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Longest Power Transmission : भारत बिछाएगा सिंगापुर तक पॉवर लाइन, 5 देशों से गुजरेगी 3000 किलोमीटर केबल

Last Updated:October 10, 2026, 23:03 IST

Longest Power Transmission : भारत ने बिजली निर्यात के लिए अब तक के सबसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम की योजना बनाई है. इस प्रोजेक्ट में भारत से सिंगापुर तक ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी, जो करीब 3,000 किलोमीटर लंबी होगी. यह ट्रांसमिशन लाइन भारत से चलकर म्यामार, थाईलैंड, मलेशिया के रास्ते सिंगापुर तक जाएगी.Amazon Prime DayTop Deals Insideभारत बिछाएगा सिंगापुर तक पॉवर लाइन, 5 देशों से गुजरेगी 3000 किलोमीटर केबलZoomभारत और सिंगापुर ने 3,000 किलोमीटर का इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट बनाया है.

नई दिल्ली. भारत ने अपनी इन्फ्रा परियोजनाओं को किस कदर विस्तार दिया है, इसकी एक बानगी नए पॉवर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट में दिखाई देती है. इसे अब तक का सबसे बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जो भारत से शुरू होकर सिंगापुर तक जाएगा. इस प्राजेक्ट के तहत 3 हजार किलोमीटर तक केबल बिछाई जाएगी, जो भारत से चलकर म्यामार, थाईलैंड, मलेशिया के रास्ते सिंगापुर तक जाएगी. इस प्रोजेक्ट का मकसद देश को ऊर्जा सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने के साथ दूसरे देशों को भी इसका निर्यात करना है.

पूर्वी एशिया के 10वें ऊर्जा सम्मेलन के दौरान भारत और सिंगापुर ने मिलकर इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने की मंशा जताई. 3,000 किलोमीटर का यह क्रॉस बॉर्डर पॉवर ट्रांसमिशन कॉरिडोर इम्फाल से शुरू होकर म्यामार, थाईलैंड और मलेशिया के रास्ते सिंगापुर तक जाएगा. यह प्रोजेक्ट करीब 2 हजार मेगावाट का होगा, जो भारत और सिंगापुर को सीधे कनेक्ट करेगा. फिलीपींस की राजधानी मनीला में ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के बाद इस प्रोजेक्ट पर सहमति जताई गई.

भारत से सिंगापुर तक बिजली लाइन बिछाई जाएगी.

देश के बाहर कनेक्टिवटी बढ़ा रहा भारतसिंगापुर की तरफ से यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब भारत अपनी सीमाओं के पार जाकर दूसरे देशों के साथ बिजली कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दे रहा है. इस प्रोजेक्ट के पहले भी भारत ने बांग्लादेश, नेपाल, म्यामार और भूटान के साथ बिजली कनेक्शन बना रखे हैं और इन देशों को बिजली निर्यात भी कर रहा है. श्रीलंबा के साथ अभी इंटरकनेक्शन पर बातचीत चल रही है, जबकि भारत के पॉवर ग्रिड को सऊदी अरब और यूएई के ग्रिड से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है. इन प्रोजेक्ट के अलावा भारत ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस की ‘वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड’ पहल के जरिये क्षेत्रीय बिजली कनेक्टिवविटी को भी बढ़ावा देने पर काम शुरू किया है.

भारत से बिजली खरीदेगा सिंगापुरकेंद्रीय बिजली मंत्री श्रीपद नाइक का कहना है कि इस प्राजेक्ट के जरिये सिंगापुर एनर्जी मार्केट अथॉरिटी ने साल 2035 तक 6 गीगावाट बिजली खरीदने का लक्ष्य बनाया है. इस क्लीन एनर्जी को जमीन के माध्यम से ही सिंगापुर तक पहुंचाने का प्लान है. आसियान देशों के साथ एनर्जी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए भारत की तमाम कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें एनटीपीसी, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन, सेंट्रल इलेक्ट्रिक अथॉरिटी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विंड एनर्जी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी जैसे संस्थान बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.

About the AuthorPramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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New Delhi,Delhi

First Published :

October 10, 2026, 22:50 IST

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