती)

ग्रामीणों के मुताबिक गांव की बहन और बेटियां इस समय खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. आरोप है कि महिलाओं के साथ सरेआम अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है. उन्हें इलाके में बाहर न निकलने की धमकियां तक दी जा रही हैं. विवाद की एक बड़ी वजह धार्मिक आस्था पर हुआ सीधा हमला भी है.

ग्रामीणों का कहना है कि एक साल पहले लगाए गए पवित्र बरगद के पेड़ पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर उसे सुखा दिया गया. इसके अलावा नवरात्रि के दौरान गरबा और डीजे की आवाज कम कराने का दबाव बनाया जाता था. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोगों में गहरा रोष फैल गया है.

हिंदू संगठनों के समर्थन और एसपी दफ्तर में शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन ने क्या एक्शन लिया?

गांव में हालात बिगड़ने की खबर मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे. संगठनों ने गणेशपुरा में बैठक करके पीड़ित परिवारों को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया. इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और हिंदू संगठन के प्रतिनिधि जिला पुलिस प्रमुख के कार्यालय पहुंचे. वहां उन्होंने पुलिस को लिखित ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

गणेशपुरा में फिलहाल क्या स्थिति है?

About the Authorदीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…

और पढ़ेंFirst Published :

October 10, 2026, 18:51 IST

(वीडियो : गुजराती)

ग्रामीणों के मुताबिक गांव की बहन और बेटियां इस समय खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. आरोप है कि महिलाओं के साथ सरेआम अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है. उन्हें इलाके में बाहर न निकलने की धमकियां तक दी जा रही हैं. विवाद की एक बड़ी वजह धार्मिक आस्था पर हुआ सीधा हमला भी है.

ग्रामीणों का कहना है कि एक साल पहले लगाए गए पवित्र बरगद के पेड़ पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर उसे सुखा दिया गया. इसके अलावा नवरात्रि के दौरान गरबा और डीजे की आवाज कम कराने का दबाव बनाया जाता था. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोगों में गहरा रोष फैल गया है.

हिंदू संगठनों के समर्थन और एसपी दफ्तर में शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन ने क्या एक्शन लिया?

गांव में हालात बिगड़ने की खबर मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे. संगठनों ने गणेशपुरा में बैठक करके पीड़ित परिवारों को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया. इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और हिंदू संगठन के प्रतिनिधि जिला पुलिस प्रमुख के कार्यालय पहुंचे. वहां उन्होंने पुलिस को लिखित ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

गणेशपुरा में फिलहाल क्या स्थिति है?

गणेशपुरा गांव में बने इस माहौल ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़ित परिवारों का साफ कहना है कि जब तक आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. वे अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग पर पूरी तरह अड़े हुए हैं. दूसरी तरफ पुलिस की टीमें पूरे गांव पर नजर रख रही हैं. गांव में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया है. अधिकारी लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं ताकि शांति बनी रहे.

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